ओला ने फिर बनाया आग का गोला! लोगों ने सोशल मीडिया पर भड़ास, बोले बैन कर दो

ओला इलेक्ट्रिक इंडियन ऑटो मार्केट में अपने ई-स्कूटर्स के लिए जानी जाती है। शुरुआत में बहुत बढ़िया कस्टमर बेस मिला, लेकिन समय के साथ ओला की कहानी शुरू हो गई। फिर भी आए दिन अनोखे रहस्यों में आग जैसी घटनाओं वाली खबरें आती रहती हैं। इससे ओला की छवि काफी खराब हो गई है और कंपनी को घाटा भी हो गया है।

कुपोषण मामला महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का है। जहां एक ओला इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक में अचानक आग लग गई। ये इवेंट एक स्कूल के बाहर हुआ, जहां एक पिता अपनी तीन साल की बेटी को लेने के लिए इंतजार कर रहे थे. एक विशेष साक्षात्कार में साक्षात् दिखाई दे रहा है कि प्राइवेट से बिल्कुल अलग स्मोक आउट शुरू हो रहा है। अच्छी बात ये है कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ.

लोगों का फूटा गुस्सा

ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर @दप्रयागतिवारी नाम से एक राक्षस ने इस वीडियो को शेयर करते हुए ओला इलेक्ट्रिक बाइक्स पर बैन लगाने की मांग की है। पोस्ट में उन्होंने “बैन ओला इलेक्ट्रिक बाइक” को कई बार दोहराया, जिसमें लोगों की राय बताई गई है।

इस पोस्ट को अब तक हजारों लाइक्स और रीपोस्ट मिल चुके हैं। कई उपभोक्ताओं ने सरकार से कार्रवाई की मांग करते हुए टिप्पणियां कीं। यात्री लिख रहे हैं कि क्यों पता नहीं सरकार इतने सारे केस होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं ले रही। ओला इलेक्ट्रिक ने अभी तक इस ताजा घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। कंपनी के सीईओ भावीश अग्रवाल को कई उपभोक्ताओं ने टैग करते हुए आलोचना की है। कुछ उपभोक्ताओं ने तो ओला को “फ्रॉड कंपनी” तक कहा है।

ओला ही क्यों जल रहा है?

ये कोई पहली घटना नहीं है. ओला इलेक्ट्रिक ग्राहकों में एग लीक्स की बिक्री पहले भी कई बार सामने आ चुकी है। 2022 में पुणे में एक ओला एस1 प्रो क्लाइंट में आग लगने की घटना की जांच सरकार ने की थी। 2023 में केरल में एक जांच के दौरान बैटरी में खराबी पाई गई थी। हाल ही में 2025 में हिमाचल प्रदेश के द्वीप में एक ओला झील में आग लग गई थी। 2024 में कर्नाटक के कलबुर्गी में एक ग्राहक ने शोरूम में ही आग लगा दी थी, हालांकि वह विवाद में पड़ गया था।

इन घटनाओं में इलेक्ट्रिक सामान (ईवी) उद्योग में सुरक्षा मानकों पर बहस जारी है। बैपट्स का कहना है कि इल्लिमिन-आयन बैटरियां ओवरहीटिंग, ओवरचार्जिंग या खराब क्वालिटी के कारण आग पकड़ सकती हैं। इलेक्ट्रिक उपकरणों में आग लगने का मुख्य कारण बैटरी से जुड़े सामान हैं। हालाँकि, कुछ सावधानियाँ बरतकर जोखिम को कम किया जा सकता है।

अपने ई-स्कूटर को कैसे बचाएं

सबसे पहले, हमेशा के लिए ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल किया गया और इसके दौरान ओरिजिनल चार्जर को अटेंड किया गया। ओवरचार्जिंग से लैपटॉप और बैटरी फुल होने पर तुरंत अनप्लग करें। बैटरी को एक्सट्रीम टेंपरेचर से दूर रखें, जैसे कि धूप में या बगल के पास न रखें। पुराने में टेनेन्स और अगर बैटरी में कोई असामान्य गंध, रंग परिवर्तन या डैमेज़ तो इस्तेमाल बंद करें।

काउंटरफिट या भरोसेमंद बैटरीयन न प्रभावित, हमेशा के लिए निर्माता द्वारा एक एंटेनाल्ड बिजनेस शुरू करें। बकायेदारी के समय निजीकरण को ज्वलनशील सामग्री से दूर रखें और कभी भी सॉल्व समय चार्ज न करें। अगर आग लग जाए तो पानी न डालें, बल्कि फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करें या एवीडी फायर ब्लैंकेट का इस्तेमाल करें।

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