रोड किनारे झाड़ में छिपे रहते हैं पुलिसवाले, दूर से आपकी कार को देखते ही कैसे जान लेते हैं पॉलूशन सर्टिफिकेट है या नहीं?
बिना वैध PUC के वाहन चलाना कानूनन अपराध है और इस पर चालान कट सकता है. इसमें एक अहम सवाल सामने निकलता है कि आखिर कैसे सड़क किनारे कई बारे पुलिवाले या ट्रैफिक पुलिस दूर से ही कैसे पहचान लेती है कि गाड़ी का पालूशन सर्टिफिकेट है या नहीं है. असल में इसका जवाब है कुछ खास तकनीक और तरीके.
गाड़ी से निकलने वाला धुआं
इसका पहला तरीका है वाहन से निकलने वाला धुआं. अगर किसी कार या बाइक के साइलेंसर से ज्यादा काला या नीला धुआं निकलता दिखता है, तो यह साफ संकेत होता है कि इंजन सही तरीके से काम नहीं कर रहा और संभव है कि PUC सर्टिफिकेट वैध न हो या समय पर अपडेट न किया गया हो. ऐसे में पुलिस की नजर में आपकी गाड़ी तुरंत आ जाती है, और वह आपका चालान काट देते हैं.
वाहन की हालत
दूसरा तरीका है वाहन की हालत और आवाज. बहुत ज्यादा शोर करने वाला इंजन, टूटा हुआ साइलेंसर या पुराने वाहन अक्सर ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं. पुलिस को अनुभव से पता चल जाता है कि ऐसे वाहनों के पास PUC होने की संभावना कम होती है, इसलिए उन्हें जांच के लिए रोका जाता है.
डिजिटल सिस्टम और नंबर प्लेट स्कैनिंग
तीसरा तरीका है डिजिटल सिस्टम और नंबर प्लेट स्कैनिंग करना. आजकल कई शहरों में ट्रैफिक पुलिस के पास हैंडहेल्ड डिवाइस, कैमरे और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) सिस्टम होते हैं. जैसे ही वाहन का नंबर स्कैन होता है, पुलिस को मोबाइल या टैबलेट पर तुरंत जानकारी मिल जाती है कि उस वाहन का PUC वैध है या एक्सपायर हो चुका है. कई बार पुलिस झाड़ियों या सड़क किनारे इसलिए खड़ी होती है ताकि वाहन चालक सतर्क न हो और जांच आसानी से हो सके. सरकार ने तो अब खुद ही ये कह दिया है कि लोगों की गाड़ियों पर अब कैमरे से नजर रखी जाएगी ताकि ये पता चल जाए कि उनकी गाड़ी का पीएसयू सर्टिफिकेट है या नहीं है.
चेकिंग ड्राइव
चौथा तरीका है चेकिंग ड्राइव और टारगेटेड कार्रवाई की जाती है. यानी खास दिनों में, जैसे प्रदूषण बढ़ने पर या सरकार के निर्देश पर पुलिस विशेष अभियान चलाती है और ऐसे में पुराने वाहनों, डीजल गाड़ियों या ज्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर खास नजर रखी जाती है.
PUC स्टिकर
कई बार वाहन के शीशे पर लगा PUC स्टिकर भी दूर से नजर आ जाता है. अगर स्टिकर पुराना है या उस पर तारीख साफ दिख रही है और वह एक्सपायर लग रहा है, तो पुलिस वाहन को रोक सकती है. इससे ये बात तो साफ है कि अब बिना पीयूएस सर्टिफिकेट के आपकी गाड़ी कभी भी पुलिस की नजरों में आ सकती है, फिर चाहे आप उनसे अधिक दूरी पर क्यों न हो. क्योंकि तकनीक और नियमों के आधार पर यह पहचान बहुत आसान हो जाती है. इसलिए बेहतर यही है कि वाहन चालक समय पर PUC सर्टिफिकेट बनवाएं, वाहन की सर्विसिंग कराते रहें और सभी जरूरी दस्तावेज हमेशा साथ रखें वरना आपका चालान काटने में पुलिस को ज्यादा समय नहीं लगेगा.
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