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शिखर धवन ने 2023 सीजन में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए एक पारी में 31 डॉट गेंदें खेलीं यानी 31 गेंदों तक खाता भी नहीं खोल पाए. राजीव गांधी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के मार्को येंसन और मयंक मारकंडे ने बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए धवन को खुलकर नहीं खेलने दिया.

ipl 2023 में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए शिखर धवन ने खेली थी 31 डॉट बॉल
नई दिल्ली. आज के मौजूदा टी-20 के दौर में जहां बल्लेबाज 200 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते है, टीमें लगातार 250 का आकड़ा पारी कर रही है, अंतिम ओवर में 30 रन बनाकर टीमें मैच जीत रही है. कुल मिलाकार आमतौर पर इस लीग को चौकों-छक्कों की बरसात और तेज बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके इतिहास में कुछ ऐसे अनोखे आंकड़े भी दर्ज हैं, जो इस फॉर्मेट की दूसरी सच्चाई उजागर करते हैं.
पर ऐसा हर मैच में होता रहे ये मुमकिन नहीं है कभी कभी बल्लेबाजों को भी इस फटाफट फॉर्मेंट में रन बनाने के लिए जूझना पड़ता है. ऐसा ही ही एक दिलचस्प रिकॉर्ड है एक पारी में सबसे ज्यादा डॉट गेंदें खेलने का, जो यह बताता है कि हर बड़ी पारी की शुरुआत हमेशा धमाकेदार नहीं होती. ये रिकॉर्ड बनाया एक ऐसे बल्लेबाज ने जो खुद टी-20 का धुरंधर खिलाड़ी रहा है.
जब 31 गेंदों तक नहीं बना कोई रन
इस अनोखे रिकॉर्ड के मालिक हैं शिखर धवन उन्होंने 2023 सीजन में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए एक पारी में 31 डॉट गेंदें खेलीं यानी 31 गेंदों तक खाता भी नहीं खोल पाए. राजीव गांधी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के मार्को येंसन और मयंक मारकंडे ने बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए धवन को खुलकर नहीं खेलने दिया. यह आंकड़ा सुनकर भले ही हैरानी हो, लेकिन इस कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट इसके बाद आता है. उसी पारी में धवन ने शानदार वापसी करते हुए 66 गेंदों पर 99 रन ठोक दिए. यह दिखाता है कि टी20 क्रिकेट में धैर्य और टाइमिंग कितनी अहम भूमिका निभाते हैं.
विदेशी खिलाड़ियों की टुक-टुक बल्लेबाजी
विदेशी बल्लेबाजों में यह रिकॉर्ड ड्वेन ब्रावो के नाम दर्ज है, जिन्होंने 12 मई 2009 को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में 30 गेंदें डॉट खेली थीं. उस मैच में ब्रावो ने 59 गेंदों में 70 रन बनाए थे. इस लिस्ट में पूर्व कप्तान एरॉन फिंच और वेस्टइंडीज के पूर्व ओपनर ड्वेन स्मिथ का नाम भी शामिल है. इन दोनों ने ही आईपीएल के एक मैच में 29-29 गेंदें डॉट खेली हैं. वहीं जोस बटलर ने भी एक मुकाबले में 28 गेंदों तक रन नहीं बनाया. यह दर्शाता है कि टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में भी बड़े-बड़े बल्लेबाज कभी-कभी लय पकड़ने में वक्त लेते हैं.
टी-20 में भले ही चौथे गियर में बल्लेबाजी करने की डिमांड हो पर पिच और परिस्थिति के लिहाज से बल्लेबाजी में चेंज करना और मैच को डीप ले जाना ही किसी बैट्समैन को बड़ा बनाती है इसीलिए अभिषेक शर्मा वैभव सूर्यवंशी के दौर में भी के राहुल और रितुराज गायकवाड़ जैसे बल्लेबाज हर टीम की जरूरत होते है जो समय के साथ अपने आपको बदल ले.
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