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हिंदू नियम: हिंदू शास्त्रों में पिता को जीवन का प्रथम गुरु और संरक्षक माना गया है। कहा जाता है कि बाबा के जीते जी बेटों को कभी भी कुछ प्रतिबंध और प्रतिबंध नहीं लगाने चाहिए। अविश्वास प्रतिबंधों से परिवार में सम्मान, सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। शास्त्रों में ऐसे 5 खास काम बताए गए हैं, जिनमें समय-समय पर बेटों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भी बताए जा सकते हैं…
हिंदू नियम: कई लोग सुबह-सुबह घर से निकलते समय अपने माता-पिता के पैर छूते हैं और यह सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि भावना और सम्मान करने का तरीका है। हमारे समाज में पिता को छाया, सहारा और अनुशासन का स्तंभ माना जाता है। विशेष रूप से हिंदू धर्मशास्त्र में पिता को देवता का दर्जा दिया गया है। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में सूर्य को पिता का मार्गदर्शक माना जाता है। इसका मतलब यह है कि पिता के साथ संबंध असमान होगा, जीवन की दिशा बिल्कुल स्पष्ट होगी। प्राचीन ग्रंथ और लोक में पुत्रों के लिए कुछ नियम बताए गए हैं, अलग उद्देश्य पिता का सम्मान बनाए रखना है। ऐसा माना जाता है कि इन वृद्धों की अनदेखी से घर का मोहरा, संपत्ति और प्रभावित होना संभव है।
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