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आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन ने टीम इंडिया के लिए नॉकआउट में जबरदस्त खेल दिखाया था. संजू के दमदार प्रदर्शन के कारण ही टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार खिताब को अपने नाम किया. यही कारण है कि आयरलैंड दौरे और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच में फेल होने के बावजूद सिलेक्टर्स संजू पर भरोसा जता रहे हैं.
संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम इस समय पांच टी20 और तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर है. टी20 सीरीज का पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था. इस मैच में सबको उम्मीद थी कि 15 साल के सनसनी वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. आयरलैंड के खिलाफ भी वैभव टीम इंडिया के स्क्वाड में थे, लेकिन दोनों टी20 मैचों में उन्हें बेंच पर ही बैठना पड़ा, क्योंकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की थी. हालांकि, संजू सैमसन ओपनिंग करते हुए लगातार तीन मैचों में फेल रहे हैं. आयरलैंड के खिलाफ संजू दो मैचों में केवल 5 रन बना पाए, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ रद्द हुए मैच में उन्होंने सिर्फ 1 रन बनाया था.
ऐसे में संजू के लगातार तीन मैचों में फेल होने के बाद उन पर सवाल उठने लगे हैं और उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी से पारी की शुरुआत कराने की मांग तेज हो गई है. लेकिन कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट्स और पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि तीन मैचों में फेल होने के बावजूद संजू सैमसन पर भरोसा जताना चाहिए. मगर यहाँ सवाल यह है कि आखिर संजू के फेल होने के बावजूद उन्हें मौका दिए जाने की बात क्यों हो रही है?
टी20 विश्व कप और आईपीएल में चमके थे संजू
इसमें कोई शक नहीं है कि संजू सैमसन एक चैंपियन खिलाड़ी हैं. उन्होंने हाल ही में आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए दमदार खेल दिखाया और इसी साल टीम इंडिया को टी20 विश्व कप के तीन नॉकआउट मैचों में बेहतरीन बल्लेबाजी कर खिताबी जीत दिलाई. यही कारण है कि इंग्लैंड दौरे पर फेल होने के बावजूद संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू में देरी हो रही है.
बता दें कि संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप में सबसे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ एक तरह से वर्चुअल क्वार्टर फाइनल मैच में 50 गेंदों में नाबाद 97 रनों की पारी खेलकर टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचाने का काम किया था. इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंदों में 89 रनों की पारी खेली थी, जिससे टीम फाइनल में पहुंची थी. फाइनल मुकाबले में संजू ने न्यूजीलैंड के खिलाफ एक बार फिर 46 गेंदों में 89 रन बनाए, जिससे टीम इंडिया चैंपियन बनी थी. संजू की इसी तीन पारियों के कारण चयनकर्ता उन्हें लगातार मौका दे रहे हैं.
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें
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