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समरस्लैम की शुरुआत हो चुकी है और अगर आप भी संख्या में पर्यटकों के लिए प्लान बनवा रहे हैं तो यहां आपको कई नज़ारे देखने मिलेंगे। सबसे बड़ा यहां माता रानी को समर्पित जगत की अधिष्ठात्री देवी मां भुभेरी देवी का मंदिर है। सिद्धांत यह है कि इस मंदिर में दर्शन से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और चिन्हों के दोष भी दूर होते हैं। आइए जानते हैं माता रानी के इस मंदिर के बारे में खास बातें…
देवाधिदेव महादेव की अर्धांगिनी माता पार्वती और उनके कई सिद्धांतों के देश-दुनिया में कई भव्य और भक्ति से भरपूर मंदिर हैं। ऐसे में स्टील सिटी के नाम से मशहूर बस्ती जो ना सिर्फ औद्योगिक नगरी है, बल्कि आध्यात्मिक स्थलों की दृष्टि से भी समृद्ध है। इस शहर के खरंगाझार बाजार से लगभग 500 मीटर की दूरी पर जगत के अधिपति का मंदिर स्थित है, जहां मान्यता है कि दर्शन से भक्तों की दूरी हो जाती है और पाप कट जाते हैं। माता पार्वती के एक अवतार को समर्पित भगवान भोलेनाथ मंदिर (टेल्को भगवान मंदिर) भक्तों की आस्था के प्रमुख मंदिरों में से एक है। जगत की अधिष्ठात्री देवी मां भगवती को समर्पित यह मंदिर चमत्कारों से भरपूर है, और मान्यता है कि यहां बड़े पैमाने पर दर्शन से लेकर कष्टों से मुक्ति मिल जाती है और माता की रक्षा होती है।
स्वामी रंगराजन द्वारा स्थापित किया गया
भुवी मंदिर 1978 में स्वामी रंगराजन द्वारा स्थापित किया गया था। वास्तुशिल्प की शानदार शैली से बना यह मंदिर देखने वालों को अपनी भव्यता से मंत्रमुग्ध कर देता है। मंदिर का मुख्य आकर्षण पांचवाँ महल राजगोपुरम का प्रवेश द्वार है, जिस पर 64 फ़ुट की ऊँचाई पर खड़ा किया गया है और पाँच सुंदर कलश स्थापित किये गये हैं। मंदिर का गर्भगृह 32 फीट ऊंचा है, जिसमें माता भवानी की विशाल प्रतिमा स्थापित है।
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की स्वामिनी हैं माँ भुबरी देवी
माँ भुखमरी देवी को संपूर्ण ब्रह्मांड की स्वामिनी, सृष्टि की मूल शक्ति और आकाश तत्व का प्रतीक माना जाता है। अन्वेषक देवी पार्वती का एक रूप भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब दुनिया में असुरों का आक्रमण बढ़ा तो देवी-देवताओं की प्रार्थना पर माँ भुबरी का प्राकट्य हुआ। उन्होंने भगवान शिव के साथ मिलकर राक्षस अंधकासुर का संहार किया और दुनिया में संतुलन स्थापित किया।
आठ खम्भों वाला सुन्दर पैगाम
माता के भव्य मंदिर में आठ खंभों वाला सुंदर मंदिर है, जहां हर खंभा में मां के अलग-अलग अवतारों का बखान है। मंदिर की बाहरी दीवारें बेहद खूबसूरत हैं। मंदिर की दीवार ऐसी ही है कि वहां से पूरे शहर और आसपास का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। यहां पुजारियों द्वारा दिन में तीन बार दक्षिण भारतीय रीति-रिवाज से पूजा की जाती है। भक्तों को प्रसाद भी खिलाया जाता है. माता के दरबार में आने वाले भक्तों की मान्यता है कि मां भगवती के दर्शन से सभी मन अत्यंत पवित्र हैं और जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं। माँ की आराधना से आध्यात्मिक बल, सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।
इस जगह के आसपास भी मौजूद हैं मंदिर
मंदिर में आने वाले दृश्य और दृश्य के आसपास और भी अन्य आकर्षण हैं। पर्यटक आए पर्यटक मंदिर के साथ-साथ अन्य स्थानों का भी आनंद ले सकते हैं। जुबली पार्क में चिड़ियाघर, गुलाब का बगीचा और झील है। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में बाघ, शेर, हाथी आदि देख सकते हैं। डिमना झील और जयंती झील समुद्र तट विहार और पिकनिक के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं।
ऐसे पहुंचें मां भुवनबी देवी मंदिर
इसके अलावा, सर दोराबजी टाटा पार्क शांत वातावरण में घूमने के लिए अच्छी जगह है। जो लोग शांति, आस्था और सुंदर नजारों की तलाश में हैं, उनके लिए भुखमरी मंदिर नजारों की सबसे खास जगहों में से एक है। बजरंगबली सोनारी हवाई अड्डे (एक्सआर) के लिए स्थित मंदिर जाने के लिए यहां क्लिक करें। वहीं, टाटानगर जंक्शन रेलवे स्टेशन (टाटा) है। स्टेशन या एयरपोर्ट से कैब या रोडवे द्वारा मंदिर तक जाया जा सकता है।
लेखक के बारे में

पैरा शर्मा हिंदी न्यूज़18 डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर हैं। वर्तमान धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं। भारतीय धार्मिक ज्योतिष, ज्योतिष शास्त्र, मेडी…और पढ़ें
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