आईआईटी मंडी का यह समर इंटर्नशिप प्रोग्राम सिर्फ एक ट्रेनिंग नहीं, बल्कि छात्रों के करियर को नई दिशा देने का जरिया है. यहां छात्र किताबों से बाहर निकलकर रिसर्च लैब, आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों के साथ काम कर पाएंगे. इंजीनियरिंग और साइंस से जुड़े छात्रों के लिए यह मौका काफी अहम माना जा रहा है.
कितना मिलेगा स्टाइपेंड और कितने समय की होगी इंटर्नशिप?
इस प्रोग्राम में चुने गए छात्रों को दो महीने की इंटर्नशिप कराई जाएगी. इस दौरान उन्हें हर महीने 10,000 रुपये दिए जाएंगे. यानी पूरी इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को कुल 20,000 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा. इसके अलावा, प्रोग्राम पूरा होने पर छात्रों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा, जो आगे की पढ़ाई और नौकरी में काफी काम आएगा.
कौन कर सकता है आवेदन?
आईआईटी मंडी समर इंटर्नशिप 2026 के लिए पात्रता नियम साफ और सरल रखे गए हैं.
- यूजी छात्र: इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी में पढ़ रहे प्री-फाइनल ईयर के छात्र आवेदन कर सकते हैं.
- पीजी छात्र: किसी भी पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के पहले साल में पढ़ने वाले छात्र भी इस प्रोग्राम के लिए योग्य हैं.
- एमओयू शर्त: यह इंटर्नशिप उन संस्थानों के छात्रों के लिए है, जिनका आईआईटी मंडी के साथ समझौता (MoU) है. आवेदन से पहले छात्रों को अपने कॉलेज का नाम आधिकारिक सूची में जरूर जांच लेना चाहिए.
किन विषयों में मिलेगा रिसर्च का मौका?
आईआईटी मंडी में इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को कई विषयों में काम करने का अवसर मिलेगा. इनमें शामिल हैं
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स
- कंप्यूटर और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
- मैकेनिकल और मटीरियल इंजीनियरिंग
- बायोसाइंस और बायोइंजीनियरिंग
- क्वांटम साइंस और टेक्नोलॉजी
- ह्यूमैनिटी, सोशल साइंस और मैनेजमेंट
- भारतीय ज्ञान प्रणाली और मानसिक स्वास्थ्य
- इसके अलावा फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स जैसे विषयों में भी रिसर्च के मौके मिलेंगे.
आवेदन की तारीख और जरूरी जानकारी
आईआईटी मंडी समर इंटर्नशिप प्रोग्राम 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
आवेदन की अंतिम तिथि: 30 मार्च 2026
इंटर्नशिप शुरू होने की तारीख: 25 मई 2026
इच्छुक छात्र आईआईटी मंडी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
छात्रों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे?
इस इंटर्नशिप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्रों को आईआईटी जैसे बड़े संस्थान में काम करने का अनुभव मिलेगा. यहां उन्हें आधुनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर टूल्स पर काम करने का मौका अनुभवी प्रोफेसरों से सीधा मार्गदर्शन मिलेगा. रिसर्च पेपर लिखने और प्रोजेक्ट पर काम करने का अनुभव होगा. एमएस या पीएचडी में दाखिले में मदद मिलेगी. बड़ी कंपनियों में नौकरी के बेहतर अवसर जैसे कई फायदे मिल सकते हैं.
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