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Sachin Tendulkar Last odi: दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में गिने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 18 मार्च 2012 को अपने वनडे करियर का आखिरी मुकाबला खेला था. मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप का मुकाबला उनके लिए आखिरी वनडे साबित हुआ. 22 दिसंबर को उन्होंने इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया. पूर्व चयनकर्ता संदीप पाटिल ने खुलासा किया है कि सचिन को टीम से बाहर किया जा सकता था इसी वजह से उन्होंने ऐसा कदम उठाया.

सचिन तेंदुलकर ने 18 मार्च 2012 को पाकिस्तान के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच खेला था.
नई दिल्ली. जब हम सचिन तेंदुलकर का नाम सुनते हैं, तो सबसे पहले ‘लीजेंड’ शब्द दिमाग में आता है. रिटायर होने के एक दशक से भी ज्यादा समय बाद भी सचिन के नाम कई वर्ल्ड रिकॉर्ड्स हैं. 2011 में भारत को वनडे वर्ल्ड कप जिताने वाले सचिन ने 90 के दशक और 2000 के दशक में भी भारत को क्रिकेट की दुनिया में पहचान दिलाई. लेकिन क्या सचिन ने अपनी मर्जी से रिटायरमेंट लिया था? 18 मार्च 2012 को उन्होंने अपने करियर का आखिरी वनडे मैच खेला था. इसके बाद इस फॉर्मेट में दोबारा नहीं उतरे और 22 दिसंबर 2012 को वनडे से संन्यास की घोषणा कर दी.
संदीप पाटिल का खुलासा
पूर्व बीसीसीआई चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल ने सचिन की रिटायरमेंट को लेकर बड़ा खुलासा किया है. ‘मास्टर ब्लास्टर’ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद रिटायरमेंट लिया था, लेकिन बीसीसीआई ने पहले ही उन्हें बता दिया था कि वे उनके रिप्लेसमेंट की तलाश कर रहे हैं. 2012 में सचिन ने वनडे क्रिकेट छोड़ दिया था और टी20 भी खेलना बंद कर दिया था. सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ही बचा था.
सचिन तेंदुलकर ने 18 मार्च 2012 को पाकिस्तान के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच खेला था.
पाटिल ने सचिन से पूछा, “आपकी क्या प्लानिंग है?”
सचिन ने जवाब दिया, “क्यों?” पाटिल ने बताया कि कमेटी उनके रिप्लेसमेंट की तलाश कर रही है. सचिन हैरान रह गए. उन्होंने फिर कॉल किया – क्या आप सीरियस हैं? पाटिल ने कहा, “हां.”
पाटिल ने इंटरव्यू में बताया, “सेलेक्टर्स किसी खिलाड़ी को ड्रॉप कर सकते हैं, लेकिन ये नहीं कह सकते कि उसका करियर खत्म हो गया है. हमने उनसे उनके प्लान्स पूछे. उन्होंने कहा कि वे खेलना चाहते हैं. हमने कहा ठीक है.”
सचिन तेंदुलकर का इंटरनेशनल फेयरवेल
सचिन ने भारत के लिए आखिरी मैच मुंबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला और 74 रन बनाए. ये उनके शानदार करियर का बेहतरीन अंत था. बीसीसीआई ने सीधे तौर पर सचिन को रिटायर होने के लिए मजबूर नहीं किया, लेकिन उनके फैसले पर जरूर असर पड़ा. 2012 का साल सचिन के लिए अच्छा नहीं था. उन्होंने नौ टेस्ट में सिर्फ 23.80 की औसत से रन बनाए और कोई शतक नहीं लगाया. वनडे में भी 10 मैचों में उनका औसत सिर्फ 31.50 रहा.
सचिन तेंदुलकर के शानदार आंकड़े
सचिन ने सिर्फ एक टी20 इंटरनेशनल खेला और 10 रन बनाए. टेस्ट में उन्होंने 200 मैच खेले और 329 बार बल्लेबाजी करते हुए 15,921 रन बनाए, औसत 53.78 रहा. उन्होंने 51 शतक और 68 अर्धशतक लगाए, जिसमें सबसे ज्यादा स्कोर 248* रहा. वनडे में सचिन ने 463 मैचों में 452 पारियों में 18,426 रन बनाए, औसत 44.83 रहा. उनका सबसे बड़ा स्कोर 200* था, साथ ही 49 शतक और 96 अर्धशतक लगाए.
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें
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