सड़क सुरक्षा अभियान 2026 टेलीथॉन सड़क एनएचएआई के साथ सुरक्षित सड़कों पर।

नई दिल्ली. पहले वर्ष 2023 में लोगों के प्रति एक सहज और प्रेरक सोच की शुरुआत हुई थी, वह आज एक राष्ट्रवादी राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में उभरे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सहयोग से आयोजित सड़क सुरक्षा अभियान 2026 टेलीथॉन ने अपना मूल उद्देश्य – सभी के लिए सुरक्षित सड़कें – के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से उजागर किया। एक सीमित शुरुआत के रूप में शुरू हुआ यह अभियान अब अपने चौथे संस्करण तक पहुंच गया है और हर साल पहले से अधिक मजबूत हो रहा है।

इस के टेलीथॉन की थीम ‘परवाह से अनुकूलता तक’रही, जो यह संदेश देता है कि सड़क पर चलने वाले दूसरे वर्ष के यात्रियों की सुरक्षा केवल एक विकल्प नहीं है, बल्कि हमारी अनुकूलता है। सड़क सुरक्षा अभियान 2026 के चार मुख्य स्तम्भों पर आधारित है – निर्देश (कायदा), दायित्व (कर्तव्य), सुरक्षा (कवच) और परिवर्तन (क्रांति)।

टेलीथॉन की शुरुआत में अमिताभ ने कहा कि सिद्धांत और कर्तव्यबोध की भावना के बिना प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सड़क सुरक्षा किसी एक व्यक्ति का उत्तरदायित्व नहीं है, इसके लिए सामूहिक जिम्मेदारी आवश्यक है। श्री अमिताभ के अमिताभ जब महान के प्रति सम्मान के साथ जुड़ते हैं, तो हर दिन की आदत बनती है और एक-दूसरे के प्रति कर्तव्य की भावना बन जाती है, जब यह और मूल्य सब धारणा कर लेते हैं, तब एक सुरक्षित और जिम्मेदार भारत का सपना साकार हो सकता है।

इसके बाद श्री नितिन आलम ने सड़कों और राजमार्गों को बेहतर बनाने के लिए MoRTH और NHAI के प्रमुख पहलों की जानकारी दी। इनमें बड़े स्तर पर सुरक्षा उपकरण, बेहतर ढांचागत ढांचागत संरचना, कुशल ऑटोमोबाइल परिचालन कंपनियां और वाणिज्यिक एवं निजी पोर्टफोलियो के लिए सुदृढ़ीकरण शामिल है। इसके अलावा केबिन में एयर कंडीशनिंग और नींद और आराम से बचाव के लिए चार्ट के अलावा सिस्टम प्लांट भी लगाए जा रहे हैं। साथ ही, हर दोपहिया वाहनों के साथ दो मानक मानदंड अनिवार्य किए गए हैं, ताकि सुरक्षा के लिए प्लांट साजी जिम्मेदारी को मंजूरी दी जा सके।

अपने निजी अनुभव को सबके साथ साझा करते हुए अभिनेत्री आलिया भट्ट ने कहा कि सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार केवल अपनी सुरक्षा तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि हम जो भी करते हैं वो दूसरी और आने वाली पीढ़ियां भी प्रभावित होती हैं. परिवार के प्रति प्रेम और चिंता हमें सुरक्षित जीवन की प्रेरणा प्रदान करती है, जिससे सड़क सुरक्षा एक नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए अभिनेता मनोहर कौशल ने कहा कि उनके अहम कारण ओवरटेक करने की कोशिश कभी नहीं की जानी चाहिए।

टेलीथॉन में अन्य प्रोडक्ट्स स्टॉक ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किये। अभिनेता के.के. मेनन ने सही सोच और जागरूकता पर बात की, जबकि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता लेखक स्वानंद किरकिरे ने कहा कि सड़क पर हमारा व्यवहार अगली पीढ़ी से सीखता है। 22 झील में सड़क सुरक्षा अभियान (एसएसए) का एंथम तैयार करने वाले संगीतकार और गायक शंकर महादेवन ने संगीत की ताकत पर प्रकाश डाला, जो सड़क सुरक्षा के संदेश को दिल तक पहुंचाता है।

परिभाषा को एक आयाम नया देते हुए, अनिरुद्ध वर्मा ने संगीत के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश प्रस्तुत किया, जिसने लोगों में संवेदना, निर्देश और जिम्मेदारी की भावना जगाई। उनके संगीतमय कलाकारों ने अभियान के स्मारकों को यादगार अनुभव में बदल दिया।

टेलीथॉन में विभिन्न जिलों के प्रभावशाली व्यक्तित्व ने भी भाग लिया, इस पहल को अपना सक्रिय सहयोग दिया। एडोर पावरट्रॉन के चेयरपर्सन रविन मीरचंदानी ने सड़क सुरक्षा तकनीक और बिल्डिंग में समाधानों की भूमिका पर बात की और इस बात पर जोर दिया कि डेटा-आधारित कुशाग्रता, कुशल प्रणा निरंतर संचार जोखिमों का अनुमान और व्यवहार को प्रभावित करने में किस प्रकार की सहायता कर सकते हैं।

सेव लाइफ फाउंडेशन के प्रमुख ऑफ प्रोग्राम्स डॉ. एलिया जाफर ने खतरे को कम करने के लिए सबसे पहले आवश्यक शर्तें बताईं और जीरो-फेटैलिटी सॉल्यूशंस पर संस्था के प्रकाश डाला, जो अब MoRTH के सहयोग से 100 बड़े खतरे वाले राजमार्गों (जीरो-फैटलिटी कॉरिडोर) और आंशिक (जीरो-फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट्स) में लागू किए जा रहे हैं। सेव लाइफ फाउंडेशन के ट्रस्टी एलेक्स कुरुविला ने सतत जागरूकता और जिम्मेदार सड़क व्यवहार के लिए प्रभावशाली संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। पुस्तक निर्माता चटोरी रजनी ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा साझा कर सड़क सुरक्षा के संदेश को और अधिक मनोरंजक और प्रभावशाली बनाया।

टेलीथॉन का एक जहाज़ और प्रेरणादायक हिस्सा ‘राह-वीर सम्मान’ आ रहा है, जिसमें देश के दुश्मनों पर हमले के दौरान एक आम नागरिक को सम्मानित किया गया है। इन राह-वीरों ने मछली पकड़ने के समय के आगे बराती प्रतिद्वंद्वियों की मदद की और कई बार अपनी जान की परवाह किए बिना जोड़े की जान बचाई। उनका योगदान कर्तव्य, देवता और पुजारी की जगती मिसाल बन गया।

सड़क सुरक्षा अभियान 2026 टेलीथॉन के समापन पर यह संदेश स्पष्ट था कि सुरक्षित सड़कें केवल आधार और आधार से नहीं बनी हैं, बल्कि उन लोगों से बनी हैं जो निर्देश को अपनी आदत तोड़ते हैं, जिम्मेदारी निभाते हैं और जिम्मेदारी निभाते हैं। जब सतर्कता व्यवहार में स्थिरता आती है, तभी एक सुरक्षित और जिम्मेदार भारत की ओर यात्रा शुरू होती है।

इस अभियान से जुड़े और सभी के लिए सुरक्षित सड़क निर्माण के उत्तरदायित्व कार्य।

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