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पहले मुकाबले में नबी ने दोनों पारियों में कुल 5 विकेट झटके थे, जिससे यह साफ था कि वह भारतीय टेस्ट टीम के लिए एक मजबूत दावेदार हैं। लेकिन इस मैच में अगर वह विकेट नहीं ले पाते, तो मानो उन्हें फिर से शून्य से शुरुआत करनी पड़ेगी
आकिब नबी को गॉल में दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन नहीं मिली विकेट
नई दिल्ली. आप भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इसी बीच आपको इंडिया ‘ए’ के साथ श्रीलंका दौरे पर जाने का मौका मिलता है ऊपर से गॉल जैसी पिच पर खेलने का अवसर जहां तेज़ गेंदबाज़ों के लिए कुछ खास नहीं होता. ऐसे हालात में आप सिर्फ जम्मू-कश्मीर के तेज़ गेंदबाज़ आकिब नबी के लिए सहानुभूति ही जता सकते हैं, जिन्होंने अपनी काबिलियत साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन दूसरे अनौपचारिक टेस्ट के पहले दिन उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला.
गॉल वो मैदान है जहां कुछ दिनो के बाद भारतीय टीम को टेस्ट मैच खेलना है वहां से सिगनल कुछ खास नहीं मिले क्योंकि दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में के पहले दिन भारतीय गेंदबाज विकेट लेने के लिए तरसते नजर आए. पाटा पिच पर मेजबान बल्लेबाजों ने जमकर बल्लेबाजी की.
नबी का फीका दिन
दिन के अंत तक श्रीलंका ‘ए’ का स्कोर 288/5 था, और औक़िब नबी ने 15 ओवर में 0/50 के आंकड़े दर्ज किए। दूसरी ओर, उनके साथी यश ठाकुर ने 14 ओवर में 2/32 विकेट लिए, जबकि गुरनूर ब्रार ने 14 ओवर में 1/49 का प्रदर्शन किया। महज एक हफ्ते पहले इसी मैदान पर खेले गए पहले मुकाबले में नबी ने दोनों पारियों में कुल 5 विकेट झटके थे, जिससे यह साफ था कि वह भारतीय टेस्ट टीम के लिए एक मजबूत दावेदार हैं। लेकिन इस मैच में अगर वह विकेट नहीं ले पाते, तो मानो उन्हें फिर से शून्य से शुरुआत करनी पड़ेगी कुछ ऐसा ही रहा है अब तक उनका सफर।
आंकड़े जो खुद कहानी कहते हैं
एक तेज़ गेंदबाज़ जिसने अपने पिछले 18 फर्स्ट क्लास मैचों में 104 विकेट लिए हों, उसे खुद को साबित करने के लिए और क्या चाहिए? 2025-26 सीजन में उन्होंने 60 विकेट लेकर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट हासिल किए, जबकि 2024-25 में 44 विकेट के साथ वह सर्वश्रेष्ठ तेज़ गेंदबाज़ रहे, जहां उनका औसत सिर्फ 13.14 था. इन मुकाबलों में उनका स्ट्राइक रेट 29.30 का रहा, जो बेहद प्रभावशाली है. खास बात यह है कि उन्होंने इन 18 मैचों में 13 बार पांच विकेट हॉल भी लिया जो घरेलू क्रिकेट में किसी भी तेज़ गेंदबाज़ द्वारा सबसे ज्यादा है.
साहन अरच्चिगे ने संभाली पारी
मेजबान टीम ने दिन की शुरुआत शानदार तरीके से की. पवनथा वीरसिंघे और सोहन डी लिवेरा ने पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़े. हालांकि दूसरे सत्र में भारतीय गेंदबाज़ों ने कुछ झटके दिए, लेकिन कप्तान साहन अरच्चिगे (83) और अंजला बंडारा (42) ने मिलकर 99 रन की अहम साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. पहले दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 5 विकेट पर 288 रन बना लिए थे.
स्पिनर्स भी नहीं दिखा पाए असर
भारत ‘ए’ के स्पिन गेंदबाज़ भी इस दिन खास प्रभाव नहीं छोड़ सके. ज़ीशान अंसारी ने 0/64 के आंकड़े के साथ सपाट गेंदबाज़ी की, जबकि सारांश जैन 24 ओवर में 2/77 विकेट ही ले सके. दिन का खेल आकिब नबी के लिए भले ही निराशाजनक रहा हो, लेकिन उनके आंकड़े और हालिया प्रदर्शन इस बात की गवाही देते हैं कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं. एक खराब दिन उनके टैलेंट को कम नहीं कर सकता उन्हें बस एक और मौके की जरूरत है, जहां वह फिर से अपनी धार दिखा सकें.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
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