यहां 5 मंजिला दीवार चढ़कर पास होती है ग्रेजुएशन की परीक्षा, जानें ताइवान के इस स्कूल की कहानी
ताइवान के चांगहुआ काउंटी का एक सरकारी स्कूल इन दिनों दुनियाभर में चर्चा में है. वजह है यहां का ऐसा अनोखा ग्रेजुएशन नियम, जिसे जानकर लोग हैरान रह जा रहे हैं. इस स्कूल में छात्रों को ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट पाने के लिए परीक्षा नहीं, बल्कि एक 5 मंजिला ऊंची दीवार चढ़नी होती है. दरअसल, यह मामला ताइवान के एरशुई जूनियर हाई स्कूल का है. इस स्कूल के कैंपस में ताइवान की सबसे ऊंची रॉक क्लाइम्बिंग वॉल मौजूद है, जिसकी ऊंचाई करीब 15 मीटर है. यह ऊंचाई लगभग एक पांच मंजिला इमारत के बराबर मानी जाती है. यहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह दीवार सिर्फ खेल नहीं, बल्कि ग्रेजुएशन की शर्त है.
यहां ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट के लिए चढ़नी होती है दीवार
स्कूल प्रशासन के मुताबिक, छात्रों को हर हफ्ते छह रॉक क्लाइम्बिंग क्लास दी जाती हैं. साल के अंत में जब छात्र इस ऊंची दीवार को सफलतापूर्वक चढ़ लेते हैं, तभी उनके ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट पर साइन किए जाते हैं. यानी अगर दीवार नहीं चढ़ी, तो सर्टिफिकेट भी नहीं. पहली नजर में यह चुनौती किसी भी बड़े इंसान को डराने के लिए काफी है, लेकिन स्कूल के छात्र इसे डर की बजाय एक रोमांच के तौर पर देखते हैं. बच्चों का कहना है कि उन्हें रॉक क्लाइम्बिंग से डर नहीं लगता, बल्कि इसमें उन्हें मजा आता है. कई छात्र तो अपने खाली समय में माता-पिता के साथ मिलकर भी क्लाइम्बिंग की प्रैक्टिस करते हैं.
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स्कूल ने दिया जवाब, बताया क्यों है ये जरूरी
स्कूल का मानना है कि यह अनोखी परंपरा बच्चों के फोकस, संतुलन, आत्मविश्वास और शारीरिक फिटनेस को मजबूत बनाती है. हाल ही में मशहूर क्लाइम्बर एलेक्स होनोल्ड द्वारा ताइपे 101 टावर की फ्री सोलो क्लाइम्बिंग के बाद ताइवान में एडवेंचर स्पोर्ट्स को लेकर रुचि और बढ़ी है, लेकिन एरशुई स्कूल यह काम कई सालों से करता आ रहा है. वीडियो के वायरल होने के बाद अब यूजर्स इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.
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