
शुक्रवार के व्रत में इन अशुभ से अशुभ, ज्योतिष शास्त्र में माना गया है अशुभ
शुक्रवार के व्रत में मुख्य रूप से मां लक्ष्मी और शुक्र ग्रह की कृपा प्राप्त की जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र ग्रह को सुख, सौंदर्य, प्रेम, वैभव और भौतिक गुणों का कारक माना जाता है। इसलिए इस दिन काम और पूजा-पाठ में विशेष सावधानी बरतने की बात कही जाती है।
व्रत के दिन क्रोध और नकारात्मक विचारों से इनकार
ज्योतिष के अनुसार व्रत में केवल भोजन का त्याग नहीं होता, बल्कि मन और विचार की शुद्धि भी इसका हिस्सा मानी जाती है। शुक्रवार के दिन किसी से विवाद करना, अपशब्द बोलना या मन में नकारात्मक भाव रखना शुभ नहीं माना जाता है। कई लोग व्रत तो रखते हैं, लेकिन गंभीर तनाव और क्रोध में रहते हैं। धार्मिक धार्मिकों के अनुसार व्रत का आध्यात्मिक उद्देश्य हो सकता है।
मां लक्ष्मी की पूजा में साफ-सफाई का ध्यान
माँ लक्ष्मी को स्वच्छता और पवित्रता से जोड़कर देखा जाता है। शुक्रवार के दिन पूजा स्थल और घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की परंपरा रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ज्योतिष शास्त्र के अनुसार स्थान पर पूजा करना या घर में बनाए रखना सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सुबह स्नान के बाद पूजा स्थल को साफ करके दीपक जलाने की सलाह दी जाती है।
व्रत में गलत खान-पान से परहेज
शुक्रवार व्रत के दौरान कई लोग फलाहार करते हैं, जबकि कुछ लोग अपनी परंपरा के अनुसार अलग-अलग नियम अपनाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में सात्विक भोजन को प्राथमिकता देने की बात कही गयी है। व्रत के दिन तामसिक भोजन, नशे वाली और भारी भोजन से मुक्ति की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि सात्विक आहार मन को शांत रखता है और पूजा में एकाग्रता प्राप्त करता है।
शुक्रवार का दिन किन लोगों का दान शुभ माना जाता है?
ज्योतिष में शुक्रवार को शुक्र ग्रह का दिन माना जाता है। इस दिन सफेद रंग की वस्तु का दान शुभ माना जाता है। जैसे सफेद मिठाई, चावल, दूध, वस्त्र या सजावटी व्यक्ति को सहायता देना। सिद्धांत है कि दान करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सुख-सुविधाओं का संतुलन बढ़ता है। हालाँकि दान हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार और श्रद्धा से करना चाहिए।
व्रत के दौरान इन बातों का भी रखें ध्यान
शुक्रवार व्रत रखने वाले लोगों को पूजा के समय मां लक्ष्मी को कमल का फूल, कपास, सफेद मिठाई या श्रद्धा के भोग लगाने की अपनी परंपरा है। इसके साथ ही कई लोग लक्ष्मी मंत्रों का जाप भी करते हैं। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी व्रत का महत्व केवल आधार में नहीं, बल्कि श्रद्धा, संयम और अच्छे आचरण में भी होता है। इसलिए शुक्रवार के दिन मन को शांत रखते हुए पूजा करना अधिक फलदायक माना जाता है।
(अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी और शर्ते सामान्य सीटू पर आधारित हैं। हिंदी समाचार 18 उपयोगकर्ता पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।)
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