Magh Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि में मां भुवनेश्वरी की पूजा दिलाती है आर्थिक तरक्की, बस कर लें छोटा सा उपाय
Gupt Navratri 2026 Maa Bhuvneshwari: गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्या की पूजा होती है. माघ मास की गुप्त नवरात्रि में चौथे दिन मां भुवनेश्वरी की पूजा की जाती है, 22 जनवरी को गुप्त नवरात्रि का चौथा दिन है. शास्त्रों के अनुसार मां भुवनेश्वरी की पूजा ऐश्वर्य, धन प्राप्ति, की प्राप्ति होती है. सनातन परंपरा में भुवनेश्वरी जयंती देवी को राज राजेश्वरी पराम्बा के नाम से भी पूजा जाता है.मां भुवनेश्वरी की साधना समस्त प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु की जाती है. सन्तान, धन, ज्ञान तथा सौभाग्य प्राप्ति के लिए देवी की पूजा की जाती है.
मां भुवनेश्वरी की पूजा विधि
गृहस्थ जीवन वाले माता भुवनेश्वरी को प्रसन्न करने के लिए सामान्य रूप से देवी की पूजा करें. इसके लिए सुबह मूर्ति को एक चौकी पर लाल रंग के आसन पर स्थापित करना चाहिए. इसके बाद माता को गंगाजल से स्नान कराएं और उसके बाद देवी लाल पुष्प, रोली, चंदन, अक्षत और रुद्राक्ष विशेष रूप से अर्पित करें. इसके बाद देवी की कथा कहें और मां भुवनेश्वरी के मंत्र का जाप करें. 10 साल से कम उम्र की कन्या को भोज कराने का बहुत ज्यादा पुण्यफल माना गया है.
मां भुवनेश्वरी का मंत्र
‘ह्रीं भुवनेश्वरीयै ह्रीं नमः’ मंत्र मां भुवनेश्वरी को समर्पित है. गुप्त नवरात्रि में इसका जाप करने से सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है. सामाजिक पदों पर सफलता मिल सकती है और देवी की कृपा होने से आत्मबल और निर्णय लेने की क्षमता में भी वृद्धि होती है.
धन प्राप्ति के लिए करें ये उपाय
जयति जयति जगदम्बे मातु, भुवनेश्वरी जय जय हे मातु।
सर्व मंगल कारण देवी, सद्गुण सुरसा मातु हे वी।
॥चौपाई॥
जयति जयति जगदम्बे भवानी,
करुणा सिन्धु भक्त सुखदानी।
शरणागत वत्सल भवानी,
सर्वशक्ति प्रदायिनी माँ भवानी।
तुम ही विश्व की हो आधार,
तुमसे ही सबका उद्धार।
शक्ति रूपिणी तुम मातु भवानी,
सभी के जीवन की हो कहानी।
तुम्हारी महिमा अपरम्पार,
तुम्हारे बिना कौन है उपकार।
तुमसे ही सबकी होती रक्षा,
तुम्हीं हो समस्त जगत की रक्षक।
तुम्हारी कृपा से सब सुखी,
तुम्हारी कृपा से सब दुःखी।
तुम्हारे बिना सब असहाय,
तुम्हारे बिना सब निर्बल।
हे माँ तुम्हारी महिमा न्यारी,
तुमसे ही सारी सृष्टि हमारी।
तुम्हारे चरणों में जो भी आए,
सभी को सुख-शांति मिल जाए।
संकट में जो तुम्हें पुकारे,
तुम उसकी सुधि सदा सहारे।
तुम्हारी कृपा से ही हो सबका कल्याण,
तुम्हारे बिना सब बेकार।
तुम ही तो सबकी पालनहार,
तुम्हीं हो सबकी उद्धार।
तुम्हारी शरण में जो भी आए,
उसका जीवन धन्य हो जाए।
जयति जयति माँ भवानी,
तुमसे ही सबकी जुड़ी कहानी।
तुम्हारे बिना सब अधूरा,
तुम्हारे बिना सब सूना।
॥दोहा॥
जयति जयति जगदम्बे मातु, भुवनेश्वरी जय जय हे मातु।
सर्व मंगल कारण देवी, सद्गुण सुरसा मातु हे वी।
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