ब्रह्माण्ड में कब जाएगी नई सरकार? बृहस्पति होगा राजा, मंगल को मंत्री पद, जानिए इसका लाभ-हानि

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हिंदू नव वर्ष 2083: चैत्र नवरात्र से हिंदू नव वर्ष का आगमन हो रहा है। इस नव वर्ष के राजा देव गुरु बृहस्पति और मंत्री मंगल हैं। इसके अलावा अलग-अलग चिन्हों को अलग-अलग चिन्हों की जिम्मेदारी भी छोड़ी जाएगी। बनारस विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग में प्रोफेसर पंडित सुभाष मानस लोकल 18 से जुड़े हुए हैं कि इस बार हिंदू नव संवत्सर का नाम ‘रौद्र’ है। ज्योतिष गणना के अनुसार, जब राजा गुरु हों तो उस वर्ष पृथ्वी लोक पर अच्छा साल होने की संभावना होती है। जब मंत्री मंगल होता है तो राजनीतिक उथल-पुथल रहती है। सिग्नल की स्थिति में कई को अच्छा तो कई को बुरा फल भी मिलता है।

वाराणसी. चैत्र नवरात्रि से हिंदू नव वर्ष का आरंभ होता है। इस बार 19 मार्च से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इसी दिन परमपिता ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की शुरुआत की थी। हर बार हिंदू नव वर्ष अर्थात नव संवत्सर की शुरुआत ब्रह्माण्ड में नई सरकार का जन्म होता है। इसके अलावा, अलग-अलग चिन्हों को अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारियाँ भी होती हैं।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर पंडित सुभाष पंडित कहते हैं कि इस बार हिंदू नव संवत्सर 2083 शुरू होने वाला है। इस संवत्सर का नाम ‘रौद्र’ है. इस नये संवत्सर के राजा देव गुरु बृहस्पति हैं, जबकि मंत्री पद की जिम्मेदारी मंगल को मिली है।

अच्छी बारिश के संकेत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु के राजा होने के कई शुभ फल होते हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, जब राजा गुरु हों तो उस वर्ष पृथ्वी लोक पर अच्छा साल होने की संभावना होती है। इसके अलावा, रस वाले फलों का उत्पादन भी अच्छा होता है और पूरे पशु धन में वृद्धि होती है। धार्मिक कलाकारों में लोगों की रुचि भी बनी रहेगी।

डाउनलोड समय
जब मंत्री मंगल होता है तो युद्ध की स्थिति उत्पन्न होती है। राजनीतिक खुलासा- स्टेला बना रहता है और अग्नि भय-विस्फोट के कारण तनाव भी होता है। इस नए संवत्सर में राजा गुरु के पास वित्त, व्यापारी और कृषि मंत्रालय का भी कार्यभार है। खाद्य मंत्री की जिम्मेदारी बुध के पास है। गृह एवं जल मंत्रालय चंद्रमा के पास है जबकि उद्योग एवं खनिज मंत्रालय शनि देव के पास है।

इन निवेश पर बुरा प्रभाव
इस हिंदू नववर्ष में राशियों की स्थिति से कई राशियों को अच्छा और कई राशियों को बुरा फल भी मिलता है। ज्योतिष गणना के हिसाब से नए संवत्सर की शुरुआत के बाद मेष, सिंह, धनु, वृश्चिक और मीन राशि वालों की मुश्किलें बढ़ेंगी। उदाहरण के लिए धन, व्यवसायी और शारीरिक कष्ट हो सकते हैं। इसलिए विशेष सावधानी बरतनी होगी। अलग-अलग राशियों को अपने राशि चिन्ह के अनुसार उसका उपाय भी करना होगा।

लेखक के बारे में

ऑथरीमजी

प्रियांशु गुप्ता

प्रियांशु के पास पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। न्यूज 18 (नेटवर्क 18 ग्रुप) से पहले उन्होंने राजस्थान पत्रिका और अमर उजाला के साथ काम किया था। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की है…और पढ़ें

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