सिर्फ 2 मिनट में तेज़ करें अपना स्लो एंड्रॉयड फोन, ये हैं सुपरफास्ट बनाने की 4 सीक्रेट सेटिंग्स, अनजान हैं लोग


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अगर आपका एंड्रॉयड फोन स्लो चल रहा है, तो डेवलपर ऑप्शन की ये 4 आसान सेटिंग्स बदलकर आप फोन की स्पीड और परफॉर्मेंस को तुरंत बेहतर बना सकते हैं….

आजच्य डिजिटल युगात स्मार्फफोन हा आपल्याल दैनंदिन जीवनात अत्यंत महत्त्वाचा झाला आहे. आपल्या आयुष्यातील जास्तीत जास्त काम आता स्मार्टफोनवर अवलंबून असतात. अशावेळी आपलाय फोन हा फास्ट चालणे अत्यंत आवश्यक असतं. फोनचा परफॉर्मेंस चांगला असावा आणि स्मार्टफोन हा स्मूद चालावा यासाठी फोनमध्ये काही सेटिंग्स असतात. ज्या बऱ्याच लोकांना माहिती नसतात. आज आपण अशाच एका सेटिंगविषयी जाणून घेणार आहोत.

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारे डेली लाइफ का एक बेहद अहम हिस्सा बन चुका है. हमारे जीवन के ज़्यादातर काम अब स्मार्टफोन पर ही निर्भर हो गए हैं. ऐसे में हमारा फोन का तेज़ चलना बहुत ज़रूरी होता है. फोन का परफॉर्मेंस अच्छा हो और स्मार्टफोन स्मूद चले, इसके लिए फोन में कुछ ऐसी सेटिंग्स होती हैं जिनके बारे में बहुत से लोगों को पता नहीं होता. आज हम ऐसी ही एक सेटिंग के बारे में जानने वाले हैं.

तुमच्या अँड्रॉइड फोनमध्ये डेव्हलपर ऑप्शनचा सेक्शन मिळतो. पण हे नाव वाचून वाटतं की, हा फक्त अँड्रॉइड डेव्हलपरसाठी आहे. हे काही अंशी खरेदी आहे. पण यामध्ये अशा अनेक सेटिंग्स आहेत. ज्या सामान्य यूझर्ससाठी खुप महत्त्वाच्या आहेत. तुम्ही ही सेटिंग योग्य प्रकारे सेट केली तर तुम्हाला एकदम स्मूद परफॉर्मेंस मिळेल.

आपके एंड्रॉइड फोन में डेवलपर ऑप्शन नाम का एक सेक्शन मिलता है. लेकिन इस नाम को पढ़कर ऐसा लगता है कि यह सिर्फ एंड्रॉयड डेवलपर्स के लिए ही होता है. ये बात कुछ हद तक सही है, लेकिन इसमें कई ऐसी सेटिंग्स भी होती हैं जो सामान्य यूज़र्स के लिए भी बहुत ज़रूरी हैं. 

अगर आप इन सेटिंग्स को सही तरीके से सेट कर लें, तो आपको फोन में काफी स्मूद परफॉर्मेंस देखने को मिलेगी.

अगर आप इन सेटिंग्स को सही तरीके से सेट कर लें, तो आपको फोन में काफी स्मूद परफॉर्मेंस देखने को मिलेगी.

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बॅकग्राउंड अ‍ॅक्टिव्हिटीला करा लिमिट : अँड्रॉइडवर मल्टीटास्किंग केल्याने अनेक गोष्टी सोप्या होतात, परंतु त्यामुळे प्रोसेसर आणि बॅटरीवरही ताण येतो. म्हणून, डेव्हलपर मोडमध्ये जा आणि बॅकग्राउंड प्रोसेस लिमिट 2 किंवा त्याहून अधिक सेट करा. हे एकाच वेळी अनेक अ‍ॅप्स उघडण्यापासून रोखेल आणि तुमचा फोन सुरळीत चालू ठेवेल.

बैकग्राउंड एक्टिविटी को करें लिमिट: एंड्रॉयड पर मल्टीटास्किंग करने से कई काम आसान हो जाते हैं, लेकिन इससे प्रोसेसर और बैटरी पर अडिशनल दबाव भी पड़ता है. 

इसलिए डेवलपर मोड में जाएं और बैकग्राउंड प्रोसेस लिमिट को 2 या उससे कम पर सेट करें. इससे एक साथ कई ऐप्स खुलने से रुकेंगे और आपका फोन स्मूद तरीके से चलता रहेगा.

