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2026 में कावड़ यात्रा कब से शुरू हो रही है? जानिए कौन था दुनिया का पहला कावड़िया

Ajay Kumar Verma
By Ajay Kumar Verma On July 14, 2026
2 min read 1.2k views

हाइलाइट

  • कावड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी।
  • कावड़ जल चढ़ाने के लिए सावन शिवरात्रि का दिन सबसे खास होता है, इस बार ये शिवरात्रि 11 अगस्त को पड़ रही है।
  • पौराणिक कथाओं में भगवान परशुराम को दुनिया का प्रथम कावड़िया माना जाता है।

कावड़ यात्रा केवल एक सामान्य यात्रा नहीं है, बल्कि ये तपस्या, भक्ति और श्रद्धा की वह गाथा है जो सदियों से चली आ रही है। सावन महीने में शिव भक्त कावड़ लेकर पवित्र तीर्थस्थलों से गंगाजल लेने के लिए निकलते हैं। फिर इस पवित्र जल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है। कहते हैं सावन महीने में किए जाने वाला यह धार्मिक अनुष्ठान भगवान शिव के ओर भी ज्यादा करीब ले जाता है। कई श्रद्धालु किसी विशेष कामना की पूर्ति के लिए भी कावड़ यात्रा पर जाते हैं। वैसे तो ये यात्रा पूरे महीने चलती है, लेकिन ज्यादातर श्रद्धालु केवल श्रावण शिवरात्रि तक ही ये यात्रा करते हैं। दरअसल सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक करने का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। इसी कारण से कावड़िए अपना कावड़ जल इसी पवित्र दिन पर चढ़ाते हैं।

कावड़ यात्रा कब से कब तक चलेगी 2026

कावड़ यात्रा 30 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। लेकिन मुख्य कावड़ यात्रा 11 अगस्त 2026 तक ही चलेगी क्योंकि इस दिन सावन शिवरात्रि है। ज्यादातर श्रद्धालु श्रावण शिवरात्रि पर ही शिवलिंग का जलाभिषेक करके अपनी कावड़ यात्रा का समापन कर देते हैं।

कावड़ जल चढ़ाने का मुहूर्त 2026

वैसे तो आप सावन में कभी भी कावड़ जल चढ़ा सकते हैं। लेकिन अगर सबसे शुभ दिनों की बात की जाए तो सावन सोमवार, नाग पंचमी और सावन शिवरात्रि का दिन इस कार्य के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। वैसे ज्यादातर श्रद्धालु सावन शिवरात्रि पर कावड़ जल चढ़ाते हैं। इस साल सावन की शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी और इस दिन कावड़ जल चढ़ाने का मुहूर्त दिन भर मौजूद रहेगा।

तारछवि स्रोत: इंडिया टीवीकिसने की कावड़ यात्रा की शुरुआत

कौन था दुनिया का पहला कावड़िया?

जब भी कावड़ यात्रा की शुरुआत होती है तो मन में एक सवाल जरूर आता है, कि आखिर किसने इस यात्रा की शुरुआत की थी। तो आपको बता दें इस यात्रा के प्रारंभ से जुड़ी कई कथाएं मौजूद हैं। जो इस प्रकार हैं…

  1. त्रेतायुग में भगवान परशुराम ने उठाई थी सबसे पहली कावड़ – पौराणिक कथाओं में भगवान परशुराम को दुनिया का प्रथम कावड़िया माना जाता है। कहते हैं उन्होंने ही सबसे पहले गढ़मुक्तेश्वर से पवित्र गंगाजल लाकर उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित पुरा महादेव मंदिर में शिव का जलाभिषेक किया था। जिसके बाद से कावड़ यात्रा का प्रारंभ हुआ था। ये कावड़ यात्रा के प्रारंभ की सबसे प्रचलित कथा मानी जाती है।
  2. श्रवण कुमार ने की थी कावड़ यात्रा – लोक कथाओं अनुसार श्रवण कुमार अपने नेत्रहीन माता-पिता को कावड़ में बिठाकर यात्रा पर निकले थे और साथ में उन्होंने गंगाजल का पात्र भी रखा था। इसे भी कावड़ यात्रा का प्रारंभ माना जाता है।
  3. रावण की कावड़ यात्रा – एक कथा अनुसार लंकापति रावण ने भी कावड़ यात्रा की थी। मान्यता अनुसार जब समुद्र मंथन से निकले विष के प्रभाव से भगवान शिव का शरीर जलने लगा था, तब रावण ने कावड़ में गंगाजल भरकर उनका अभिषेक किया था। जिससे भगवान शिव को शीतलता प्राप्त हुई थी। कहते हैं इसी के बाद से कावड़ यात्रा की शुरुआत हुई थी।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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