EV चियर्स की मौज! महिलाओं और ट्रांसजेंडर को मिलेगा ₹30,000 तक का प्रोत्साहन

दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। इलेक्ट्रिक टू-आचार्चर और ऑटो-ड्राइक नमूने में साल-दर-साल प्रोत्साहन दिए जाएंगे। विशेष रूप से महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए ‘पिंक ई-परमिट’ और ‘रेनबो डॉक्युमेंट’ श्रेणी भी शामिल हो सकती हैं।

वर्तमान ईवी नीति 2020 में लॉन्च किया गया था और कई बार पेश किया गया था। ये 31 मार्च 2026 को ख़त्म हो जाएगा. नई नीति 2030 तक प्रभावशाली रह सकती है। आइए जानते हैं कि नई ईवी पॉलिसी में क्या बदलाव किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार मंजूरी के बाद अंतिम विभाग नामांकन पत्र भेजा जाएगा। स्वीकृत बैठक के बाद 16 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में इसकी घोषणा हो सकती है.

एमीशन कम करने का लक्ष्य

अडोआडो की बात करें तो दिल्ली में टू-आस्कर कुल संतृप्ति का लगभग 67 प्रतिशत योगदान देते हैं और फ़्लोरिडा में वाहन वायु प्रदूषण का लगभग 23 प्रतिशत योगदान देते हैं। इस संस्था का मुख्य लक्ष्य 58 लाख टू-अचर को इलेक्ट्रिक में बहाल करना है। इसके लिए पहले तीन वर्षों में प्रमुख प्रोत्साहन दिये गये हैं।

किससे कितना लाभ मिलेगा?

इलेक्ट्रिक टू-एस्कर (एक्स-शोरूम कीमत 2.25 लाख रुपये तक) के लिए पहले साल में 10,000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 30,000 रुपये) का प्रोत्साहन मिलेगा। दूसरे साल ये 6,600 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 20,000 रुपये) और तीसरे साल ये 3,300 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 10,000 रुपये) होंगे. इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा के लिए पहले साल 50 हजार रुपये, दूसरे साल 40 हजार रुपये और तीसरे साल 30 हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इन तीन सालों में घोटालों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी।

इसके पीछे का मकसद पहले साल में बड़ी संख्या में लोगों को इलेक्ट्रिक बाइक और ऑटो के लिए लाइसेंस देना है। दिल्ली में इस साल अब तक एक लाख से ज्यादा टू-चाकर रजिस्टर हुए हैं, जबकि पिछले साल पांच लाख से ज्यादा थे। लक्ष्य 2030 तक टू- एंकर और ऑटो फ्लीट पूरी तरह से ईवी में वापस आ गया है।

महिलाओं और ट्रांसजेंडर को विशेष छूट

महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए ‘पिंक ई-परमिट’ और ‘रेनबो फिगर’ श्रेणी के लिए विशेष निर्देश दिए जाएंगे। सरकार परीक्षण फर्म लास्ट-माइल कंपनी मजबूत कंपनी। लेबल धारक के लिए स्वयं वाहन चलाना अनिवार्य होगा, इसे लीज पर नहीं दिया जा सकता। गर्भावस्था के मामले में कुछ छूट दी जाएगी। ऑटो-ऑपरेशन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होगी और नौ महीने तक चलेगी।

पब्लिक रिजर्वेशन और बैटरी स्वैपिंग पॉइंट्स भी बढ़ेंगे

यूनिवर्सिटी में पब्लिक लाइब्रेरी और बैटरी स्वैपिंग पॉइंट्स की संख्या स्थिर 9,000 से 36,000 करने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक ट्रकों (एन1 श्रेणी) के लिए भी प्रोत्साहन दिए गए हैं। ई-कॉमर्स को 30 लाख रुपये तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले क्लास के लिए 31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स और सर्च में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इससे ऊपर के ग्रुप को ये लाभ नहीं मिल पाएगा।

नई ईवी इक्विटी का उद्देश्य व्यापक नेटवर्क रिजर्वेशन, बैटरी रिसाइक्लिंग, सर्विसिंग चेन डेवलपमेंट और वायु गुणवत्ता सुधारना है। प्रोत्साहन केंद्र सरकार की ओर से ई-माइक्रोस्काई से जुड़ेंगे। साथ ही आपको बता दें कि ऊपर दिए गए इनफार्मेशन ड्राफ्ट और स्टैमिना का आधार तैयार किया गया है। अभी आधिकारिक तौर पर इन उत्कृष्टता की पुष्टि नहीं हुई है।

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