लॉगर बफर साइज कमी करा : तुमहा फोन तुमची प्रत्येक अॅक्टिव्हिटी रेकॉर्ड करतो. हे डिव्लहपरसाठी कामाचं फीचर आहे. पण सामान्य यूझर्ससाठी याचा जास्त वापर होत नाही. अँड्रॉइडमध्ये डिफॉल्टरित्या मोठी बफर साइज मिळते. याचा अर्थ यासाठी तुमच्या फोनमध्ये जास्त मेमोरी कंज्यूम होते आणि सीपीयूलाही जास्त काम करावं लागतं. हे कमी करण्यासाठी लॉगर बफर साइजला 64K किंवा 256K वर सेट करुन घ्या. तुम्ही हे पूर्णपणे बंदही करु शकता.

लॉगर बफर साइज कम करें: आपका फोन आपकी हर एक्टिविटी को रिकॉर्ड करता है. ये फीचर डेवलपर्स के लिए काम का होता है, लेकिन सामान्य यूज़र्स के लिए इसका ज़्यादा इस्तेमाल नहीं होता. एंड्रॉयड में डिफॉल्ट रूप से बड़ी बफर साइज मिलती है, जिसका मतलब है कि इसके लिए फोन की ज़्यादा मेमोरी इस्तेमाल होती है और CPU पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसे कम करने के लिए लॉगर बफर साइज को 64K या 256K पर सेट कर दें. चाहें तो आप इसे पूरी तरह बंद भी कर सकते हैं.

फोर्स पीक रिफ्रेश रेट : तुम्हाला बॅटरी लाइफची काळजी नसेल, तर ही सेटिंग तुमच्या फोनचा वापर करणे सोपे करेल. तुमच्या फोनचा रिफ्रेश रेट जास्त असला तरीही, बॅटरी वाचवण्यासाठी अँड्रॉइड अनेकदा तो कमी करतो. हे टाळण्यासाठी, तुम्ही फोर्स पीक रिफ्रेश रेट पर्याय सक्षम करू शकता. यामुळे सोशल मीडियावर स्क्रोल करण्याचा संपूर्ण अनुभव आनंददायी आणि मजेदार होईल.

फोर्स पीक रिफ्रेश रेट: अगर आपको बैटरी लाइफ की ज़्यादा चिंता नहीं है, तो यह सेटिंग आपके फोन के इस्तेमाल को और स्मूद बना सकती है. भले ही आपके फोन का रिफ्रेश रेट ज्यादा हो, लेकिन बैटरी बचाने के लिए एंड्रॉयड कई बार उसे कम कर देता है. 

इससे बचने के लिए आप फोर्स पीक रिफ्रेश रेट ऑप्शन को ऑन कर सकते हैं. इससे सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करने का अनुभव ज्यादा स्मूद और मजेदार हो जाएगा.

इससे बचने के लिए आप फोर्स पीक रिफ्रेश रेट ऑप्शन को ऑन कर सकते हैं. इससे सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करने का अनुभव ज्यादा स्मूद और मजेदार हो जाएगा.

अॅनिमेशन स्केल चेंज करा : अॅप ट्रांझिक्शनविषयी बोलायचं असेल किंवा मेन्यू पॉप-अॅप्स, हे सर्व काही अॅनिमेशनवर डिपेंड करते. हाय-एंड फोनमध्ये हे अॅनिमेशन शानदार पद्धतीने काम करते. मात्र मिड-रेंज किंवा एंट्री लेव्हलमध्ये फोनमध्ये हे प्रोसेसला स्लो करते. डेव्हलपर ऑप्शनमध्ये जाऊन तुम्ही या अॅनिमेशन कमी किंवा पूर्णपणे बंद करु शकते. यामुळे फोनची परफॉर्मेंस वेग होईल.

एनिमेशन स्केल बदलें: ऐप ट्रांज़िशन हों या मेन्यू के पॉप-अप्स, ये सभी चीज़ें एनिमेशन पर निर्भर करती हैं. हाई-एंड फोन में ये एनिमेशन काफी शानदार तरीके से काम करते हैं, लेकिन मिड-रेंज या एंट्री-लेवल फोन में यही एनिमेशन प्रोसेस को स्लो कर देते हैं. डेवलपर ऑप्शन में जाकर आप इन एनिमेशन को कम या पूरी तरह बंद कर सकते हैं. इससे फोन की परफॉर्मेंस तेज़ हो जाती है.

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