करियर और बिजनेस के लिए वास्तु टिप्स: हमें कई बार कठिन परिश्रम और लग्न के बावजूद भी अच्छी सफलता नहीं मिलती। आपके साथ भी ऐसा है. कौन नहीं चाहता कि उसे नौकरी में पेट्रोल मिले, व्यापार में लगातार वृद्धि हो और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे। कई बार ऐसा नहीं होता. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर और आस्था का माहौल व्यक्ति की मानसिक स्थिति, लक्षण और सिद्धांतों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। लोकल 18 से अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी के शिष्य वास्तुदोष और नकारात्मक ऊर्जा प्रगतिशीलता का जन्म कर सकते हैं।
यह दिशा कुबेर से जुड़ी हुई है
लोकल 18 से अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी के शिष्य वास्तुदोष और नकारात्मक ऊर्जा प्रगतिशीलता का जन्म कर सकते हैं। ऐसे में कुछ सरल वास्तु उपाय से आप अपनी नौकरी और व्यापार में उन्नति की राह खोल सकते हैं। वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन और वास्तु की दिशा माना जाता है, यह दिशा कुबेर से जुड़ी हुई है। इसलिए घर या कार्यालय की उत्तर दिशा को हमेशा साफ-सुथरा और सुरक्षा रखनी चाहिए। इस स्थान पर कूड़ा, कूड़ा या भारी सामान रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है, इसलिए हमेशा उत्तर दिशा को साफ रखना चाहिए। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और रिश्ते में नए अवसर मिलने की संभावना होती है।
पीछे मजबूत दीवार जरूरी
ज्योतिषाचार्य पंडित दीपकलाल जयपुरी के अनुसार, काम करते समय दिशा का विशेष महत्व बताया गया है, इसलिए नौकरीपेशा लोगों और छुट्टी को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके देखना चाहिए, क्योंकि यह शुभ माना जाता है। इससे मानसिक स्पष्टता प्रबल होती है और निर्णय लेने की क्षमता सबसे अच्छी होती है। फ़ोर्ड टाइम पीर्च के पीछे की मजबूत दीवार का होना संपत्ति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। घर, दुकान या कार्यालय का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान है इसलिए यहां साफ-सफाई, सुंदर साज-सज्जा और पर्याप्त रोशनी बनाए रखना आवश्यक है।
चित्रांकन अवश्य करें
वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार पर स्वास्तिक, शुभ-लाभ या भगवान गणेश का चित्र लगाना शुभ माना जाता है। काजोल या अलमारी को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखा जाता है। उसका दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुलना चाहिए। नकारात्मक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बंद जी डिस्प्ले और अनुपयोगी वस्तुओं को तुरंत हटाया जाना चाहिए, क्योंकि नकारात्मक ऊर्जा आने लगती है। ज्योतिषाचार्य पंडित दीपकलाल जयपुरी का सुझाव है कि धार्मिक भक्तों के भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की नियमित पूजा करने से काम में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। सकारात्मक माहौल, साथी और निरंतर मेहनत का मेल ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
लेखक के बारे में

प्रियांशु गुगुप्ता डेप्स 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता का इतिहास सीखें (प्रिंट, ऑफिस) से अपने इतिहास की शुरुआत की। य…और पढ़ें
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