
ओला इलेक्ट्रिक अब पंजीकृत ईवी मार्केट में बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। कंपनी को नए इलेक्ट्रिक ग्राहकों के लिए एआरएआई से मंजूरी मिल चुकी है, जो कि फूड फूड और फ्लीट बिजनेस के लिए खास तौर पर तैयार की गई है। 70 किमी प्रति घंटे की स्पीड और कम स्पीड वाला ये 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड और कम स्पीड वाला ये क्लासिकल पेट्रोलियम को टक्कर दे सकता है। ग्लूटन फ़्युल और नई ईवी स्टैच्यू के बीच इसे लॉन्च किया जाना बेहद अहम माना जा रहा है।
ओला अपना पहला रिकॉर्ड टू-हिलर लॉन्च करने वाली है। (प्रतीकात्मक चित्र)
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-आचार्य बाजार की दिग्गज कंपनी ओला इलेक्ट्रिक जल्द ही स्थिर मोबिलिटी बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी को सरकार की तरफ से अपनी एक नई इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक प्राइवेट लिमिटेड के लिए रेगुलेटरी मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद यह स्टॉकर प्लांट जा रहे हैं कि कंपनी इसी तिमाही में तेजी से बढ़ रही है आकेडियन ईवी (ईवी) टू- प्लांट प्लांट में प्रवेश कर सकती है।
एक सरकारी सार्ट डॉक्यूमेंट्री डॉक्यूमेंट्री के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक को फरवरी 2026 में सेंट्रल मोटर ऑटोमोबाइल रूल्स (सीएमवीआर) के तहत ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) द्वारा अनुमोदित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये रेगुलेटरी मंजूरी L1-कैटेगरी के एक नए इलेक्ट्रिक उपभोक्ता के लिए दी गई है। अन्य की बात करें तो ये विशेष 4-किलोवाट (kW) की क्षमता वाली इलेक्ट्रिक मोटर से लैस होगी और इसकी टॉप स्पीड लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटा होने की उम्मीद है।
डिज़ाइन विवरण
ओला का ये नया ऑटोमोबाइल कंपनी का स्टैस्ट S1 प्लेटफॉर्म पर आधारित हो सकता है। हालाँकि, इसे व्यावसायिक नियुक्तियाँ जैसे कि फ़ार्म कॉमर्स, क्विक-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, कूरियर सर्विसेज़ और अर्बन फ़्लीट ऑरेशंस की साहिल को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
आम तौर पर ऑटोमोबाइल सेक्टर में किसी भी उत्पाद के व्यावसायिक लॉन्च से पहले ‘होमोलोगेशन’ (सर्ट ऑटोमोबाइल और रेगुलेटरी स्वीकृत) अंतिम कानूनी चरण में से एक होता है। इसका संकेत यह है कि कंपनी इस ग्राहक को बहुत जल्द बाजार में बिक्री के लिए जारी कर सकती है। रेस्टॉरेंट राइडर्स और फ्लीट ऑर्गेनाइजर्स के डिजाइन और निर्माण में विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें कम ऑपरेशनल कॉस्ट (संचालन लागत), बेहतर रेंज और रफ-एंड-टीएफ फ्लीट यूज़ शामिल हैं।
कंपनी का भविष्यफल
ओला इलेक्ट्रिक का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होर्मुज स्ट्रेट के आस-पास भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है, क्योंकि पेट्रोल चेन प्रभावित हुई है और डीजल (पेट्रोल-डीजल) की कीमतें बढ़ रही हैं। डीजल के होने वाले भंडारों से गिग श्रमिकों और स्थायी फ्लीट मेमोरियलों की दैनिक लागत काफी बढ़ गई है, क्योंकि इस क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा अब भी पारंपरिक पेट्रोल दोपहिया उपकरणों पर अनुशंसित है। ऐसे में ये मोटोरोला ई-स्कूटर इनका एक बड़ा विकल्प बन सकता है।
इसके अतिरिक्त, सरकार के स्टूडियो भी इलेक्ट्रिक स्टूडियो के पक्ष में तेजी से बदल रहे हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली की ईवी नीति 2026 के ड्राफ्ट में अगले दो वर्षों के लिए नए पेट्रोल-डीजल (इंटरनल कंब्यूशन इंजन) वाले दोपहिया एसोसिएशन के लिए धीरे-धीरे समाप्त होने का प्रस्ताव रखा गया है। इस तरह के नीतिगत बदलावों में स्थिर इलेक्ट्रिक फ्लीट की मांग तेजी से बढ़ेगी।
लेखक के बारे में
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न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कर्मचारी राम मोहन मिश्रा 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और सहायक ऑटो-एडिटर सहायक बने हुए हैं। वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और विश्वसनीय तरीके से…और पढ़ें
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