कंपनी ने जो बताया, नहीं मिल रही उतनी रेंज? फॉलो करें ये 5 टिप्स, सिंगल चार्ज पर ज्यादा भागेगी EV


Electric Car चलाने वाले हमेशा रेंज की टेंशन में रहते हैं. सभी की शिकायत रहती है कि उनकी EV कंपनी द्वारा बताई गई क्लेम्ड रेंज नहीं देती है. अगर आप भी इस दिक्कत को झेल रहे हैं, तो सही पते पर आ पहुंचे है. हम इलेक्ट्रिक गाड़ी के नियमित रखरखाव (Regular Maintenance) से जुड़े जरूरी टिप्स लेकर आए हैं.

ये न केवल कार की लंबी उम्र सुनिश्चित करने वाले हैं, बल्कि बैटरी की सेहत, रेंज और सुरक्षा को भी बेहतर बनाए रखेंगे. इलेक्ट्रिक कार (EV) में पेट्रोल/डीजल कारों की तुलना में कम पार्ट्स होते हैं, इसलिए मेंटेनेंस आसान और सस्ता होता है. कोई इंजन ऑयल बदलना, स्पार्क प्लग या एग्जॉस्ट सिस्टम की टेंशन नहीं है. आप अपनी EV को हमेशा टॉप कंडीशन में रखने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें.

1. बैटरी की देखभाल (Battery Maintenance)

बैटरी इलेक्ट्रिक कार का सबसे महंगा और महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसकी लाइफ 8-15 साल तक हो सकती है, लेकिन सही देखभाल से इसे और लंबा किया जा सकता है. बैटरी चार्ज को हमेशा 20% से 80% के बीच रखें. रोजाना 100% तक चार्ज करने या 0% तक डिस्चार्ज होने से बैटरी तेजी से खराब होती है फास्ट चार्जिंग (DC फास्ट चार्जर) का इस्तेमाल कम करें. ये सुविधाजनक है, लेकिन बैटरी पर ज्यादा स्ट्रेस डालता है.

2. चार्जिंग सिस्टम और केबल की जांच

चार्जिंग केबल, पोर्ट और प्लग को नियमित रूप से चेक करें. कोई दरार, जंग या ढीला कनेक्शन न हो. घरेलू चार्जर इंस्टॉल करवाएं और उसकी वायरिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करें. चार्जिंग के दौरान कार को वेंटिलेटेड जगह पर रखें. ओवरहीटिंग से बचें.

3. टायर और व्हील मेंटेनेंस (Tires & Wheels)

EV कारें भारी होती हैं (बैटरी की वजह से) और इंस्टेंट टॉर्क से टायर जल्दी घिसते हैं. हर महीने टायर प्रेशर चेक करें. सही प्रेशर रेंज बढ़ाता है और टायर लाइफ लंबी करता है. हर 8,000-10,000 किमी पर टायर रोटेशन* करवाएं. असमान घिसाव से बचाव होता है. व्हील एलाइनमेंट और बैलेंसिंग समय पर करवाते रहें.

4. ब्रेक सिस्टम (Brakes)

रिजेनरेटिव ब्रेकिंग की वजह से ब्रेक पैड बहुत लंबे चलते हैं (पेट्रोल कार से 2-3 गुना ज्यादा). फिर भी हर सर्विस में ब्रेक पैड, डिस्क और फ्लूइड चेक करवाएं. रिजेन ब्रेकिंग को ज्यादा इस्तेमाल करें. ये बैटरी चार्ज भी करता है और ब्रेक वियर कम करता है.

5. कूलेंट और थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम

बैटरी और मोटर को ठंडा रखने वाला कूलेंट समय पर बदलें (ज्यादातर 1-2 लाख किमी या 5-8 साल बाद). लीकेज या लेवल कम होने पर तुरंत चेक करवाएं. साथ में केबिन एयर फिल्टर हर 15,000-20,000 किमी या साल में एक बार बदलें. इससे AC की परफॉर्मेंस बेहतर रहेगी.

इन टिप्स को अपनाकर आप अपनी इलेक्ट्रिक कार की रेंज, परफॉर्मेंस और लाइफ को काफी बढ़ा सकते हैं. कुल मिलाकर, EV का रखरखाव पेट्रोल कार से आसान है. कम खर्च, कम समय और ज्यादा बचत के साथ EV चलानी है, तो बैटरी और टायर पर सबसे ज्यादा फोकस रखें. सर्विस रुटीन और टायर प्रेशर जैसे मेजरमेंट के लिए कार का मैनुअल देखें.



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