शौचालय के देवता! प्राचीन रोम से जापान तक, जानें अजीबोगरीब देवी-देवताओं की कहानी, जो शौच से जुड़े थे!


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God of toilets: दुनियाभर के कई देशों की संस्कृतियों ने शौचालयों, शौच स्थानों और मल को दैवीय महत्व दिया है. सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन ये सच है. अंग्रेजी बेवसाइट हिस्टोरी के मुताबिक, कुछ शौचालय देवता बीमारी, मौत या अन्य दुर्भाग्य से संबंध रखते हैं, वहीं कई देवता इसे स्वास्थ्य, प्रजनन क्षमता और समृद्धि का प्रतीक मानते हैं.

आज हम आपको कुछ ऐसी प्राचीन सभ्यताओं के बारे में बताएंगे जिन्होंने इन असामान्य देवताओं को अपनाया है.

प्राचीन रोम में शौचालय के देवता

प्राचीन रोम संस्कृति में शौचालय के देवता की भूमिका विशेष रूप से प्रमुख भूमिका थी. इन देवताओं को शहर की सीवर व्यवस्था और शौच से जुड़ी समस्याओं को दुरुस्त बनाने का कार्य दिया गया था.

क्लोएसीन रोम की सीवरों की देवी

क्लोएसीना रोम की सबसे प्रसिद्ध शौचालय देवताओं में से एक थीं, जो रोम की विशाल और जटिल सीवर प्रणाली, क्लोका मैक्सिमा की संरक्षक देवी भी मानी जाती थी. 

क्लोएसीना को शहर की जल निकासी व्यवस्था का कार्याभार सौंपा गया था. रोम में वह इतनी पूजनीय थीं रोमन फोरम में उनका एक पवित्र स्थान था, जहां नागरिक उस दौरान जमा होते थे जब सीवर जाम हो जाते थे और वे दैवीय शक्तियों से इसे ठीक करने की प्रार्थना करते थे. 

स्टेरकुटियस ऊपजाऊ खेतों के देवता

क्लोएसीना के अलावा रोमन देवता में स्टेरकुटियस भी प्रमुख थे, जिनका नाम लैटिन शब्द स्टेरकस से लिया गया है. 

स्टेरकुटियस किसान वर्ग के बीच काफी पूजनीय माने जाते थे. ऐसा माना जाता था कि, वह खेतों की रक्षा करने के साथ खाद का इस्तेमाल उर्वरक के रूप में उर्वरता बनाए रखने के लिए करते थे. कृषि से इस गहरे जुड़ाव के कारण उन्हें रोमन लोगों के बीच काफी महत्वपूर्ण बना दिया.

क्रेपिटस पेट फूलने के देवता

प्रारंभिक ईसाई स्त्रोतों के मुताबिक, रोम के लोग गैस के देवता कहे जाने वाले क्रेपिटस की भी पूजा करते थे. माना जाता है कि, जो भी लोग दस्त या कब्ज से पीड़ित रहते थे, वे क्रेपिटस देवता का आह्वान करते थे. हालांकि आधुनिक इतिहासकारों को प्रामाणिक रोमन ग्रंथों में ऐसे किसी भी देवता का जिक्र देखने को नहीं मिला है. 

रोमन लोग बेशक सीवर से जुड़े देवताओं के लिए प्रसिद्ध हो, लेकिन शौचालय के देवताओं की अवधारणा उनके साम्राज्य में काफी प्रसिद्ध है. 

उदाहरण के लिए देखा जाए तो, जापान में उसुसामा म्यो ओ शौचालय के देवता हैं, जो लोगों को शौचालयों में होने वाली घटनाओं से बचाते हैं.  

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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