14 जुलाई को आषाढ़ अमावस्या है। चूंकि ये अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ी है, इसलिए ये भौमवती अमावस्या कहलाएगी। सोमवती अमावस्या की तरह ही इस अमावस्या का भी विशेष महत्व माना जाता है। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 13 जुलाई 2026 की शाम 06:49 बजे होगा और इसका समापन 14 जुलाई की दोपहर 03:12 बजे होगा। धर्म ग्रंथों अनुसार ये अमावस्या पितरों की शांति, तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। साथ ही इस दिन गंगा स्नान और दान का भी विशेष महत्व होता है। चलिए पंचांग से जानते हैं अमावस्या के शुभ मुहूर्त समेत दिन के अन्य मुहूर्त और राहुकाल टाइम।
भौमवती अमावस्या मुहूर्त 2026
भौमवती अमावस्या के दिन स्नान-दान का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजे से शुरू होकर सुबह 9 बजे तक रहेगा। इसके बाद शाम में दान का मुहूर्त 5 बजे से 7 बजे तक रहेगा।
14 जुलाई 2026 के अन्य शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त – 04:11 AM से 04:52 AM
- प्रातः सायंकाल – प्रातः 04:31 से प्रातः 05:33 तक
- अभिजित मुहूर्त -11:59 AM से 12:55 PM
- विजय मुहूर्त – 02:45 PM से 03:40 PM
- गोधूलि मुहूर्त – 07:20 PM से 07:40 PM
- सायं सायं – 07:21 PM से 08:22 PM तक
- अमृत काल – 10:01 पी एम से 11:27 पी एम
- निशिता मुहूर्त – 12:07 AM, जुलाई 15 से 12:48 AM, जुलाई 15
14 जुलाई 2026 के अशुभ मुहूर्त
- यमगण्ड – 09:00 AM से 10:43 AM
- गुलिक काल – 12:27 PM से 02:10 PM
- वर्जित- दोपहर 01:30 बजे से दोपहर 02:55 बजे तक
- बाण मृत्यु – 09:27 पी एम से पूर्ण रात्रि तक
- दुर्मुहूर्त – 08:18 AM से 09:14 AM और 11:26 PM से 12:07 AM, जुलाई 15
शहर अनुसार राहुकाल मुहूर्त 14 जुलाई 2026
- दिल्ली- दोपहर बाद 03:54 से शाम 05:37 तक
- मुंबई- शाम 04:02 से शाम 05:41 तक
- चंडीगढ़- दोपहर बाद 03:58 से शाम 05:43 तक
- लखनऊ- दोपहर बाद 03:37 से शाम 05:20 तक
- भोपाल- दोपहर बाद 03:47 से शाम 05:28 तक
- कोलकाता- दोपहर बाद 03:03 से शाम 04:44 तक
- अहमदाबाद- शाम 04:06 से शाम 05:47 तक
- चेन्नई- दोपहर बाद 03:27 से शाम 05:03 तक
राहुकाल में कुछ भी शुभ काम करने से मना किया जाता है।
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