ICC ODI World Cup 2007 controversy AUS vs SL: आईसीसी वनडे विश्व कप 2007 में ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका पर जीत हासिल कर अंधेरे में ट्रॉफी उठाकर जश्न मनाया


नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर एक से बढ़कर एक विवाद हुए हैं. कभी खिलाड़ियों के बीच तो कभी मैच अधिकारियों के कारण खूब बवाल भी मचा है, लेकिन क्रिकेट इतिहास में मैदान पर ऐसा विवाद भी हुआ जब आईसीसी को माफी मांगनी पड़ गई थी और मैच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया था. क्रिकेट में ये सबसे अनोखा मामला था, जब मैच अधिकारियों को सस्पेंशन झेलनी पड़ी थी. दरसअल, ये घटना है आईसीसी वनडे विश्व कप 2007 के फाइनल की.

विश्व कप इतिहास का ये सबसे विवादित और खराब फाइनल माना जाता है. फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका की टक्कर हुई थी. दोनों टीमों के बीच ये खिताबी मुकाबला वेस्टइंडीज के ब्रिजटाउन क्रिकेट स्टेडियम खेला गया था.ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच ये फाइनल शुरू हो पाता उससे पहले बारिश ने दस्तक दे दी. बारिश इतनी तेज और देर तक हुई कि मैच को 38-38 ओवरों का कर दिया गया. हालांकि, किसी तरह से टॉस हुआ और ऑस्ट्रेलिया की टीम पहले बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरी.

गिलक्रिस्ट ने खेली 149 रनों की तूफानी पारी

श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में एडम गिलक्रिस्ट और मैथ्यू हेडन की जोड़ी ने गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी. दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 172 रनों की पार्टनरशिप हुई. इस दौरान गिलक्रिस्ट ने 104 गेंद में 149 रन कूट दिए, जिसमें 13 चौके और 8 छक्के भी शामिल थे. इसके अलावा हेडन ने 38 रनों का योगदान दिया जबकि, कप्तान रिकी पोंटिंग ने 37 रनों की धुआंधार पारी खेली. इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित किए गए 38 ओवरों के खेल में 4 विकेट के नुकसान पर 281 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया.

ऑस्ट्रेलिया के द्वारा दिए 282 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. उपुर थरंगा सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद सनथ जयसूर्या और कुमार संगकारा ने मोर्चा संभाल लिया. श्रीलंकाई टीम भी ऑस्ट्रेलिया को कड़ी दे रह थी, लेकिन तभी एक बार फिर से बारिश ने खलल डाल दी. खेल जब रुका तब श्रीलंका का स्कोर 24.5 ओवर में 3 विकेट पर 149 रन था. ऐसे में लक्ष्य को संशोधित कर 36 ओवरों में 269 रन कर दिया गया.

अंपायर्स ने कर दिया मैच में ब्लंडर

बारिश की लुका छिपी के बीच श्रीलंकाई टीम को मैच जीतने के लिए आखिर के 3 ओवर में 63 रन की जरूरत थी, लेकिन मैदान पर इतनी भी रोशनी नहीं थी कि बचे हुए तीन ओवर को पूरा किया जा सके. ऐसे में श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने हाथ मिलाया और ऑस्ट्रेलिया ने जश्न मनाना शुरू कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि वे डकवर्थ-लुईस पद्धति से जीत चुके हैं जो कि नियम के अनुसार सही भी था, लेकिन तभी अंपायर स्टीव बकनर और अलीम डार ने कहा कि मैच खत्म नहीं हुआ है और बचे हुए 3 ओवर अगले दिन खेले जाने चाहिए. अंपायर के इस निर्णय से पोंटिंग और जयवर्धने दोनों असहमत हो गए

अंत में अंपायर के फैसले को सर्वोपरी मानते हुए जयवर्धने ने मैच को उसी दिन खत्म करने के लिए अपने बल्लेबाजों को वापस भेजा. स्टेडियम में फ्लडलाइट्स नहीं थीं, इसलिए ऑस्ट्रेलिया ने स्पिनरों से गेंदबाजी करवाई ताकि बल्लेबाजों को चोट न लगे. लगभग घोर अंधेरे में श्रीलंका ने अंतिम 3 ओवर खेले और निर्धारित 36 ओवरों में 8 विकेट पर 215 रन तक पहुंच सकी. इस तरह डकवर्थ-लुईस मैथड से ऑस्ट्रेलिया ने 53 रनों से मैच को अपने नाम किया. मैच खत्म होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लगभग अंधेरे में ट्रॉफी उठाई और जश्न मनाया.

ICC ने विश्व कप फाइनल के लिए मांगी माफी

आईसीसी विश्व कप के फाइनल में खराब अव्यवस्था और नियमों का सही से पालन नहीं करने को लेकर आईसीसी को माफी मांगनी पड़ी थी. इस घटना ने आईसीसी की साख पर सवाल उठा दिए. विवाद इतना बढ़ गया कि फाइनल के सभी पांच मैच अधिकारियों, जिसमें दो ऑन-फील्ड अंपायर, थर्ड अंपायर, फोर्थ अंपायर और मैच रेफरी को उनके अगले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट 2007 टी-20 विश्व कप से निलंबित कर दिया गया था.



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