वास्तु टिप्स: घर में रुका हुआ मकान? उत्तर या दक्षिणा…जहां आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां

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वर्क फ्रॉम होम वास्तु टिप्स: घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) का कल्चर बढ़ रहा है। प्रवासी लोगों को कई नौकरियाँ दी जाती हैं और बड़े शहरों में नौकरी की अनिवार्यता कम कर दी जाती है। हालाँकि कई बार मेहनत के बावजूद उन्हें वो सफलता और सफलता नहीं मिल पाती, उनकी उम्मीद होती है। ऐसे में हम अक्सर अपनी दुकान, समय बर्बादी या किस्मत को जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसकी वजह से आपकी वर्कशॉप भी हो सकती है। लोकल 18 ने इस बारे में बताया है राक्षसों के ज्योतिषी नेपोलियन से बात की।

अधिकार. नौकरी का शोरूम होम फॉर्म से नामांकित किया जा रहा है। लोग घर बैठे काम तो कर रहे हैं, लेकिन कई बार मेहनत के बावजूद उन्हें वो सफलता और सफलता नहीं मिल पाती, जिनकी उन्हें उम्मीद होती है। ऐसे में हम अक्सर अपनी दुकान, समय बर्बादी या किस्मत को जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसकी वजह से आपकी वर्कशॉप भी हो सकती है। वास्तु शास्त्र और मनोविज्ञान दोनों ही इस बात पर विश्वास करते हैं कि आप जिस महल में काम करते हैं, उसका असर आपके उत्पादों पर पड़ता है, ध्यान केंद्रित होता है और सफलता मिलती है। यदि आपका वर्कशॉप स्पाइस सही तरीके से सेट नहीं है, तो यह आपके श्रमिकों में बड़ी सदस्यता बन सकता है।

किस दिशा में शुभ

स्थानीय 18 से ऋ षिव के ज्योतिषी अलोकतांत्रिक पंडित कहते हैं कि वर्क फ्रॉम होम में सबसे बड़ी गलती है गलत दिशा में छुपकर काम करना। वास्तु के अनुसार काम करते समय आपका चेहरा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसरों को आकर्षित करती है। यदि आप दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके काम करते हैं तो इससे आपकी ऊर्जा कम हो सकती है और काम में बाधा उत्पन्न हो सकती है। आपकी टेबल की सुरक्षा और सुविधा का होना बहुत जरूरी है। रेकी हुई टेबल में न तो विशेष रूप से स्ट्रेंथ एनर्जी को बढ़ावा दिया जाता है बल्कि आपके दिमाग को भी डिस्टर्ब किया जाता है। जब आसपास क्लटर होता है, तो फोकस करना मुश्किल हो जाता है।

लैपटॉप का इस दिशा में होना जरूरी

एक और महत्वपूर्ण विशेषता है प्रकाश और हवा। यदि आप ऐसे कमरे में काम कर रहे हैं जहां प्राकृतिक रोशनी नहीं आती या हवा का प्रवाह कम है, तो यह आपके एनर्जी लेवल को डाउनलोड कर सकता है। कोशिश करें कि आपका वर्कशॉप ऐसी जगह हो जहां दिन की रोशनी आती हो और ताजी हवा का संचार हो रहा हो। इससे आपका मूड सबसे अच्छा रहता है और काम में रुचि भी भूखी है। लैपटॉप, वाई-फाई और अन्य कंपनियों जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों को भी सही दिशा में रखना जरूरी है। वास्तु के अनुसार, दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि यह अग्नि तत्व से स्थापित होता है।

पीछे की दीवार का होना कैसा है

कुर्सी और सीट का तरीका भी आपके उत्पादों पर आकर्षक है। कई लोग बिस्तर या मोती पर रखे हुए काम करते हैं, जो लंबे समय तक न केवल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है बल्कि आपके दिमाग को भी रिलेक्स मूड में रखता है। हमेशा एक आरामदायक और सहायक कुर्सी का उपयोग किया जाता है, जिससे आपकी बैक स्ट्रेट रह सकती है और आप लंबे समय तक बिना थकान के काम कर सकते हैं। कोशिश करें कि आपके पीछे की दीवार ठोस हो। यह आपको मानसिक रूप से सहायता और स्थिरता का एहसास कराता है।

और क्या कर सकते हैं

ज्योतिषी एलेगोनिस्ट पैट्रिक के, छोटे-छोटे बदलाव जैसे टेबल पर एक ग्रीन प्लांट रखना, फिर से लिक्विड के साथ वाले अगरबत्ती या एरोमा का इस्तेमाल करना, या मोटीवेशनल चीजें अपने वर्कशॉप में भी रखना। ये चीजें आपके दिमाग को शांत करती हैं और आपको बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रेरित करती हैं। वर्कशॉप और पर्सनल स्पेस को अलग रखना भी बेहद जरूरी है, ताकि आपका दिमाग काम और आराम के बीच सही बैलेंस बना सके।

लेखक के बारे में

ऑथरीमजी

प्रियांशु गुप्ता

प्रियांशु के पास पत्रकारिता में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। न्यूज 18 (नेटवर्क 18 ग्रुप) से पहले उन्होंने राजस्थान पत्रिका और अमर उजाला के साथ काम किया था। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की है…और पढ़ें

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