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saba karim slams gambhir: न्यूज 18 हिंदी से एक्सक्लूसिव बातचीत में पूर्व सेलेक्टर सबा करीम ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि हमेशा टीम के खराब प्रदर्शन के बाद हेड कोच की कुर्सी बची रहती है और दूसरे स्टाफ को जिम्मेदार बता दिया जाता है. बोर्ड से भी सवाल पूछते हुए कहा कि ऐसा कब तक चलेगा और कोई तो सामने आकर हेड कोच सवाल कोई क्यों नहीं पूछता और कैसे हर बार हेड कोच बच जाते है.
पूर्व सेलेक्टर सबा करीम के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत, बोले जीत-हार दोनों के लिए हेड कोच जिम्मेदार
नई दिल्ली. आयरलैंड और इंग्लैंड से हारने के बाद ये तो तय था कि रिव्यू मीटिंग से पहले कुछ ऐसे फैसले लिए जा सकते है जिससे टीम की हार मुद्दा भी दब जाए और फैंस को लगे कि बोर्ड ने कुछ बोल्ड स्टेप भी उठाए है. इसीलिए जैसे ही टीम इंडिया के स्पोर्ट स्टाफ ने भारत की धरती पर कदम रखा तो दो लोगों को बलि का बकरा बना दिया गया. असिस्टेंट कोच रयान डेस्कोटे और फील्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट ना बढ़ाने का फैसला कर लिया गया. जिस पर पूर्व सेलेक्टर ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है.
न्यूज 18 हिंदी से एक्सक्लूसिव बातचीत में पूर्व सेलेक्टर सबा करीम ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि हमेशा टीम के खराब प्रदर्शन के बाद हेड कोच की कुर्सी बची रहती है और दूसरे स्टाफ को जिम्मेदार बता दिया जाता है. बोर्ड से भी सवाल पूछते हुए कहा कि ऐसा कब तक चलेगा और कोई तो सामने आकर हेड कोच सवाल कोई क्यों नहीं पूछता और कैसे हर बार हेड कोच बच जाते है.
गंभीर को लेनी होगी जिम्मेदारी
न्यूज 18 हिंदी से एक्सक्लूसिव बातचीत में पूर्व सेलेक्टर सबा करीम ने सीधे गोतम गंभीर पर निशाना साधते हुए कहा कि हार की पूरी जिम्मेदारी हेड कोच की है और सबसे पहले कोई हटाया जाना चाहिए तो वो हेड कोच है. सबा ने आगे कहा कि जीत का श्रेय लेने अगर कोच आगे आ जाता है तो हार के लिए स्पोर्ट स्टाफ जिम्मेदार कैसे हो सकता है. सबा ने कहा कि वो इस प्रथा के सख्त खिलाफ है कि किसी व्यक्ति विशेष को बचाने के लिए किसी और पर टोपी घुमा दे. सबा ने गंभीर पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि हेड कोच का काम अपने स्पोर्ट स्टाफ से सही से काम नही ले पा रहे और अगर ये सही है तो तो ये उनकी कमी है और हेड कोच को पहले हटाया जाना चाहिए
फुटबॉल से सीखे बीसीसीआई
सबा करीम ने बातचीत में आगे कहा कि फुटबाल में देश की टीम हो या क्लब की खराब खेलती है तो सबसे पहले कोच का इस्तीफा होता है पर हमारे सिस्टम में उनको बचाने के लिए सारे पैंतरों का इस्तेमल होता है. सबा ने आगे कहा कि कभी कभी तो कप्तान बदल दिया जाता है पर कोच वहीं का वहीं रहता है. पूर्व सेलेक्टर ने कहा कि ये कोई पहली हार नही है वर्ल्ड कप के अलावा हम हर फॉर्मेट में हार ही रहे है. ड्रेसिंग रूम में आज हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा है जिसकी एक बड़ी वजह हेड कोच का सही तरीके से फंक्शन ना कर पाना है.
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राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …
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