Bengaluru Traffic Nightmare: बेंगलुरु की ट्रैफिक परेशानी अब सिर्फ स्थानीय मुद्दा नहीं रही, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स 2025 के आकड़े के मुताबिक, बेंगलुरु दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा जाम वाला शहर बन चुका है, जो बहुत गंभीर समस्या है. रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए यह बढ़ती हुई आकड़ें परेशानी का सबब बनती है.
रिपोर्ट के मुताबिक मेक्सिको सिटी पहले स्थान पर सबसे ऊपर है, जबकि वहीं बेंगलुरु की बात की जाए तो मेक्सिको सिटी के बाद दूसरे नंबर पर पहुंच गया है, जो यह दर्शाता है कि बड़े और तेजी से बढ़ते शहरों में ट्रैफिक जाम लोगों को चिंता में डाल रहा है.
टॉप 20 में अन्य भारतीय शहर
भारत के अन्य शहरों के नाम इस लिस्ट में पीछे नहीं हैं. वे भी ट्रैफिक जाम की लिस्ट में अच्छे स्थान पर हैं. पुणे पांचवें और मुंबई 18वें स्थान पर है. इससे साफ है कि देश के प्रमुख महानगरों में ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर सफर कर रहे लोगों को झेलना पड़ रहा है.
हर साल बिगड़ती रैंकिंग
बेंगलुरु की स्थिति साल दर साल खराब होती जा रही है. साल 2023 में यह छठे, 2024 में तीसरे और अब 2025 में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. तमाम विकास योजनाओं के लाभ उठाने के बावजूद ट्रैफिक समस्या कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ती ही जा रही है.
2025 में पीक आवर्स के दौरान बेंगलुरु में औसत रफ्तार घटकर 13.9 किमी प्रति घंटा रह गई है, जो पिछले साल से भी कम है. जो सुबह और शाम की सड़कों पर गाड़ियों की भीड़भाड़ दिखती है.
10 किलोमीटर का सफर और ज्यादा लंबा
अब बेंगलुरु में 10 किमी दूरी तय करने में लगभग 36 मिनट 9 सेकंड लगते हैं, जो 2024 के मुकाबले दो मिनट से ज्यादा है, जो रोजमर्रा के मुसाफिरों के लिए एक दुखद समस्या है. रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु के लोग साल में लगभग 168 घंटे सिर्फ ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. इससे काम-काज और निजी जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है.
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