होली पर चंद्र ग्रहण
इस साल होलिका दहन का पर्व 2 मार्च 2026 दिन सोमवार को, चंद्र ग्रहण 3 मार्च को और रंगों वाली होली 4 मार्च को खेली जाएगी, जिससे इसका प्रभाव देश-दुनिया समेत अर्थव्यवस्था, राजनीति, करियर, मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर पड़ने वाला है. यह चंद्र ग्रहण कई लोगों के लिए शुभ नहीं रहेगा क्योंकि यह कई बदलाव लेकर आ रहा है.
होली पर चंद्र ग्रहण का साया
इस बार होली पर चंद्र ग्रहण का साया रहने वाला है. बहुत से लोग 3 मार्च को होलिका दहन करेंगे तो ऐसे में कन्फ्यूजन है कि होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण है तो कैसे क्या होगा. तो हम आपको बता दें कि भारत में चंद्रोदय होने से पहले ही चंद्र ग्रहण खत्म भी हो जाएगा. इसलिए होलिका दहन पर लगने वाला यह चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदय ग्रहण कहा जा रहा है.
क्या यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
हां, इस बार पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत से भी दिखाई देगा, इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे इस ग्रहण के लिए तैयार रहें क्योंकि वे इसे अपनी खुली आंखों से भी देख सकते हैं. भारत में चंद्र ग्रहण लगभग 25 मिनट तक दिखाई देगा.
क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
हां, जैसा कि ऊपर बताया गया है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए उस समय सूतक काल भी रहेगा.
सूतक काल कब शुरू होगा?
सूतक काल चंद्र ग्रहण से नौ घंटे पहले शुरू हो जाएगा और ग्रहण समाप्त होने के बाद खत्म होगा. इस दौरान शुभ कार्य, पूजा-पाठ आदि से बचना चाहिए. चंद्र ग्रहण का सूतक काल भारत में 6 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो जाएगा. इसका असर होली के त्योहार पर भी पड़ेगा. वहीं सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है.
कब शुरू होगा चंद्र ग्रहण?
3 मार्च को लगने वाला ग्रहण भारतीय समय के अनुसार, दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 27 मिनट की होने वली है.
| चंद्र ग्रहण 2026 | तारीख और समय |
| चंद्र ग्रहण | 3 मार्च 2026 दिन मंगलवार |
| चंद्र ग्रहण का समय | दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:47 बजे तक |
| भारत में दिखाई देगा? | हां भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा |
| चंद्रमा उदय | 6:26 बजे शाम |
| अधिकतम ग्रहण | 6:33 बजे से 6:40 बजे शाम तक |
| ग्रहण समाप्त | 6:47 बजे शाम |
चंद्र ग्रहण को सुरक्षित कैसे देखें?
- चंद्र ग्रहण बिना किसी उपकरण के खुली आंखों से देखना सुरक्षित है.
- ऐसी जगह चुनें जहां से पूर्वी क्षितिज साफ दिखाई दे.
- ज्यादा विस्तार से देखने के लिए दूरबीन या टेलीस्कोप का इस्तेमाल कर सकते हैं.
चंद्र ग्रहण 2026: ज्योतिषीय प्रभाव
- यह आपके भावनाओं पर गहरा असर डालेगा.
- जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, उन्हें इस समय सावधान रहना चाहिए.
- लोग भावनात्मक रूप से अलगाव महसूस कर सकते हैं.
- आपके अपने साथी से भावनात्मक जुड़ाव कम हो सकता है.
सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में चंद्र ग्रहण
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है, जो संबंध, प्रेम, सुख और आराम का प्रतीक है, इसलिए यह आपके जीवन में पिछले जन्म के संबंधों को जोड़ सकता है और कर्म से जुड़े लोगों को दूर कर सकता है. सिंह राशि का स्वामी सूर्य हैं लेकिन इस बार चंद्रमा इस राशि में संचार करेंगे, जहां केतु भी रहने वाले हैं, जिससे किसी पुराने जानकार से अहं का टकराव हो सकता है.
साल 2026 में 4 ग्रहण
- साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण, 17 फरवरी दिन मंगलवार, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा.
- साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त दिन बुधवार, यह सूर्य ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा.
- साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण, 3 मार्च दिन मंगलवार, यह चंद्र भारत में दिखाई देगा.
- साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त दिन शुक्रवार, यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा.
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