नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट का इतिहास कई ऐसे दिग्गजों से भरा पड़ा है, जिन्होंने बहुत छोटी उम्र में बड़े-बड़े मुकाम हासिल किए. लेकिन बिहार के समस्तीपुर से निकलकर भारतीय क्रिकेट के क्षितिज पर चमकने वाले युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी की कहानी कुछ अलग ही गति से आगे बढ़ रही है. महज 15 साल की उम्र में वैभव ने पिछले 2 सालों के भीतर ऐसे 7 ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं, जिसने अंडर-19 के घरेलू मैदानों से लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट तक उनकी एक नई और बुलंद पहचान बना दी है.
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) की क्रिकेट यात्रा केवल रन बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर बार क्रीज पर उतरकर एक नया इतिहास रचने की कहानी है. पिछले दो सालों में उन्होंने रेड बॉल और व्हाइट बॉल, दोनों ही फॉर्मेट में अपनी आक्रामक और परिपक्व बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है. इस दौरान उन्होंने ऐसे 7 बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, जिसने भारतीय क्रिकेट के जानकारों को हैरान कर दिया है.
वैभव सूर्यवंशी के दो साल में बनाए गए 7 महारिकॉर्ड की लिस्ट.
रेड बॉल और वनडे क्रिकेट में ऐतिहासिक शुरुआत
इतिहास रचने की यह शुरुआत लाल गेंद के खेल यानी टेस्ट फॉर्मेट से हुई थी. जब वैभव ने अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट में शतक जड़ा, तो उस वक्त उनकी उम्र महज 13 साल 187 दिन थी. इसके साथ ही वह इस फॉर्मेट में शतक बनाने वाले दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज बन गए. टेस्ट के बाद वनडे फॉर्मेट में भी उनकी बल्ले की चमक कम नहीं हुई. 14 साल 100 दिन की उम्र में उन्होंने अंडर-19 वनडे में शतक ठोककर अपने इरादे साफ कर दिए थे.
आईपीएल में गेल का रिकॉर्ड ध्वस्त और टी20 में धमाका
वैभव का असली तूफान आना अभी बाकी था. टी-20 क्रिकेट की सबसे बड़ी लीग यानी आईपीएल में जब राजस्थान रॉयल्स ने इस युवा प्रतिभा पर भरोसा जताया, तो वैभव ने निराश नहीं किया. उन्होंने 14 साल 32 दिन की उम्र में आईपीएल इतिहास का सबसे कम उम्र में शतक जड़ने का कारनामा किया. इस दौरान उन्होंने बड़े-बड़े गेंदबाजों की गेंदों पर ऐसे छक्के जड़े कि हर कोई भौचक्का रह गया. आईपीएल में ही उन्होंने एक सीजन में 72 छक्के लगाकर टी-20 के महानतम बल्लेबाज क्रिस गेल (Chris Gayle) का सबसे ज्यादा छक्कों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया.
टीम इंडिया के लिए सबसे कम उम्र में मैच जिताऊ प्रदर्शन
घरेलू टी-20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी वैभव ने अपनी वही आक्रामक शैली जारी रखी और 14 साल 250 दिन की उम्र में शतक जमाकर सबसे युवा शतकवीर बने. अपनी लगातार शानदार परफॉर्मेंस के दम पर उन्होंने जल्द ही टीम इंडिया की जर्सी पहनी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा. महज 15 साल 99 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने के बाद, उन्होंने 15 साल 118 दिन की उम्र में टी-20 इंटरनेशनल में अपना पहला अर्धशतक जमाया और सबसे कम उम्र में फिफ्टी जड़ने वाले खिलाड़ी बने. इसके ठीक तीन दिन बाद, यानी 15 साल 121 दिन की उम्र में वह भारतीय पुरुष क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम उम्र में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी भी बने.
दलीप ट्रॉफी में तोड़ा 57 साल पुराना रिकॉर्ड
टी-20 और वनडे में अपनी काबिलियत साबित करने के बाद वैभव ने साबित किया कि उनका क्लास रेड बॉल फॉर्मेट में भी उतना ही मजबूत है. दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन की उपकप्तानी संभालते हुए उन्होंने सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में महज 81 गेंदों पर 92 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. भले ही वह 8 रन से अपने शतक से चूक गए, लेकिन इस पारी से उन्होंने 57 साल पुराना एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया. वह 15 साल 157 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले इतिहास के सबसे युवा बल्लेबाज बन गए.
साल 2026 में रनों का अंबार और छक्कों का राजा
साल 2026 वैभव सूर्यवंशी के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा है. इस साल उन्होंने इंडिया अंडर-19, इंडिया ए, भारत की सीनियर टीम, राजस्थान रॉयल्स और दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए मैदान पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा. सभी फॉर्मेट को मिलाकर खेले गए 41 मैचों की 41 पारियों में वैभव ने 2022 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया है. इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक और 14 अर्धशतक निकले हैं.
वैभव ने इस साल 161 छक्के लगाए हैं
वैभव की बल्लेबाजी का सबसे खास पहलू उनकी टाइमिंग और बाउंड्री लगाने की असीम क्षमता है. इस साल अब तक उन्होंने 179 चौके और 161 छक्के लगाए हैं. सभी फॉर्मेट मिलाकर इस साल सबसे ज्यादा छक्के उड़ाने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज हो चुका है. अंडर-19 के शुरुआती दिनों से लेकर अब रेड बॉल और इंटरनेशनल स्तर तक, वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और अगर प्रतिभा और जज्बा हो तो क्रिकेट का हर मैदान फतेह किया जा सकता है.


