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साल 2025 ईशान किशन के करियर का वो पन्ना है, जिसने इंग्लिश गेंदबाजों के मन में उनका खौफ पैदा कर दिया उन्होंने नॉटिंघमशायर काउंटी क्रिकेट क्लब की जर्सी पहनकर इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को खिलौना बना दिया. जहां बड़े-बड़े एशियाई बल्लेबाज स्विंग और सीम के सामने घुटने टेक देते हैं, वहां ईशान ने अपनी कड़क तकनीक और बेखौफ आक्रामकता से रनों का अंबार लगा दिया
2025 में नॉटिंघम के लिए काउंटी क्रिकेट केल चुके ईशान किशन के अनुभव का टीम इंडिया को मिलेगा फायदा
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के सबसे खूंखार विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इस समय गेंदबाजों के लिए काल बने हुए हैं. जब ईशान जैसी तबाही मचाने वाली फॉर्म में हों, तो दुनिया का कोई भी मैदान विरोधी टीम को सुरक्षित नहीं रख सकता लेकिन इंग्लैंड का ऐतिहासिक ‘ट्रेंट ब्रिज’ मैदान तो उनके लिए शिकार का पुराना अड्डा है. साल 2025 के काउंटी सीजन में नॉटिंघमशायर के लिए खेलते हुए ईशान ने जो गदर मचाया था, उसकी गूंज आज भी वहां सुनाई देती है. यही वजह है कि आगामी जंग में नॉटिंघम के मैदान पर उतरना उनके लिए बिल्कुल वैसा ही होगा, जैसे वो अपने घर राँची के जेएससीए स्टेडियम में विरोधियों की धज्जियां उड़ा रहे हों.
मौजूदा फॉर्म में चल रहे ईशान किशन के पास न सिर्फ गेंदबाजों को रिमांड पर लेने की काबिलियत है, बल्कि ट्रेंट ब्रिज की नस-नस का अनुभव भी है. जब टीम इंडिया इस मैदान पर कदम रखेगी, तो ईशान किशन विरोधी टीम के हौसले पस्त करने के लिए सबसे बड़े हथियार होंगे. राँची की कड़क मिजाज मिट्टी से लेकर नॉटिंघम की हरी घास तक का यह सफर ईशान को एक ऐसा आत्मविशवास देता है, जो सामने खड़ी किसी भी चुनौती को नेस्तनाबूद करने के लिए काफी है.
ट्रेंट ब्रिज बना ईशान किशन का ‘दूसरा घर’
साल 2025 ईशान किशन के करियर का वो पन्ना है, जिसने इंग्लिश गेंदबाजों के मन में उनका खौफ पैदा कर दिया उन्होंने नॉटिंघमशायर काउंटी क्रिकेट क्लब की जर्सी पहनकर इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को खिलौना बना दिया. जहां बड़े-बड़े एशियाई बल्लेबाज स्विंग और सीम के सामने घुटने टेक देते हैं, वहां ईशान ने अपनी कड़क तकनीक और बेखौफ आक्रामकता से रनों का अंबार लगा दिया. ट्रेंट ब्रिज की रफ्तार और उछाल भरी पिचों पर उन्होंने घंटो पसीना बहाया है. अब वह यहां की हवा, मिजाज और स्विंग के रग-रग से वाकिफ हैं। नॉटिंघम का यह मैदान उनके लिए राँची जैसा ही घरेलू और आसान बन चुका है.
पिच के ‘मास्टरमाइंड’: प्लेइंग इलेवन के सबसे बड़े हथियार
ईशान किशन का यह अनुभव सिर्फ उनकी खुद की बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रहने वाला है. ट्रेंट ब्रिज की पिच किस दिन, किस ओवर में क्या रंग बदलेगी, इसका पूरा कच्चा-चिट्ठा ईशान की जेब में है. मैच के दौरान पिच कब टर्न लेगी या तेज गेंदबाजों को कब मदद मिलेगी, ईशान इन सभी रणनीतिक कड़ियों के उस्ताद हैं. भारतीय टीम मैनेजमेंट और कप्तान के लिए ईशान किशन प्लेइंग इलेवन और चक्रव्यूह तैयार करने में सबसे बड़े ट्रंप कार्ड साबित होंगे. टॉस के फैसले से लेकर गेंदबाजी के बदलाव तक, ईशान की सटीक जानकारी टीम इंडिया को सीधा जीत की दहलीज पर ले जाएगी.
पुजारा और पृथ्वी शॉ की विरासत के असली वारिस
नॉटिंघमशायर के लिए खेलकर ईशान किशन ने एक बेहद खास और एलीट क्लब में अपनी धाक जमाई है. वह इस ऐतिहासिक काउंटी क्लब का प्रतिनिधित्व करने वाले महज तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं. उनसे पहले भारत के ‘द वॉल’ कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा और गेंदबाजों के परखच्चे उड़ाने वाले पृथ्वी शॉ भी इस टीम से काउंटी क्रिकेट खेलकर लोहा मनवा चुके है. पुजारा और शॉ ने नॉटिंघम में भारतीय बल्लेबाजी का जो परचम लहराया था, ईशान किशन अब उसी आक्रामक विरासत को एक कदम आगे ले जाने के लिए तैयार हैं.
ट्रेंट नदी का किनारा: गेंदबाजों का घमंड तोड़ेंगे ईशान
नॉटिंघम का ट्रेंट ब्रिज स्टेडियम अपनी खूबसूरती और खतरनाक मिजाज के लिए जाना जाता है. ‘ट्रेंट नदी’ के ठीक किनारे बसे होने के कारण यहां के मौसम में भारी नमी रहती है. इस ठंडी हवा और नमी की वजह से गेंद हवा में आग उगलती है और तेज गेंदबाजों का यहां राज चलता है लेकिन विरोधी गेंदबाज यह भूल रहे हैं कि ईशान किशन इसी माहौल में ढलकर कुंदन बने हैंवह इन तेज और स्विंग होती गेंदों को बाउंड्री पार पहुंचाना अच्छी तरह जानते हैं.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
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