आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, ‘वह आदतन अपराधी था. उसके खिलाफ पहले ही 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी थी. 2018 से उसके खिलाफ केस दर्ज हो रहे थे. उसके खिलाफ सेक्शन 307 के तहत हत्या की कोशिश का केस भी दर्ज था. यह सब मेरे लिए चौंकाने वाला था. हम इसलिए भी हैरान थे क्योंकि जब वह हमारे घर से निकला था, तो वह ठीक था. बाहर क्या हुआ? किस वजह से हाथापाई हुई? यह हमें नहीं पता.’
वो रसोइया एक अपराधी
शशांक ने आगे कहा, ‘हमारे खिलाफ उसने इसलिए केस दर्ज करवाया था कि हमें डरा-धमकाकर पैसे ले सके, लेकिन भगवान की दया से ऐसा कुछ नहीं हुआ. मुझे अनजान नंबरों से कॉल आ रहे थे. एक कॉलर ने मुझसे 5 लाख मांगे. कॉलर ने कहा था कि अगर मैं यह रकम दे दूंगा, तो केस वापस ले लिया जाएगा. दूसरे कॉलर ने केस वापस लेने के लिए 7.5 लाख मांगे और केस हटवाने की बात कही. उस समय हमें नहीं पता था कि वह (रसोइया) एक पेशेवर अपराधी है. धीरे-धीरे हमें पता चला कि उसके खिलाफ पहले से ही कई केस दर्ज हैं. वह मेरी प्रतिष्ठा खराब करने के इरादे से आया था.”
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा?
शशांक ने सोशल मीडिया पर भी एक लंबा पोस्ट लिख उसे पेशेवर अपराधी बताया है और लोगों से घरेलू कामकाज के लिए किसी भी व्यक्ति को रखने से पहले उसका बैकग्राउंड जांचने की अपील की है. उन्होंने लिखा, “इस घटना ने मुझे हमेशा के लिए बदल दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जो मैं जिंदगी भर साथ रखूंगा. मैं यह हमदर्दी के लिए नहीं लिख रहा हूं. मैं यह इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि यह पहली बार था जब मेरे परिवार और मैंने ऐसा कुछ अनुभव किया, और मुझे उम्मीद है कि दूसरे लोग इससे सीखेंगे.”
दाएं हाथ के बल्लेबाज ने लिखा, “एक एथलीट के तौर पर, मैंने सालों तक बुराई, ट्रोलिंग और गाली-गलौज का सामना किया है. मैंने इसके साथ जीना सीख लिया है. लेकिन यह अलग था. रातों-रात, मुझे ऐसे दिखाया गया जैसे मैंने अपने से कम सुविधा वाले इंसान को पीटा हो. हजारों लोगों ने सच जाने बिना मुझे गाली दी.” उन्होंने लिखा, “जब हमने बाद में उसे वीडियो में देखा तो हम चौंक गए, क्योंकि वह हमारे घर से बिल्कुल ठीक निकला था. हमें यह समझने में समय लगा कि कोई इतनी बुरी तरह कैसे पिट सकता है. वह अपनी ही जिद पर हमारे घर आया था, लेकिन हमने उसे तीसरे दिन वापस भेज दिया जब हमने उसे घर में घूमते हुए, घर के अंदर फोटो लेते हुए, और उन्हें अपने दोस्तों को भेजते हुआ पाया.”
‘हमें बाद में पता चला कि…’
शशांक ने लिखा, “पुलिस रिकॉर्ड से पता चला कि उसके खिलाफ पहले से ही 9 एफआईआर दर्ज थीं और उस पर 8 मामलों में चार्जशीट भी हो चुकी थी, जिसमें हत्या की कोशिश, घर में चोरी (जो हमें बाद में पता चला कि उसने हमारे घर पर भी की थी), मारपीट, घर में बिना इजाजत घुसना, चोट पहुंचाकर जबरदस्ती वसूली, क्रिमिनल धमकी, अश्लील हरकतें, एससी/एसटी कानून के तहत अपराध और दूसरे अपराध शामिल थे. वह अपनी पहचान छिपाने के लिए तीन अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर रहा था.”
‘पैसे के फायदे के लिए जाल बुना गया’
शशांक ने बताया कि यह पूरी घटना पैसे के फायदे के लिए उन पर दबाव बनाने का एक जाल था. पंजाब किंग्स के बल्लेबाज ने लिखा, “जैसे-जैसे और बातें सामने आईं, मुझे यकीन हो गया कि वह कभी भी हमारे घर में नेक इरादे से नहीं आया था. मेरा मानना है कि प्लान था कि झूठी एफआईआर दर्ज करके मुझ पर दबाव बनाया जाए, यह उम्मीद करते हुए कि मैं अपनी सार्वजनिक पहचान बचाने के लिए पैसे दूंगा. मेरे हिसाब से, एफआईआर का इस्तेमाल असली शिकायत के बजाय जबरदस्ती वसूली के एक टूल के तौर पर किया गया.
View this post on Instagram
Discover more from News Link360
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
