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Sunil Gavaskar 5 big records: बिना हेलमेट वेस्टइंडीज के खूंखार गेंदबाजों का काल बनने वाले ‘लिटिल मास्टर’ सुनील गावस्कर की कहानी तकनीक और अटूट हौसले की मिसाल है. टेस्ट क्रिकेट में पहला 10,000 रन बनाने से लेकर डेब्यू सीरीज में 774 रनों के पहाड़ जैसे रिकॉर्ड तक, गावस्कर ने ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए जिन्हें आज भी सचिन और कोहली जैसे दिग्गज नहीं छू पाए. गावस्कर के वो 5 ऐतिहासिक रिकॉर्ड, जो उन्हें आज भी क्रिकेट इतिहास का निर्विवाद बादशाह बनाते हैं.
सुनील गावस्कर के नाम 5 बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं.
नई दिल्ली. सुनील गावस्कर के नाम 5 बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं. भारतीय क्रिकेट इतिहास में जब भी तकनीक, दृढ़ संकल्प और महानता की बात आती है, तो एक नाम सबसे पहले जेहन में आता है. वह नाम है सुनील मनोहर गावस्कर का. क्रिकेट के मैदान पर जब हेलमेट के बिना खूंखार गेंदबाजों का सामना करना पड़ता था, तब गावस्कर ने अपनी ठोस तकनीक और बेजोड़ एकाग्रता से दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. 1970 और 80 के दशक में वह भारतीय बल्लेबाजी के निर्विवाद बादशाह थे. आज हम सुनील गावस्कर के उन 5 ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स के बारे में बात करेंगे, जो क्रिकेट इतिहास में उनके नाम को हमेशा के लिए अमर कर देते हैं.
एक समय था जब टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन बनाना एक असंभव सपना माना जाता था. लेकिन ‘लिटिल मास्टर’ ने इस मिथक को तोड़कर इतिहास रच दिया. वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 10,000 रनों का आंकड़ा छूने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने. उनसे पहले कोई भी बल्लेबाज इस जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच सका था. सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि मार्च 1987 में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए एक मैच के दौरान हासिल की थी. उनके इस रिकॉर्ड ने दुनिया को दिखाया कि लगातार रन कैसे बनाए जाते हैं और इसने आने वाली पीढ़ियों (जैसे सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़) के लिए एक नया रास्ता खोल दिया.
सुनील गावस्कर के नाम 5 बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं.
गावस्कर ने डेब्यू टेस्ट सीरीज में बनाए सबसे ज्यादा 774 रन
सुनील गावस्कर ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर की शुरुआत किसी सपने जैसी की थी. उन्होंने 1970-71 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी ही धरती पर अपना टेस्ट डेब्यू किया. उस दौर में वेस्टइंडीज को उनके घर में खेलना किसी बुरे सपने जैसा था, लेकिन गावस्कर ने वहां रन-मशीन बनकर सबको हैरान कर दिया. उन्होंने उस डेब्यू सीरीज के 5 में से चार टेस्ट मैचों में 774 रन बनाए. इस दौरान उनकी बल्लेबाजी औसत 154.80 रही. उनके बल्ले से चार शतक और तीन अर्धशतक निकले. उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 220 रन रहा. यह रिकॉर्ड आज भी इतना मजबूत है कि पांच दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दुनिया का कोई भी बल्लेबाज अपनी पहली टेस्ट सीरीज में इतने रन नहीं बना सका है.
टेस्ट मैचों में 100 कैच पकड़ने वाले पहले भारतीय फील्डर हैं गावस्कर
अक्सर लोग गावस्कर को केवल उनकी बल्लेबाजी के लिए याद करते हैं, लेकिन वह अपने समय के सबसे चतुर और भरोसेमंद फील्डरों में से एक थे. विशेष रूप से स्लिप और क्लोज-इन पोजीशन पर उनकी पकड़ लाजवाब थी. वह टेस्ट क्रिकेट में (एक गैर-विकेटकीपर के रूप में) 100 कैच लपकने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने. हालांकि, उनके बाद कई भारतीय फील्डरों ने इस आंकड़े को पार किया है, लेकिन इस खास मील के पत्थर तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी के रूप में गावस्कर का नाम इतिहास में दर्ज रहेगा.
सबसे तेज 5000 टेस्ट रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं लिटिल मास्टर
सुनील गावस्कर के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है जिसे आधुनिक युग के महानतम भारतीय बल्लेबाज जैसे सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ या विराट कोहली भी नहीं तोड़ पाए हैं. वह आज भी सबसे तेज 5000 टेस्ट रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं. अगर वैश्विक स्तर की बात करें, तो सबसे तेज 5000 टेस्ट रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में गावस्कर चौथे स्थान पर आते हैं. उनसे आगे केवल सर डॉन ब्रैडमैन जैसे सर्वकालिक महान खिलाड़ी हैं. यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि गावस्कर न केवल लंबी पारियां खेलते थे, बल्कि अपने करियर के चरम पर वह किस कदर निरंतर थे.
वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा 13 टेस्ट शतक गावस्कर के नाम
1970 और 1980 के दशक की वेस्टइंडीज टीम क्रिकेट इतिहास की सबसे खतरनाक टीमों में से एक थी. मैल्कम मार्शल, जोएल गार्नर, एंडी रॉबर्ट्स और माइकल होल्डिंग जैसे तेज गेंदबाजों की चौकड़ी बल्लेबाजों के दिलों में खौफ पैदा करती थी. बिना हेलमेट के उनकी बाउंसर्स का सामना करना जान जोखिम में डालने जैसा था. लेकिन गावस्कर को वेस्टइंडीज की चुनौती सबसे ज्यादा रास आती थी. उन्होंने कैरेबियाई टीम के खिलाफ अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. गावस्कर के नाम वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा 13 टेस्ट शतक लगाने का अटूट रिकॉर्ड दर्ज है. दशकों बीत जाने के बाद भी आज तक कोई बल्लेबाज इस रिकॉर्ड के आसपास भी नहीं पहुंच पाया है.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें
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