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Hardik Pandya on grind behind his rise: 12 के बदले लगाए 15 चक्कर. हार्दिक पंड्या ने मुंबई इंडियंस के मंच से अपनी सफलता का वो ‘खतरनाक’ राज खोला है, जिसने उन्हें एक साधारण बल्लेबाज से दुनिया का नंबर-1 ऑलराउंडर बना दिया. 2024 और 2026 के विश्व विजेता रहे हार्दिक ने बताया कि कैसे रणजी की गलियों से उठकर उन्होंने अपनी ‘एक्स्ट्रा’ मेहनत के दम पर किस्मत की लकीरें बदलीं.

हार्दिक पंड्या शुरुआती दिनों को याद कर हुए इमोशनल.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने फिर साबित किया है कि सफलता रातों-रात नहीं, बल्कि हाड़-तोड़ मेहनत से मिलती है. मुंबई इंडियंस के एक प्रमोशन इवेंट के दौरान 32 वर्षीय पंड्या ने अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष और उस ‘एक्स्ट्रा’ कोशिश की कहानी साझा की, जिसने उन्हें एक साधारण खिलाड़ी से विश्व विजेता बना दिया. हार्दिक पंड्या, जो आज अपनी घातक गेंदबाजी और तूफानी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि वे मूल रूप से केवल एक बल्लेबाज थे.
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) ने कहा, ‘मैं शुरुआत में एकदम शुद्ध बल्लेबाज था. मुझे बस एक बात पता थी जी तोड़ मेहनत. अगर कोच मुझसे मैदान के 12 चक्कर लगाने को कहते, तो मैं अपनी तरफ से 15 चक्कर लगाता था. इसी एक्स्ट्रा कोशिश ने मुझे दूसरों से अलग बनाया.’ हार्दिक का मानना है कि उनकी यही भूख थी जिसने किसी पारखी नजर को उन्हें चुनने पर मजबूर कर दिया. 2013 में बड़ौदा के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करने के ठीक एक साल बाद ही उनकी किस्मत ने पलटी मारी.
हार्दिक पंड्या शुरुआती दिनों को याद कर हुए इमोशनल.
मुंबई इंडियंस की ‘पारखी नजर’ और रणजी का सफर
पंड्या ने मुंबई इंडियंस की टैलेंट सर्च टीम की जमकर तारीफ की. उन्होंने बताया कि जब वे रणजी खेल रहे थे, तब उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि दुनिया की सबसे बड़ी टी20 फ्रेंचाइजी उन पर नजर रख रही है. हार्दिक ने कहा, ‘मुंबई इंडियंस की टीम मुझे विशेष रूप से देखने नहीं आई थी, लेकिन उन्हें मुझमें कुछ ‘खास’ महसूस हुआ. यह दिखाता है कि इस फ्रेंचाइजी का स्काउटिंग सिस्टम कितना शानदार है.’ 2015 में मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल डेब्यू करने के बाद हार्दिक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज वे दुनिया के सबसे महंगे और प्रभावशाली ऑलराउंडर्स में शुमार हैं.
दो बार के वर्ल्ड चैंपियन हैं पंड्या
हार्दिक पंड्या की मेहनत का फल भारत को दो ऐतिहासिक आईसीसी खिताबों के रूप में मिला. वे 2024 टी20 वर्ल्ड कप और हाल ही में संपन्न हुए 2026 टी20 वर्ल्ड कप को जीतने वाली भारतीय टीम के सबसे अहम सदस्य रहे हैं. मुश्किल परिस्थितियों में गेंद और बल्ले दोनों से मैच पलटने की उनकी काबिलियत ने उन्हें टीम इंडिया की ‘रीढ़ की हड्डी’ बना दिया है.
युवाओं को दी ‘सफलता की घुट्टी’
इवेंट के दौरान हार्दिक ने युवाओं को एक कड़ा संदेश दिया. उन्होंने ईमानदारी से स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें नहीं पता था कि शरीर का ख्याल कैसे रखना है या डाइट क्या होती है, लेकिन उन्हें यह पता था कि पसीना कैसे बहाना है. दुनिया इधर की उधर हो जाए, पर उनका भरोसा हमेशा अपनी मेहनत पर रहा है.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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