टेस्टिंग के अगले ही दिन फट गई टंकी, बहने लगा पानी, खर्च हुए थे 65 लाख, सामने आया भ्रष्टाचार का वीडियो!


Uttar Pradesh News: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में जल जीवन मिशन योजना की बदहाली को उजागर कर दिया है. वीडियो में दिख रहा है कि पानी की एक टंकी फट गई है और उससे पानी गिर रहा है. बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट पर 65 लाख रुपए खर्च हुए थे.

वीडियो में साफ दिखाई देता है कि ठेकेदार के भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही के कारण यह समस्या हुई. बताया गया है कि टंकी निर्माण के दौरान ठेकेदार ने बालू में मिट्टी मिलाई और घटिया सीमेंट का इस्तेमाल कर टंकी को तैयार किया था.

65 लाख की टंकी कैसे फटी?

चरखारी विधानसभा क्षेत्र के नागराडांग गांव में 65 लाख रुपये खर्च कर बनाई गई टंकी में पानी भरते ही दरारें पड़ गईं. घटना का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद अधिकारी लीपापोती कर रहे हैं. एडीएम नमामि गंगे मोइनुल इस्लाम ने खामी स्वीकारी और कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान करा लिया जाएगा. वहीं टंकी निर्माण कार्यदायी संस्था एससीएलएसएमसीजेवी के प्रोजेक्ट मैनेजर सुनील कुमार पांडेय का कहना था कि दरारें आई ही नहीं हैं, टंकी सिर्फ ओवरफ्लो हुई थी और कुछ ग्रामीणों ने उसका वीडियो बना लिया.

योजना का व्यापक असर और देरी

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से जल जीवन मिशन का काम चल रहा है. योजना 2024 में पूरी होनी थी, लेकिन अब समय सीमा 2026 तक बढ़ा दी गई है. कई गांवों में पाइपलाइन डाल दी गई, लेकिन पानी नहीं पहुंचा. इसके अलावा, पाइपलाइन डालते समय खोदी गई सड़कों की मरम्मत भी नहीं हुई, जबकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सब ठीक है.

बीती 30 जनवरी को विधायक बृजभूषण राजपूत ने समर्थक प्रधानों के साथ मंत्री स्वतंत्रदेव का रास्ता रोककर योजना की कमियां गिनाईं. उनके मुताबिक उनके क्षेत्र के 40 गांवों में पाइपलाइन तो डाली गई, लेकिन लीकेज और खराब सड़कें सुधारी नहीं गईं.

नगाराडांग टंकी में मिली दरारें 

विकासखंड जैतपुर की ग्राम पंचायत नगाराडांग की प्रधान गायत्री ने बताया कि योजना पर करीब 261.51 लाख रुपये खर्च किए गए. 95 गांवों में 900 किमी पाइपलाइन डाली गई और 32 हजार परिवारों को कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया.

उनके गांव में 2025 में टंकी बनी, जिसमें 13 फरवरी को पानी भरा गया, लेकिन अगले दिन ही कई जगह दरारें आ गईं और पानी बहने लगा. उन्होंने डीएम गजल भारद्वाज को टंकी फटने की जानकारी दी और सरकारी धन के दुरुपयोग व निर्माण में मनमानी का आरोप लगाया. एडीएम मोइनुल इस्लाम का कहना है कि समस्या को दुरुस्त कराया जा रहा है.

जनता का गुस्सा और सवाल

स्थानीय लोग इस मामले को मिशन की धोखाधड़ी मान रहे हैं. उनका कहना है कि इसके जरिए ठेकेदार और कुछ सरकारी अधिकारी मिलकर जनता का पैसा उड़ा रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि “ऐसी योजनाओं में भारी रकम खर्च होने के बावजूद ठेकेदारों और अधिकारियों की लापरवाही से जनता को फायदा नहीं, बल्कि नुकसान होता है.”





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