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भारत और बांग्लादेश के बीच फाइनल मुकाबला आज भी टी20 क्रिकेट के सबसे रोमांचक फाइनल्स में गिना जाता है और दिनेश कार्तिक की वह पारी उनके करियर की सबसे महान पारियों में शुमार है एक ऐसा लम्हा, जिसने क्रिकेट को फिर साबित किया कि आखिरी गेंद तक खेल खत्म नहीं होता

18 मार्च 2018, आठ साल पहले दिनेश कार्तिक ने अंतिम गेंद पर छक्का लगाकर दिलाई टीम इंडिया को जीत
नई दिल्ली. क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि भावनाओं का ज्वार है जहां एक पल में कहानी बदलती है और कुछ लम्हे इतिहास बन जाते हैं. 18 मार्च 2018 की रात भी ऐसी ही एक कहानी लेकर आई थी, जब कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में एक फाइनल मुकाबला खेला गया, जिसने रोमांच, विवाद और नाटकीयता की सारी सीमाएं पार कर दीं. दिनेश कार्तिक के बल्ले से निकला वह आखिरी छक्का आज भी क्रिकेट प्रेमियों की यादों में ताजा है, लेकिन इस ऐतिहासिक पल तक पहुंचने का सफर भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं था.
फाइनल मैच में रोहित शर्मा ने दिनेश कार्तिक का बल्लेबाजी क्रम बदल दिया जिससे वो खासे नाराज हुए थे. विजयशंकर को कार्तिक से उपर नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने भेजा गया तो ड्रेसिंग रूम का माहौल गर्मा गया था . दिनेश नंबर 7 पर गुस्से में बल्लेबाजी करने गए और फिर वो किया जो इतिहास बन गया.
दिनेश कार्तिक का ‘मिरेकल फिनिश’
फाइनल में टीम इंडिया के सामने 167 रनों का लक्ष्य था. मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका था आखिरी दो ओवरों में भारत को 34 रन चाहिए थे. तभी क्रीज पर आए दिनेश कार्तिक और उन्होंने आते ही मैच का रुख बदल दिया. रुबेल हुसैन के ओवर में 22 रन बटोरकर कार्तिक ने भारत की उम्मीदों को जिंदा रखा. आखिरी ओवर में 12 रन की जरूरत थी और मुकाबला अंतिम गेंद तक पहुंच गया. एक गेंद पर 5 रन चाहिए थे तनाव अपने चरम पर था. तभी सौम्य सरकार की गेंद पर कार्तिक ने एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से शानदार छक्का जड़ दिया. वह पल सिर्फ एक शॉट नहीं था, बल्कि करोड़ों भारतीय फैंस की खुशी का विस्फोट था. दिनेश कार्तिक ने 29* रन सिर्फ (8 गेंद) पर बनाए स्ट्राइक रेट: 362.50 का रहा जिसकी वजह से भारत को 4 विकेट से जीत मिली. कार्तिक की इस पारी ने न सिर्फ भारत को ट्रॉफी दिलाई, बल्कि उन फैंस के जख्मों पर भी मरहम लगाया, जो पिछले मैच की घटनाओं से आहत थे. यह मुकाबला आज भी टी20 क्रिकेट के सबसे रोमांचक फाइनल्स में गिना जाता है और दिनेश कार्तिक की वह पारी उनके करियर की सबसे महान पारियों में शुमार है एक ऐसा लम्हा, जिसने क्रिकेट को फिर साबित किया कि आखिरी गेंद तक खेल खत्म नहीं होता.
Who doesn’t remember this epic knock against Bangladesh in the Nidahas Trophy Final.
Dinesh Karthik 29 off 8 (2 fours, 3 sixes)
6, 4, 6, 0, 2, 4, 1, 6
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