दिल्ली सरकार की नई ईवी नीति 2026 लागू है, जिसके अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है, 100% रोड टैक्स और आरक्षण शुल्क में छूट, साथ ही गेराज इंसेंटिव का लाभ मिलेगा। लेकिन इन फ़ायदे का फ़ायदा उठाने के लिए तय समय के लिए कुछ ज़रूरी ऑफ़लाइन ऑफ़लाइन पूरी करना जरूरी है। जानिए आरसी बनने से लेकर डीबीटी के माध्यम से बैंक में रियायती आय तक का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप स्टॉक और जरूरी नियम।
दिल्ली ईवी पॉलिसी में लाभ उठाव का स्टेप-बाय-स्टेप स्टॉक जानें। (एआई छवि)
दिल्ली ईवी नीति 2026 इस महीने से मार्च 2030 तक असरदार हो गया है। सरकार ने इसके लिए करीब ₹15,000 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है, जिसमें 30,000 से ज्यादा ईवी डिवेलपमेंट पॉइंट्स डेवलप करना भी शामिल है। प्लास्टिक में खरीदारी के दौरान प्रोत्साहन, रोड टैक्स और भर्ती शुल्क में पूरी छूट, पुराने कपड़ों को खरीदने पर प्रोत्साहन और फ़ेज़-वाइज़ तरीकों से आईसीई संप्रदाय पर प्रतिबंध जैसे प्रस्ताव हैं।
इस पॉलिस का लक्ष्य 2027 तक 95 प्रतिशत ईवी भर्ती और 2028 से नए पेट्रोल/सीएनजी टू-अंचर्स की भर्ती भी बंद है। डायरेक्ट बेनीफिट पोस्टर (डीबीटी) के माध्यम से एक डेडिकेटेड ऑनलाइन पोर्टल से इंसेंटिव दें, जो सुविधाएं और आसानी दोनों के लिए अच्छा है। आइए जानते हैं कि दिल्ली में नए इलेक्ट्रिकल एलेक्ट्रिकल टाइम किंस स्टेप्स को अपलोड करके सीमांत का पूरा लाभ उठाया जा सकता है।
योग्य मॉडल चुनें
नया इलेक्ट्रिक वाहन बुक करने से पहले सबसे पहले यह जरूर कन्फर्म करें कि आप कौन सा मॉडल खरीद रहे हैं, वह दिल्ली सरकार की मॉडल अप्रूवल कमेटी द्वारा अनुमोदित है या नहीं। सरकार के सिद्धांतों के अनुसार, स्केल के लिए ग्राहकों के लिए पात्रता (पात्रता) की जानकारी अनिवार्य है। ध्यान दें कि केवल ‘पॉयर इलेक्ट्रिक’ गाड़ियाँ ही प्रतिबंधित हैं, हाइब्रिड (हाइब्रिड) सोसायटी पर कोई छूट नहीं है।
वाहन का आरसी जनरेट शाइन
वाहनों के परिवहन विभाग द्वारा उनकी नियुक्ति के बाद। कार डिस्प्ले को 100% रोड टैक्स और सर्च पर छूट मिलेगी। जैसे ही आपके वाहन का नामांकन (RC) आधिकारिक रूप से जनरेट होता है, आपका समय शुरू होता है। सरकार ने एक सख्त सीमा-सीमा तय करने के लिए सीमांत क्लेम तय किया है।
30 दिनों के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर नामांकन करें
वाहन की आरसी जेनरेटर बनने के 30 दिन पहले आपको दिल्ली सरकार के नए डेडिकेटेड ईवी इंसेंटिव पोर्टल पर खरीदार खुद को रजिस्टर करना होगा। पुरानी प्रतिभूतियों के उलट अब आपके लिए फॉर्म नहीं भरेंगे, ये पूरी जिम्मेदारी वाहन मालिक की होगी।
दस्तावेज़ अपलोड कर रियायती दावा करें
पोर्टल पर लॉग-इन करने के बाद अपनी गाड़ी के विवरण (आरसी नंबर, चेसिस नंबर आदि) भरें। यदि आपके पास कोई पुरानी बीएस-IV या पुरानी गाड़ी है जिसका आपने स्क्रैप (स्क्रैप) लिया है, तो ₹1 लाख तक का लेदरेज प्रोत्साहन पाने के लिए उसकी वैध ‘सब्सक्राइबिंग साइट’ भी अपलोड करें। इसके साथ ही अपने आधार कार्ड और बैंक अकाउंट (कैन्सिल्ड चेक/पासबुक) की सही जानकारी दर्ज करें।
सत्यापन और पैसे का स्थान
आपके द्वारा सबमिट किया गया आवेदन की जांच परिवहन विभाग और सार्वजनिक संग्रहालय सिस्टम (पीएफएमएस) द्वारा की जाएगी। आवेदन की तारीख से 60 दिनों के भीतर पूरी तरह से अंतिम चरण में जाने के लिए सभी दिशानिर्देश सही हैं और सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक में (डीबीटी के माध्यम से) क्रेडिट कर दिया जाएगा।
ज़रूरी बात: अगर आप दिल्ली ईवी लाइसेंस 2026 के तहत किसी भी प्रकार की रजिस्ट्रेशन रजिस्ट्रेशन या इंसेंटिव का लाभ कमाते हैं, तो आप अगले 3 साल तक उस वाहन को दिल्ली से बाहरी पोस्टर या री-रजिस्टर करने के लिए ‘नो ऑब्जेक्टिव रजिस्ट्रेशन’ (एनओसी) नहीं ले पाएंगे। सरकार उस पर 3 साल का लॉक-इन एंटरटेनमेंट रखेगी।
लेखक के बारे में
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न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कर्मचारी राम मोहन मिश्रा 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और सहायक ऑटो-एडिटर सहायक बने हुए हैं। वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और विश्वसनीय तरीके से…और पढ़ें
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