एक्सपोर्ट में भी 40.56% की वृद्धि देखी गई, जिसमें 54,161 इकाइयों का एक्सपोर्ट हुआ, जबकि पिछले साल ये संख्या 38,531 थी। फरवरी 2026 में घरेलू बाजार की बिक्री में हिस्सा 90.45% रहा, जबकि संयुक्त का हिस्सा 9.55% रहा। कुल मिलाकर, कंपनी ने 1,44,902 इकाइयों की अतिरिक्त बिक्री हासिल की, जो बाजार में होंडा की मजबूत स्थिति को दर्शाती है। होंडा के प्रतिष्ठित मॉडल जैसे एक्टिवा क्लासिक और शाइन मोटरसाइकिल ने घरेलू बाजार में प्रमुख भूमिका निभाई है।
मासिक स्तर पर गिरावट
जनवरी 2026 की तुलना में फरवरी की बिक्री में मामूली गिरावट आई है। जनवरी में कुल बिक्री 5,74,411 यूनिट थी, जबकि फरवरी में ये 1.23% की गिरावट के साथ 5,67,351 यूनिट रही। घरेलू बिक्री में 6,389 इकाइयों की कमी (-1.23%) और घरेलू बिक्री में 671 इकाइयों की कमी (-1.22%) दर्ज की गई है। साल-दर-साल की बढ़ोतरी से कंपनी का प्रदर्शन सकारात्मक हो गया है।
लगातार हो रही सेल
वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो, होंडा की कुल बिक्री 58,20,556 यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की 54,04,216 यूनिट से 7.70% अधिक है। घरेलू बाजार में 52,37,169 इकाइयों की बिक्री बढ़ी, जो 6.33% की बढ़ोतरी है, जबकि कुल 5,83,387 इकाइयों की बिक्री 21.80% अधिक है। इस वित्त वर्ष में कुल अतिरिक्त बिक्री 4,16,340 यूनिट रही। घरेलू बाज़ार की हिस्सेदारी 89.98% और प्रतिस्पर्धा की 10.02% रही। ये डॉक्युमेंट्स होंडा एक्सपोर्ट मार्केट में तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
इन ऑफिस से मुकाबला
भारतीय टू-आर्चर बाजार में होंडा की स्टॉक मजबूत बनी हुई है, जहां हीरो मोटोकॉर्प, टीवीएस और बजाज बजाज बड़ी कंपनी बनी हुई हैं। फरवरी की वृद्धि से कंपनी को ईवी खंड में निवेश वृद्धि का प्रोत्साहन मिलेगा। अभी तक इसे ईवी मार्केट से अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आप अपने इलेक्ट्रिक टू-चार्चर्स को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे।
Discover more from News Link360
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
