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Vinod Kambli health update: विनोद कांबली इन दिनों गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. उनके ब्रेन में एक परमानेंट ‘क्लॉट’ है. जिसके कारण डॉक्टरों ने ब्रेन स्ट्रोक की चेतावनी दी है. खराब याददाश्त और शारीरिक असंतुलन के बावजूद, कांबली की इच्छाशक्ति कम नहीं हुई है. जहां सचिन तेंदुलकर और अन्य क्रिकेटर मित्र चुपचाप उनकी आर्थिक मदद कर रहे हैं, वहीं कांबली ने हाल ही में एक विज्ञापन के जरिए एक दशक बाद कैमरे के सामने वापसी की है. उनके स्वास्थ्य को लेकर दुआओं का दौर जारी है.

विनोद कांबली को ब्रेन स्ट्रोक का खतरा.
नई दिल्ली. करीब 18 महीने पहले जब मुंबई में रमाकांत अचरेकर मेमोरियल के अनावरण के दौरान विनोद कांबली सार्वजनिक रूप से नजर आए थे, तो उनकी स्थिति ने सबको झकझोर दिया था. वह लड़खड़ा रहे थे और उन्हें खड़े होने में भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही थी. उनकी इस हालत को देख कपिल देव और सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों ने मदद के हाथ बढ़ाए, जिससे उन्हें कुछ संभलने में मदद मिली. लेकिन, हाल ही में उनके करीबी मित्र मार्कस कूटो द्वारा शेयर की गई जानकारी ने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.
मार्कस कूटो (Marcus Couto) के मुताबिक, ‘विनोद कांबली की वर्तमान स्थिति काफी नाजुक है. उनके ब्रेन में एक क्लॉट (खून का थक्का) है, जिसे अब सर्जरी के जरिए निकालना संभव नहीं है क्योंकि शुरुआती चरणों में जरूरी सावधानियां नहीं बरती गई थीं. कांबली की याददाश्त कमजोर हो रही है. कूटो बताते हैं कि वह बहुत कुछ भूल जाते हैं, हालांकि पिछले छह महीनों में स्थिति और अधिक नहीं बिगड़ी है. जब कभी कोई पुरानी बात उन्हें याद आती है, तो वह खुश होते हैं, अन्यथा चीजें उनके लिए धुंधली हैं.’
विनोद कांबली को ब्रेन स्ट्रोक का खतरा.
डॉक्टर की चेतावनी
सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. आदिल चागला, जो खुद एक पूर्व क्रिकेटर रहे हैं. इस समय वही कांबली का इलाज कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि कांबली की अगली स्थिति ‘ब्रेन स्ट्रोक’ की हो सकती है. दिमाग में इस समस्या के कारण उनके शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है. एक चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि कांबली ने शराब तो छोड़ दी है, लेकिन वह अब भी स्मोकिंग के प्रति आकर्षित हैं. हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक मार्क्स कूटो ने बताया, ‘कभी-कभी जब वह घर से बाहर होते हैं, तो वह राहगीरों या ऑटो ड्राइवरों से सिगरेट मांग लेते हैं. लोग उन्हें ‘महान विनोद कांबली’ समझकर सम्मान में सिगरेट दे देते हैं, लेकिन वे यह नहीं जानते कि वे उनकी मदद नहीं बल्कि उन्हें भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं. अब खतरा उनके दिल या लिवर को नहीं, बल्कि सीधे उनके मस्तिष्क को है.
दोस्तों का सहारा और सचिन की ‘खामोश’ मदद
मुश्किल की इस घड़ी में कांबली अकेले नहीं हैं. उनके दोस्तों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें कई पूर्व क्रिकेटर शामिल हैं. ये दोस्त बिना नाम जाहिर किए कांबली की आर्थिक मदद कर रहे हैं ताकि उनका इलाज और घर का खर्च चल सके. सबसे अहम बात यह है कि उनके बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर भी ‘पर्दे के पीछे’ से उनकी हर संभव मदद कर रहे हैं. कूटो ने पुष्टि की कि जब भी जरूरत होती है, सचिन का सहयोग हमेशा उपलब्ध रहता है. फिलहाल कांबली को एक फिजियोथेरेपिस्ट की सख्त जरूरत है क्योंकि उनके पैरों की ताकत कम हो गई है, जिसकी व्यवस्था अगले हफ्ते तक होने की उम्मीद है.
एक दशक बाद स्क्रीन पर वापसी
इतनी शारीरिक अक्षमताओं के बावजूद, कांबली की इच्छाशक्ति अभी भी बरकरार है. वह लगभग 10 साल बाद पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं.हाल ही में उन्होंने ‘दिनशॉ’स आइसक्रीम’ के लिए एक विज्ञापन शूट किया है. यह शूट मुंबई के माहिम में हुआ. कूटो के अनुसार, विज्ञापन की स्क्रिप्ट कांबली की वर्तमान स्थिति और उम्र को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी. इसमें उन्हें बहुत ही सहज और वास्तविक दिखाया गया है. छह महीने पहले तक जो कांबली घर के फर्नीचर को पकड़कर चलते थे, अब वह एक ‘माउंटेनियरिंग स्टिक’ (पर्वतारोहियों वाली छड़ी) के सहारे खुद चलने लगे हैं. वह इस बदलाव से काफी खुश हैं.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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