Falgun Amavasya 2026: 17 या 18 फरवरी कब है फाल्गुन अमावस्या, क्यों खास है ये


Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन महीने की अमावस्या तिथि हिंदू धर्म में काफी विशेष महत्व रखती है. धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से इस दिन को महत्वपूर्ण माना जाता है. फाल्गुन अमावस्या पर लोग पवित्र नदी में स्नान, दान और पितरों की आत्मा की शांति के दिन तर्पण आदि जैसे कार्य करते हैं.

फाल्गुन अमावस्या 2026 कब है

साल 2026 में फाल्गुन अमावस्या की तिथि को लेकर लोगों में थोड़ी भ्रम की स्थिति बनी हुई है.  कुछ लोग फाल्गुन अमावस्या की तिथि 17 फरवरी तो कुछ 18 फरवरी मान रहे हैं. लेकिन पंचांग के आधार पर हम अमावस्या की सही तिथि और मुहूर्त के बारे में जान सकते हैं.

पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 फरवरी शाम 05:34 से हो चुकी है और 17 फरवरी को शाम 05:31 पर अमावस्या तिथि समाप्त हो जाएगी. ऐसे में 18 फरवरी को अमावस्या नहीं रहेगी. उदयातिथि के मुताबिक 17 फरवरी को ही फाल्गुन अमावस्या रहेगी. मंगलवार का दिन होने से इसे भौमवती अमावस्या कहा जाएगा.

भौमवती अमावस्या पर तर्पण का मुहूर्त

17 फरवरी को भौमवती अमावस्या पर लोग मृत पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान आदि करते हैं. इसके लिए दोपहर 12:37 से 01:23 तक का मुहूर्त रहेगा. इस समय अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जिसमें आप पितरों के निमित्त दान, तर्पण आदि कर सकते हैं.

क्यों खास है फाल्गुन अमावस्या 2026

  • फाल्गुन अमावस्या पर पितृ तर्पण और श्राद्ध का महत्व है. इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण, दान और पूजन आदि किए जाते हैं.
  • अमावस्या तिथि पर धार्मिक स्नान व दान का भी महत्व है. लोग पवित्र नदियों में स्नान कर और जरूरतमंदों को दान करते हैं. मान्यता है कि इससे पुण्य फल मिलता है.
  • फाल्गुन अमावस्या पर इस साल सूर्य ग्रहण भी लग रहा है. हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा.
  • अग्नि पंचक की शुरुआत भी फाल्गुन अमावस्या से हो रही है. 17 फरवरी को सुबह 09:05 से पंचक शुरू हो जाएगा और 21 फरवरी को शाम 07:07 पर समाप्त होगा.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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