Unique record: ऐसा धुरंधर जिसने क्रिकेट की दुनिया में मचाई तबाही…खेल चुका हैं फुटबॉल वर्ल्डकप के मैच


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वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के महान कप्तान और बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स के नाम एक खास उपलब्धि है. उन्होंने क्रिकेट और फुटबॉल दोनों के वर्ल्ड कप मैच खेले. आईसीसी ट्रॉफी जीती जबकि फीफा के क्वालीफायर मुकाबलों में एंटीगुआ का प्रतिनिधित्व किया.

ऐसा धुरंधर जिसने क्रिकेट की दुनिया में मचाई तबाही...खेला फुटबॉल वर्ल्डकप भीZoom

विवियन रिचर्ड्स आईसीसी वर्ल्ड कप जीत चुके हैं जबकि फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर मैच खेला था

नई दिल्ली. इस समय पूरी दुनिया पर फुटबॉल का खुमार चढ़ा हुआ है. वैसे क्रिकेट के दीवानों की भी कमी नहीं है. दोनों ही खेल में एक से बढ़कर एक दिग्गज हुए हैं लेकिन ऐसा ही पुरुष खिलाड़ी है जिसने फीफा वर्ल्ड कप और आईसीसी वर्ल्ड कप दोनों में अपना दम दिखाया है. हम बात कर रहे हैं अपने जमाने के खूंखार बल्लेबाज और कप्तान रहे विवियन रिचर्ड्स की. एंटीगुआ के महान क्रिकेटर सर विव रिचर्ड्स क्रिकेट इतिहास के सबसे आक्रामक और स्वैग वाले बल्लेबाज माने जाते हैं. कम लोग जानते हैं कि यह दिग्गज एथलीट फुटबॉल वर्ल्ड कप से भी जुड़े रहे.

विव रिचर्ड्स इकलौते पुरुष खिलाड़ी हैं जिन्होंने क्रिकेट वर्ल्ड कप और फुटबॉल वर्ल्ड कप (क्वालीफाइंग) दोनों में अपनी भागीदारी दर्ज कराई. यह उपलब्धि उन्हें दुनिया के बाकी खिलाड़ियों से अलग करती है. विव रिचर्ड्स का जन्म 7 मार्च 1952 को एंटीगुआ में हुआ. बचपन से ही वे फुटबॉल और क्रिकेट दोनों में माहिर थे. 1970 के दशक की शुरुआत में उन्होंने एंटीगुआ एंड बारबुडा की फुटबॉल टीम के लिए 1974 फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग मैच खेले. टीम मुख्य टूर्नामेंट तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन रिचर्ड्स की बहुमुखी प्रतिभा सामने आई.

जानकारी के मुताबिक उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैचों में भी हिस्सा लिया. हालांकि आधिकारिक लाइन-अप में उनका नाम विवादास्पद रहा. क्रिकेट में उन्होंने क्या किया वो पूरी दुनिया में इस खेल को पसंद करने वाले जानते हैं.  उनका सफर शानदार रहा. वेस्टइंडीज टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने 1975 और 1979 के क्रिकेट वर्ल्ड कप जीते. 1975 के फाइनल में उन्होंने तीन रन आउट कर इंग्लैंड को हराने में अहम भूमिका निभाई. 1979 के फाइनल में उन्होंने लॉर्ड्स पर नाबाद 138 रनों की शानदार पारी खेली. कुल मिलाकर वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने 23 मैचों में 1013 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट और आक्रामक अंदाज आज भी युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करता है.

रिचर्ड्स ने कभी हेलमेट नहीं पहना, सिर्फ कैप और चबाते हुए गम के साथ बल्लेबाजी की. गेंदबाज उन्हें बाउंसर मारते लेकिन वे डटकर खेलते. उन्होंने 1970-80 के दशक में वेस्टइंडीज की दबदबा वाली टीम का हिस्सा बनकर क्रिकेट को नई ऊंचाई दी. आज जब फीफा वर्ल्ड कप 2026 की चर्चा हो रही है, विव रिचर्ड्स की दोहरी उपलब्धि याद आती है.

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Viplove Kumar

विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें



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