पेट्रोल भरने और सर्विसिंग की कोई कमी नहीं! इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिकल से हर साल होगी हजारों की बचत, समझें पूरा गणित

समय के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में हर मिडिल क्लास फैमिली के मन में एक ही सवाल है- क्या अब पेट्रोल बाइक को बाकी इलेक्ट्रिक स्कूटर (इलेक्ट्रिक स्कूटर) अपना लेने का सही समय आ गया है?

अगर आप भी बार-बार पेट्रोल पंप के चक्कर लगाते हैं और कुछ महीनों में सर्विसिंग के लिए भारी भरकम खर्च से परेशान हैं, तो हमारा यह लेख आपके काम का है। आइए पर्यावरण केवल एक विद्युत रसायन है, बल्कि आपकी जेब के लिए भी सबसे खराब हो सकता है।

पेट्रोल बनाम इलेक्ट्रिक स्कूटर: खर्च का पूरा गणित

एक सामान्य पेट्रोल डीजल औसत 45-50 kmpl का नुकसान देता है। अगर पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर मन लें, तो 1 किलोमीटर प्रति किलोमीटर का खर्च लगभग 2 से 2.20 रुपये आता है। दूसरी ओर, एक इलेक्ट्रिक वॉलेट को फुल चार्ज करने में लगभग 2 से 3 यूनिट बिजली खर्च होती है।

अगर 8 रुपये प्रति यूनिट की दर से देखें तो फुल चार्ज का खर्च 16 से 24 रुपये आता है। एक फुल चार्ज में यूजर आसानी से 80 से 100 किलोमीटर का है। यानि इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक पर 1 किमी का खर्च 20 से 25 पैसे आता है। इस तरह सालभर का खर्च कुछ इस तरह रहेगा-

1000 किमीपेट्रोल गैजेटविद्युत उपकरण
फुल/बिजली खर्च₹20,000 – ₹22,000₹2,000 – ₹2,500
सेवा व्यय₹3,000 – ₹5,000₹500 – ₹1,000
कुल खर्च₹23,000 – ₹27,000₹2,500 – ₹3,500

5 साल में पैसा अदा!

आप हर साल लगभग 20,000 से 22,000 रुपये तक बचा सकते हैं। 5 साल में ये बचत ₹1 लाख से ऊपर निकल जाती है, जो आपके बजट की पूरी कीमत वसूल कर सकती है देवी। हालाँकि, ई-स्कूटर के लिए आपके घर पर सामान की अच्छी व्यवस्था होना बहुत जरूरी है।

सेवा के झंझट से आज़ादी

गैसोलीन में ऑटोमोबाइल, ऑयल फिल्टर, स्पार्क प्लांट, कार्बोरेटर और क्लच जैसे कई मूविंग पार्ट्स हैं। घर्षण (घर्षण) के कारण टूट-फूट अधिक होती है, जिससे हर 2,500-3,000 किलोमीटर पर सर्विसिंग अनिवार्य हो जाती है।

इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रॉनिक में कोई कॉम्प्लेक्स इंजन नहीं होता है। इसमें मुख्य रूप से एक बैटरी, मोटर और कंट्रोलर होता है। न मोटर ऑयल गियरबॉक्स का कारखाना और न ही मसाला होने का डार. इसमें केवल ब्रेक पैड और टायर का ध्यान रखा जाता है, जिससे मेंटेनेंस का झंझट 80% तक कम हो जाता है।

अन्य बड़े फायदे

  1. नोइज़: इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक बिल्कुल शांत रहते हैं, जिससे ड्राइविंग का अनुभव बहुत बेहतर रहता है।
  2. महान व्युत्पत्ति : इलेक्ट्रिक मोटर इंस्टालमेंट ऑर्केस्ट्रा (टॉर्क) प्रदान करता है, इन्सर्ट्स गैसोलीन व्युत्पत्ति से कहीं बेहतर होता है।
  3. स्मार्ट फीचर्स: इनमें ई-स्कूटर में रिवर्स मूड, पोर्टफोलियो और नेविगेशन जैसे फीचर्स शामिल हैं।

अंतिम फैसला

शुरुआत में इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल की कीमत ₹20,000-₹30,000 ज्यादा होती है, लेकिन मामूली और कम रनिंग कॉस्ट के कारण ये पैसा बजट से दो साल में वसूल हो जाता है। अगर आप लंबी दूरी (40-50 KM) तय करना चाहते हैं और पुराने झंझटों से मुक्ति चाहते हैं, तो बिजली की ओर से एक समझदारी भरा निर्णय लेना होगा।

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