हालिया मामला महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का है. जहां एक ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में अचानक आग लग गई. ये घटना एक स्कूल के बाहर हुई, जहां एक पिता अपनी तीन साल की बेटी को लेने के लिए इंतजार कर रहा था. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि स्कूटर से एकदम धुआं निकलना शुरू हो जाता है. अच्छी बात ये है कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ.
लोगों का फूटा गुस्सा
ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. X (पूर्व में ट्विटर) पर @theprayagtiwari नाम से एक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए ओला इलेक्ट्रिक बाइक्स को बैन करने की मांग की है. पोस्ट में उन्होंने “Ban Ola electric bike” को कई बार दोहराया, जो लोगों की नाराजगी को दर्शाता है.
इस पोस्ट को अब तक हजारों लाइक्स और रीपोस्ट मिल चुके हैं. कई यूजर्स ने कमेंट्स में सरकार से कार्रवाई की मांग की है. यूजर लिख रहे हैं कि पता नहीं सरकार इतने सारे केस रिपोर्ट होने के बाद भी कोई एक्शन क्यों नहीं ले रही. ओला इलेक्ट्रिक ने अभी तक इस ताजा घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. कंपनी के सीईओ भाविश अग्रवाल को कई यूजर्स ने टैग करते हुए आलोचना की है. कुछ यूजर्स ने तो ओला को “फ्रॉड कंपनी” तक कहा है.
ओला ही क्यों जल रहा?
ये कोई पहली घटना नहीं है. ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आग लगने की शिकायतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं. 2022 में पुणे में एक ओला S1 प्रो स्कूटर में आग लगने की घटना की जांच सरकार ने कराई थी. 2023 में केरल में एक जांच के दौरान बैटरी में खराबी पाई गई थी. हाल ही में 2025 में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में एक ओला स्कूटर में आग लगी थी. 2024 में कर्नाटक के कलबुर्गी में एक ग्राहक ने शोरूम में ही स्कूटर में आग लगा दी थी, हालांकि वह विवाद से जुड़ा था.
इन घटनाओं ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) इंडस्ट्री में सुरक्षा मानकों पर बहस छेड़ दी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरियां ओवरहीटिंग, ओवरचार्जिंग या खराब क्वालिटी के कारण आग पकड़ सकती हैं. इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आग लगने का मुख्य कारण बैटरी से जुड़ी समस्याएं हैं. हालांकि, कुछ सावधानियां बरतकर जोखिम को कम किया जा सकता है.
अपने ई-स्कूटर को कैसे बचाएं
सबसे पहले, हमेशा ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें और चार्जिंग के दौरान स्कूटर को अटेंडेड रखें. ओवरचार्जिंग से बचें और बैटरी फुल होने पर तुरंत अनप्लग करें. बैटरी को एक्सट्रीम टेम्परेचर से दूर रखें, जैसे धूप में या हीटर के पास न रखें. रेगुलर मेंटेनेंस कराएं और अगर बैटरी में कोई असामान्य गंध, रंग बदलाव या डैमेज दिखे तो इस्तेमाल बंद करें.
काउंटरफिट या सस्ती बैटरियां न खरीदें, हमेशा मैन्युफैक्चरर द्वारा अप्रूव्ड पार्ट्स यूज करें. चार्जिंग के समय स्कूटर को ज्वलनशील सामग्री से दूर रखें और कभी भी सोते समय चार्ज न करें. अगर आग लग जाए तो पानी न डालें, बल्कि फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करें या एवीडी फायर ब्लैंकेट यूज करें.
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