Kubereshwar Dham: 14 फरवरी से कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव, लाखों लोगों ने डाला डेरा


Mahashivratri 2026, Kubereshwar Dham Rudraksha Mahotsav: देश के सबसे बड़े प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव के एक दिन पहले ही एक लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर परिसर और कथा स्थल पर पहुंच गए है। जिला प्रशासन, विठलेश सेवा समिति और क्षेत्रवासी पूरी आस्था और उत्साह के साथ यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर है. समिति के द्वारा कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए एक भव्य स्थाई पंडाल के अलावा अन्य पंडालों की व्यवस्था की है.

कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से  रुद्राक्ष महोत्सव का आगाज होने जा रहा है, यह महोत्सव 20 फरवरी तक चलेगा. इसके लिए श्री विठ्ठलेश सेवा समिति और प्रशासन ने इस आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं. महोत्सव को लेकर पहले से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है. वहीं जिला प्रशासन ने आयोजन की सफलता के लिए सैकड़ों की संख्या में अधिकारियों और पुलिस बल तैनात किया है,

इसके अलावा विठलेश सेवा समिति ने भी यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के भोजन और अन्य व्यवस्था के लिए 12 सौ से अधिक सेवादार सेवा के लिए व्यवस्था की है. विठलेश सेवा समिति की ओर से यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की. रुद्राक्ष से बनाए विशाल शिव लिंग का महाभिषेक किया जाएगा. व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए  सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक (पार्किंग और सामान्य व्यवस्था) मुस्तैद रहेंगे.

15 फरवरी को ग्रीन शिवरात्रि और ज्योतिर्लिंग गार्डन

इस वर्ष के आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा गया है. ग्रीन शिवरात्रि और ज्योतिर्लिंग गार्डन की स्थापना इस वर्ष 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व ‘ग्रीन शिवरात्रिÓ के रूप में मनाया जाएगा. इस विशेष आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में गोपाल आर्य पर्यावरण गतिविधि एवं पद्मश्री डॉ. उमाशंकर पांडेय जी उपस्थित रहेंगे. परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक स्वरूप पौधों का रोपण कर ‘ज्योतिर्लिंग गार्डनÓ की नींव रखेंगे।

आध्यात्मिक समय-सारणी:

  • सुबह कुबेरेश्वर भंडारी एवं रुद्राक्ष का दिव्य अभिषेक एवं आरती.
  • दोपहर 1 से 4 बजे: पूज्य गुरुजी द्वारा ‘श्री शिवमहापुराण कथाÓ का वाचन इसके अलावा शाम 6:30 बजे: संध्या महा-आरती.
  • विश्व स्तरीय जन-सुविधाएं एवं स्वास्थ्य सेवाएं
  • श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु धाम पर 10 बिस्तरों वाला स्थाई अस्पताल (इमरजेंसी सुविधाओं सहित) शुरू किया गया है.
  • इसके अतिरिक्त 30 एम्बुलेंस और 5 स्वास्थ्य शिविर निरंतर कार्य करेंगे.
  • भोजनशाला में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 4-कतार की व्यवस्था की गई है, जहाँ 200 स्टालों के माध्यम से प्रसाद वितरण होगा.

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