देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (E2W) की मासिक बिक्री अब करीब 1.23 लाख यूनिट तक पहुंच चुकी है. इस तेजी से बढ़ते बाजार में टीवीएस मोटर कंपनी (TVS Motor Company), बजाज ऑटो (Bajaj Auto) और हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) मिलकर लगभग 60 प्रतिशत हिस्सेदारी पर काबिज हैं.
इन कंपनियों ने अपने इलेक्ट्रिक मॉडल (टीवीएस आईक्यूब, बजाज चेतक और हीरो विदा) के जरिए मजबूत पहचान बनाई है. टीवीएस और बजाज ने 2020 में ही इलेक्ट्रिक सेगमेंट में कदम रख दिया था, जबकि हीरो ने 2022 में एंट्री ली. शुरुआती निवेश और आक्रामक रणनीति का फायदा अब इन्हें बाजार हिस्सेदारी के रूप में मिल रहा है.
एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के निदेशक पुनीत गुप्ता का कहना है कि भारतीय कंपनियां बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (BEVs) के लॉन्ग टर्म भविष्य को लेकर ज्यादा आश्वस्त नजर आती हैं. यही भरोसा उन्हें इलेक्ट्रिक तकनीक में लगातार निवेश करने के लिए प्रेरित कर रहा है. उनके मुताबिक मजबूत सर्विस नेटवर्क और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट ने भी ग्राहकों का विश्वास बढ़ाया है, खासकर टीवीएस जैसे ब्रांड ने इस मोर्चे पर बढ़त बनाई है.
होंडा को नहीं मिल रही उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (Honda Motorcycle and Scooter India) ने एक्टिवा ई और क्यूसी1 के साथ इलेक्ट्रिक बाजार में प्रवेश किया, लेकिन अब तक बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 12 महीनों में कंपनी 4,000 से भी कम इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बेच पाई है.
तुलना करें तो टीवीएस तीन दिन में और बजाज पांच दिन से भी कम समय में इतनी बिक्री हासिल कर लेती हैं. सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के आंकड़े बताते हैं कि अगस्त 2025 के बाद से एक्टिवा ई या क्यूसी1 का उत्पादन नहीं हुआ है और डीलर मौजूदा स्टॉक निकालने में जुटे हैं.
लॉन्च के बाद से इन दोनों मॉडलों की कुल 11,168 यूनिट का उत्पादन हुआ, जो रिटेल सेल के आंकड़ों से लगभग तीन गुना है. धीमी मांग को देखते हुए कंपनी ने अपने लॉन्ग टर्म अनुमान में भी बदलाव किया है. 2024 में जहां कंपनी ने 2030 तक अपने पोर्टफोलियो का एक-तिहाई हिस्सा इलेक्ट्रिक होने का अनुमान जताया था, वहीं 2025 की शुरुआत में इसे घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया.
सुजुकी की भी धीमी शुरुआत
सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया ने जनवरी 2025 में भारत मोबिलिटी एक्सपो में अपने लोकप्रिय स्कूटर के इलेक्ट्रिक संस्करण ई-एक्सेस को पेश किया था. उत्पादन मई में शुरू हुआ, लेकिन व्यावसायिक बिक्री जनवरी 2026 से शुरू हो पाई.
आंकड़ों के मुताबिक मई से जनवरी के बीच केवल 877 यूनिट का उत्पादन हुआ. वाहन पोर्टल के अनुसार जनवरी और फरवरी में मिलाकर लगभग 489 यूनिट की खुदरा बिक्री दर्ज की गई. मांग बढ़ाने के लिए कंपनी लगभग 20,000 रुपये के लाभ और 18,000 रुपये कीमत का मुफ्त चार्जर भी दे रही है.
यामाहा की साझेदारी वाली रणनीति
यामाहा मोटर इंडिया ने सीधे निवेश के बजाय साझेदारी का रास्ता चुना है. फरवरी की शुरुआत में कंपनी ने ईसी-06 लॉन्च किया, जो बेंगलुरु की ईवी स्टार्टअप रिवर मोबिलिटी (River Mobility) द्वारा विकसित इंडी प्लेटफॉर्म पर आधारित है. दो साल पहले यामाहा ने रिवर में हिस्सेदारी खरीदी थी और अब उसी साझेदारी के जरिए बाजार में कदम रखा है.
रिवर ने फरवरी 2023 में इंडी इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश किया था और ईसी-06 उसी तकनीक का इस्तेमाल करता है. यह दिखाता है कि जापानी कंपनियां फिलहाल सतर्क रणनीति के साथ बाजार में प्रवेश कर रही हैं.
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