बाइक से आ रहा है काला या सफ़ेद दाग? ऐसे छात्रावास 8 KMPL तक और अस्पताल ₹10,000 रिकॉर्ड से

अगर आपकी बाइक का साइलेंसर काला या सफेद धुआं निकल रहा है, तो तुरंत सावधान होने की जरूरत है। ये कोई छोटी समस्या नहीं है, अगर इसे रद्द कर दिया गया तो जेब पर डबल अटैक होगा। एक तरफ पेट्रोल भारी खर्च होगा और दूसरी तरफ पेट्रोलियम पुलिस या आरटीओ प्लांट में भारी मात्रा में भारी मात्रा का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा पीयूसी पर 10,000 रुपये तक का कर्ज लग सकता है. हालाँकि, ऐसे में आपको डरने की ज़रूरत नहीं है। कुछ स्मार्ट टिप्स और ट्रिक्स अपनाकर आप इस समस्या को हल कर सकते हैं और गरीब भी 4-8 किमी प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं। आइये, सभी अभ्यर्थियों को स्टेप-बाय-स्टेप लेना जानते हैं।

सबसे पहली समस्या

इंजन में खरादी से दो तरह का धुंआ होना नासिकानाथ है। इंजन में जिंक की मात्रा और हवा कम होने से (रिच मिक्सचर) जेट में पूरी तरह से नहीं जलता और ब्लैक स्मोक के मिश्रण से होता है। इसके अलावा, ऑयल ऑयल पेट्रोलियम, ऑक्सबेथ रिंग, वॉल्व सील या हेड गैसकेट की समस्या व्हाइट स्मोक मेटल पर होती है। दोनों ही मामलों में पेट्रोल की मात्रा बढ़ती है और प्रदूषण की मात्रा बढ़ती है। आप इस समस्या को मिनटों में ख़त्म कर सकते हैं। आइये, एक-एक करके जान लेते हैं।

1. एयर फिल्टर साफ या छोटा

अधिकतर मामलों में यही मुख्य कारण होता है। बाइक का एयर मेकर्स, अगर पसंद है तो पेट्रोल या पानी से धो लें और अच्छी तरह का सुखकर रूम। नया फिल्टर सिर्फ 150-300 रुपये का आता है. साफ फिल्टर से हवा सही दिशा में, मिक्सचर ठीक होगा, स्मोक बंद होगा और शेष 3-5 किमी प्रति लीटर की बढ़ोतरी होगी।

2. स्पार्क पिक्सेल की जाँच करें और साफ़ करें

सबसे पहले, अगर काला या गाढ़ा है, तो सैंड पेपर से उत्पाद से साफ करें या नया, इसकी कीमत भी 100-150 रुपये के करीब होगी। सबसे खराब से अधूरा जलता है। साफा कंसल्टेंसी से स्टार्टिंग आसान और पेट्रोल की बचत 10-15% तक हो जाती है।

3. कार्बोहाइड्रेट मोटर साइकिल चलाने वालों के लिए साफ़ करें

बाजार से कार्बोनोएक्टर (100-150 रुपये) मिलता है। एयर ऑटोमोबाइल्स परमाणु ऊर्जा की आपूर्ति और 5 मिनट बाद उड़ान भरें। मोटरसाइकिल में पूरी तरह से मोटरसाइकिल में शामिल। इससे सबसे अच्छा संबंध है।

4. इंजन ऑयल चेक और टॉप-अप करें

डिपस्टिक से लेवल देखें। अगर कम है तो ब्रांडेड 10W-30 या 20W-40 (बाइक मॉडल के अकाउंट से) लगवाएं। पुराना तेल कभी नहीं। सबसे ज्यादा तेल पर भी सफेद दाग आता है। ऐसा है, तो तेल कम करो. सही तेल से इंजन लॉज और स्टॉक रुकेगा।

5. टायरों की जांच करें

हर सप्ताह गाड़ी का टायर पोर्टेबल चेक करें। कम मात्रा में इंजन से बड़ी मेहनत की जाती है। सही दस्तावेज़ गाड़ी का मॉडल देखना ही करें। इससे भी 2-3 किमी प्रति लीटर श्रेष्ठतम है। आइए, इसके अलावा कुछ बोनस टिप्स पर एक नजर डालते हैं-

  • अचानक एक्सीलेटर न मारे, चौथा-पांचवे गियर में 60 से 80 किमी/घंटा की गति।
  • गुणवत्तापूर्ण पेट्रोल ही भरण, उत्पादी ईंधन से असावधान।
  • हर 3000-4000 किलोमीटर की यात्रा पर फुल सर्विसिंग करवाएँ।
  • पीयूसी सीमेंट समय पर रिन्यू सिलिकॉन, इससे जुड़ेंगे और इंजन भी स्वस्थ रहेंगे।
  • ओवरलोडिंग और यूनिवर्सल ब्रेकिंग से बचाव।

Source link


Discover more from News Link360

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from News Link360

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading