सड़क यात्रा में ब्रेकडाउन, रास्ता भटकने और हादसों से बचाव के टिप्स


आज की तेज रफ्तार वाली जिंदगी में सड़क यात्राएं रोजमर्रा का हिस्सा बन गई हैं. कभी-कभी रास्ता भटक जाना या गाड़ी का अचानक ब्रेकडाउन जैसी आपात स्थिति आ सकती है. ऐसी कंडीशन में घबराहट सबसे बड़ा दुश्मन है. शांत दिमाग रखकर सही कदम उठाने से आप न सिर्फ अपनी जान बचा सकते हैं बल्कि परिवार और साथियों को भी सुरक्षित रख सकते हैं.

अपने इस आर्टिकल में हम रास्ता भटकने से लेकर गाड़ी खराब होने, दुर्घटना, ईंधन खत्म होने और अन्य आम समस्याओं से निपटने के तरीके बताएंगे. पूरी तैयारी, जरूरी नंबर्स और सुरक्षा टिप्स के साथ आप आपने आप को कैसी भी स्थिति से निपटन के लिए मजबूज बना सकते हैं. आइए, इन टिप्स और ट्रिक्स को जान लेते हैं.

रास्ता भूल गए?

अगर रास्ता भटक गए हैं तो तुरंत घबराएं नहीं. गाड़ी को सुरक्षित जगह पर रोकें. मोबाइल में गूगल मैप्स या एपल मैप्स खोलें और लोकेशन शेयर करें किसी भरोसेमंद व्यक्ति से पूछें. इंटरनेट न हो तो पहले से ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड रखें. आसपास के लैंडमार्क जैसे मंदिर, स्कूल, पेट्रोल पंप या बोर्ड देखकर दिशा समझें. दिन में सूरज की दिशा से पूर्व-पश्चिम का अंदाजा लगाएं.

फ्यूल लेवल हमेशा हाफ से ऊपर रखें ताकि एक्स्ट्रा मील चल सकें. लोकल लोगों से रास्ता पूछें लेकिन अकेले न जाएं और सावधानी बरतें. अगर कोई संदेह हो तो मदद न लें. तुरंत 112 नेशनल इमरजेंसी नंबर डायल करें. ये पुलिस, एंबुलेंस और फायर सभी के लिए है. उत्तर प्रदेश में ये पूरी तरह सक्रिय है. अगर नेशनल हाईवे पर हैं तो 1033 NHAI हेल्पलाइन (24×7 टोल-फ्री) पर कॉल करें, वे एंबुलेंस, हाईवे पेट्रोल या क्रेन भेजेंगे.

ब्रेकडाउन हो गया?

वाहन ब्रेकडाउन की स्थिति में सबसे पहले गाड़ी को सड़क के बाएं किनारे (शोल्डर) पर ले जाएं, हैजर्ड लाइट्स ऑन करें. हुड उठा दें, ताकि दूसरे ड्राइवर्स को संकेत मिले. रात या कम विजिबिलिटी में रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनें. वार्निंग ट्रायंगल लगाएं. सामान्य सड़क पर 45 मीटर पीछे, हाईवे पर 100 मीटर पीछे. अगर ट्रैफिक ज्यादा है तो गाड़ी के अंदर ही रहें, दरवाजे लॉक करें और सीटबेल्ट लगाए रखें.

फ्लैट टायर हो तो अगर आपको आता है तो बदलें. हैंडब्रेक लगाएं, जैक से गाड़ी उठाएं, नट्स खोलें, टायर बदलें, नट्स कसें और नीचे उतारें. अगर नहीं आता तो खुद न छेड़ें. इंश्योरेंस कंपनी के रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) नंबर पर कॉल करें. ज्यादातर कंपनियां जैसे HDFC Ergo, ICICI Lombard, Bajaj Allianz फ्री टोइंग और रिपेयर देती हैं. 1033 या 112 भी मदद करेंगे. बैटरी डेड हो तो जंपर केबल से दूसरी गाड़ी से मदद लें या प्रोफेशनल बुलाएं. इंजन ओवरहीटिंग हो तो गाड़ी को शोल्डर पर कोस्ट करके ले जाएं और इंजन ठंडा होने दें. ईंधन खत्म हो जाए तो पास के पेट्रोल पंप से कैन मंगवाएं या RSA कॉल करें.

एक्सीडेंट में फंस गए?

दुर्घटना हो जाए तो सबसे पहले शांत रहें. खुद और साथियों की चोटें चेक करें. गंभीर लगे तो तुरंत 108 एंबुलेंस या 112 कॉल करें. फर्स्ट एड दें. खून बह रहा हो तो दबाव डालकर रोकें, पट्टी बांधें. छोटी दुर्घटना हो तो दोनों गाड़ियां साइड में ले जाएं, फोटो खींचें, गवाहों के नंबर नोट करें, ड्राइवर डिटेल्स (नाम, फोन, बीमा) एक्सचेंज करें. पुलिस को सूचित करें, क्योंकि इंश्योरेंस क्लेम के लिए FIR जरूरी है. हिट एंड रन हो, तो नंबर याद रखें या फोटो लें. कभी भी व्यस्त सड़क पर गाड़ी ठीक न करें.

बोनस टिप्स: कार चलाते समय हमेशा सीटबेल्ट लगाएं, स्पीड लिमिट फॉलो करें और थकान में ब्रेक लें. अकेले यात्रा पर रात में कम निकलें. महिलाएं और बच्चे खास सतर्क रहें. कोहरे, बारिश या बाढ़ वाले इलाकों से बचें. अगर पावर लाइन गाड़ी पर गिरी हो तो अंदर रहें. बाढ़ वाले पानी में न जाएं. इन टिप्स को अपनाकर आप किसी भी सड़क किनारे आपात स्थिति से आसानी से निपट सकते हैं.



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