इलेक्ट्रिक टू- एंकर में टीवीएस, बजाज, हीरो आगे; होंडा सुजुकी पीछे

भारत के इलेक्ट्रिक टू-चार्च बाजार में एक दिलचस्प तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। जहां मोटरसाइकिलों और मोटरसाइकिलों के मामले में जापानी सोसाइटी के बिजनेस चल रहे हैं, वहीं बैटरी से चलने वाले मोटरसाइकिलों की दौड़ में भारतीय ऑटोमोबाइल आगे निकल चले हैं। टीवीएस, बजाज और हीरो जैसे घरेलू ब्रांड अब निवेशकों की पहली पसंद बन रहे हैं, जबकि होंडा और सुजुकी दिग्गज अभी भी स्टॉक एक्सचेंज की कोशिश में हैं।

देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया क्लास (E2W) की मासिक बिक्री अब करीब 1.23 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। इस तेजी से बढ़ते बाजार में टीवीएस मोटर कंपनी (टीवीएस मोटर कंपनी), बजाज ऑटो (बजाज ऑटो) और हीरो मोटोकॉर्प (हीरो मोटोकॉर्प) मिलकर लगभग 60 फीसदी हिस्सेदारी पर हैं।

इन बिल्डरों ने अपने इलेक्ट्रिक मॉडल (टीवी इलेक्ट्रिक आईक्यूब, बजाज चेतक और हीरो वीडिया) के साथ मिलकर मजबूत पहचान बनाई है। टीवीएस रेक और बजाज ने 2020 में ही इलेक्ट्रिक सेगमेंट में कदम रखा था, जबकि हीरो ने 2022 में एंट्री ली थी। प्रारंभिक निवेश और आक्रामक रणनीति का लाभ अब बाज़ार में शेयरों के रूप में मिल रहा है।

एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के निदेशक पुनी गुप्ता का कहना है कि भारतीय बैटरी इलेक्ट्रिक सामान (बीईवी) के दीर्घकालिक भविष्य को लेकर सबसे ज्यादा गिरावट देखी जा रही है। यही विश्वास उन्हें इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी में निरंतर निवेश के लिए प्रेरित कर रहा है। उनके मुताबिक स्ट्रॉन्ग सर्विस नेटवर्क और ऑफ्टर-सेल्स सपोर्ट ने भी बिजनेस का विश्वास बढ़ाया है, खासकर टीवीएस जैसे ब्रांड ने इस प्रमोशन पर बढ़त बनाई है।

होंडा को नहीं मिल रही उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया) ने एक्टिवा ई और क्यूसी1 के साथ इलेक्ट्रिक मार्केट में कदम रखा, लेकिन अब तक बिक्री की उम्मीद नहीं है। वाहन पोर्टल के आंकड़े, पिछले 12 महीनों में कंपनी ने 4,000 से भी कम इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बेचे हैं।

तुलना करें तो टीवीएस तीन दिन में और बजाज पांच दिन से भी कम समय में इतनी बिक्री हासिल कर पाए हैं। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के नोट्स अगस्त 2025 के बाद से एक्टिवा ई या क्यूसी 1 का उत्पादन नहीं हुआ है और सामान्य स्टॉक स्टॉक में पंजीकृत हैं।

लॉन्च के बाद इन दोनों मॉडलों की कुल 11,168 यूनिट का उत्पादन हुआ, जो स्ट्रेंथ सेल के आंकड़ों से लगभग तीन गुना है। बेजोड़ मांग को देखते हुए कंपनी ने अपने स्टार अनुमान में भी बदलाव किया है। 2024 में जहां कंपनी ने 2030 तक अपने पोर्टफोलियो का एक-तिहाई हिस्सा इलेक्ट्रिक होने का पेश किया था, वहीं 2025 की शुरुआत में इसे 20 प्रतिशत कर दिया।

सुजुकी की भी शुरुआत

सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया ने जनवरी 2025 में भारत मोबिलिटी एक्सपो में अपना लोकप्रिय मोटरसाइकिल का इलेक्ट्रिक संस्करण ई-एक्सेस पेश किया था। उत्पादन मई में शुरू हुआ, लेकिन व्यावसायिक बिक्री जनवरी 2026 से शुरू हो पाई।

आंकड़ों के मुताबिक मई से जनवरी के बीच केवल 877 यूनिट का उत्पादन हुआ. वाहन पोर्टल के अनुसार जनवरी और फरवरी में लगभग 489 इकाइयों की खुदरा बिक्री दर्ज की गई। मांग बढ़ाने के लिए कंपनी करीब 20,000 रुपये का फायदा और 18,000 रुपये कीमत का फ्री चार्जर भी दे रही है।

यामाहा की स्वामित्व वाली रणनीति

यामाहा मोटर इंडिया ने शेयरधारक के बजाय सीधे निवेश का विकल्प चुना है। फरवरी की शुरुआत में कंपनी ने ईसी-06 लॉन्च किया था, जो बेंगलुरु की ईवी पिक्चर रिवर मोबिलिटी (नदी गतिशीलता) इंडी प्लेटफॉर्म पर आधारित है। दो साल पहले यामाहा ने रिवर में कश्मीर घाटी थी और अब उसी साझेदारी के जरिए बाजार में कदम रखा है।

रिवर ने फरवरी 2023 में इंडी इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिकल पेश किया था और उसी तकनीक का इस्तेमाल ईसी-06 में किया गया है। इसमें दिखाया गया है कि जापानी व्यापारी निषेध रणनीति के साथ बाजार में प्रवेश कर रहे हैं।

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