सॉलिड-स्टेट में बड़ी उपलब्धि
वर्ज फर्स्ट कंपनी बनी जिसने इस तकनीक का इस्तेमाल वाहन बाजार में उतारा। पारंपरिक इलेक्ट्रॉन-आयन और एलएफपी बैटरियों में जहां अवशेष या जेल इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, वहीं इस बैटरी पैक में सॉलिड इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग किया जाता है, जिससे थर्मल रनवे का खतरा काफी कम हो जाता है और सुरक्षा भी बढ़ जाती है।
फ़ास्ट-अचार्जिंग सहायता
टीएस प्रो में सीसीएस2 फास्ट-चार्जिंग सपोर्ट है, जो 200kW तक की रिजर्व स्पीड देता है। कंपनी का दावा है कि अल्ट्रा-हाई-आउटपुट चार्जर की बैटरी को सिर्फ 10 मिनट में 80 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है।
टीएस प्रो दो बैटरी आकार में उपलब्ध है:
- 20.2kWh – 350km तक की रेंज
- 33.3kWh – 600 किमी तक की रेंज
इन आंकड़ों के हिसाब-किताब में यह स्टैस्टिक इलेक्ट्रॉनिक्स मोटरसाइकिल्स में सबसे लंबी रेंज वाली बाइक शामिल है। बैटरी इनोवेशन के अलावा, टीएस प्रो में वर्ज़ की खास बात यह है कि इसमें हबलेस मोटर का इस्तेमाल किया गया है। इस डिज़ाइन में इनर असेंबली पर इलेक्ट्रोमैग्नेट्स लगे हैं, जो रैम पर लगे परमानेंट मैग्नेट्स के विपरीत काम करते हैं और पारंपरिक एक्सल या ड्राइवट्रेन के बिना व्हील को घुमाते हैं।
पावर फिल्में भी शानदार
102kW (138.6hp) पीक पावर 1,000Nm टुकड़ा 0 से 100 किमी/घंटा सिर्फ 3.5 सेकंड में इतनी मजबूत इंजन वाली बाइक का वजन 235 इंच है, लेकिन कंपनी का दावा है कि इसकी लोकप्रियता और रिजनर रिवाइवल इसकी भारी बॉडी को तोड़ती है।
ये फीचर्स मौजूद
राइडर एड्स, टीएस प्रो के इलेक्ट्रॉनिक्स में मल्टीपल लेवल की रीजेनरेटिव ब्रेकिंग, डुअल-चैनल एबीएस, ट्रैक्शन कंट्रोल और चार राइडिंग मॉड्स – रेंज, जेन, बीस्ट और कस्टम – शामिल हैं। कम्फर्ट के लिए क्रूज़ कंट्रोल और हाईटेड ग्रिप्स मानक मौजूद हैं।
ये फीचर्स भी मिलेंगे
ड्रॉप के लिए पूरी तरह से तरह के सब्सट्रेट ओहलिन्स या विल्बर्स कंपोनेंट दिए गए हैं, जो अलग-अलग तरह के हिसाब से उपलब्ध हैं। ब्रेकिंग के लिए ब्रेम्बो एम4.32 मोनोब्लॉक कैलिपर्स का उपयोग किया गया है। प्रैक्टिकल फीचर्स में पिरेली टायर्स, 780 मिमी सीट हाइट और 140 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस शामिल हैं। सीट के नीचे छोटा सा कम्पार्टमेंट भी दिया गया है, जिसमें ग्लव्स या वैल्युएबल केबल रेज़िस्टेंस रेकॉर्ड हो सकते हैं।
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