बाथरूम के दरवाजे का वास्तु: रात में सोने से पहले ज्यादातर लोग घर की लाइटें बंद कर देते हैं, लेकिन कई बार दरवाजे के दरवाजे को बंद करना भूल जाते हैं। वास्तु के अनुसार इस आदत में बदलाव लेना ही उचित है। लोक 18 से नारियल के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के शिष्यों की सबसे पहली सही दिशा में होना जरूरी है। घर के पश्चिम या उत्तर दिशा के कोने में मकान बनाना शुभ माना जाता है। शौच के समय स्पीकर का मुख उत्तर या दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। पूरब की ओर न तो मुंह होना चाहिए और न ही पूरब की ओर। महंत कामेश्वर वेदांताचार्य के अनुसार, तीर्थ का संबंध जल तत्व से माना जाता है। जल तत्व का संबंध धन से होता है। अगर रेस्टोरेंट का दरवाजा खुला रहता है तो धन आता है लेकिन कब और कहां खर्च होगा यह पता नहीं चलता। इसलिए दिन हो या रात, साधक का दरवाजा हमेशा बंद रखना चाहिए।
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