राहु को ज्योतिष में छाया ग्रह की संज्ञा दी गई है और साथ ही यह एक क्रूर ग्रह भी है। ज्यादातर लोगों के मन में राहु को लेकर यह विचार बैठा हुआ है कि ये हमेशा ही बुरे परिणाम देगा लेकिन ऐसा नहीं है। राहु कुछ स्थितियों में अच्छा भी साबित होता है और व्यक्ति को राजयोग जैसे परिणाम दिला सकता है। राहु की कुंडली में कुछ विशेष स्थितियां दशा और अंतर्दशा के दौरान शुभ परिणाम दिलाती है। ‘भावार्थ रत्नाकर’ ग्रंथ की मानें तो दशम, एकादश भाव में बैठा राहु बेहद शुभ परिणाम दशा, अंतर्दशा के दौरान दे सकता है। जिन लोगों की कुंडली में गुरु इन भावों में होता है वो रातों-रात राहु की दशाओं में बड़ी ऊंचाइयां छू सकते हैं। आइए अब विस्तार से जानते हैं।
इन भावों में बैठा राहु दशा-अंतर्दशा के दौरान देता है शुभ फल
यदि हम चतुर्थ अथवा पंचम भाव में स्थित हों तो राज्य प्राप्ति का योग बनता है
राहु दशम और दशम भाव में राजयोग प्रदान करता है।
यह श्लोक ‘भावार्थ रत्नाकर’ ग्रंथ के राजयोग अध्याय में वर्णित है। इस श्लोक का अर्थ है यदि राहु दशम, एकादश, चतुर्थ अथवा पंचम भाव में विराजमान हो तो अपनी दशा और अंतर्दशा में राजयोग जैसा परिणाम देता है। हालांकि, साथ में यह भी देख लेना चाहिए कि किसी दुश्मन ग्रह की दृष्टि राहु पर न पड़ रही हो। अगर सूर्य, चंद्र जैसे ग्रह राहु को देखते हैं फल थोड़े कमजोर हो सकते हैं।
कुंडली में चतुर्थ भाव में राहु
चौथे भाव में स्थित राहु भौतिक सुख और संपत्ति जातक को दिलाने वाला माना जाता है। अगर मित्र राशि में है तो स्थितियां और भी अनुकूल हो जाती हैं। ऐसे लोग घर से दूर रहकर सफलता पाते हैं। राजनीति और आयात-निर्यात के क्षेत्र में ऐसे जातकों को ऊंचा मुकाम प्राप्त हो सकता है। जिन लोगों की कुंडली में चतुर्थ भाव में राहु होता है उन्हें राहु की दशा और अंतर्दशा के दौरान बेहतरीन परिणाम प्राप्त होने की संभावना रहती है। हालांकि ऐसे लोगों को माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए और साथ ही मानसिक शांति के लिए योग ध्यान करना चाहिए।
कुंडली के पंचम भाव में राहु
पंचम भाव में बैठा राहु व्यक्ति को कल्पनाशील बनाता है। ऐसे लोग रिसर्च के क्षेत्र में जबरदस्त सफलता पा सकते हैं। ऐसे लोगों में जुनून देखने को मिल सकता है। अप्रत्याशित धन लाभ के योग भी ऐसे में बन सकते हैं। यहां बैठा राहु भी दशा-अंतर्दशा में शुभ परिणाम प्रदान करता है। हालांकि ऐसे लोगों को प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है और साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी रुकावटें आ सकती हैं। इसलिए राहु से जुड़े उपाय भी ऐसे लोगों को करने चाहिए।
कुंडली के दशम भाव में राहु
दशम भाव का राहु व्यक्ति को बेहद साहसी बनाता है। ऐसे लोग कुछ नया खोज सकते हैं। तकनीकी क्षेत्र में भी इनको सफलता मिलने के योग होते हैं साथ ही मीडिया के क्षेत्रों में भी उच्च पद पर ये पहुंच सकते हैं। ऐसे लोगों को बेहद साहसी और रिस्क लेने वाला माना जाता है। ऐसे लोग घर से ज्यादा समाज के बीच रहना पसंद कर सकते हैं। हालांकि ऐसे लोगों को वाद-विवाद की स्थिति से बचना चाहिए। जिन लोगों की कुंडली के दशम भाव में राहु होता है उन्हें राहु की दशा-अंतर्दशा में बेहद शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
कुंडली के दशम भाव में राहु
कुंडली के एकादश भाव में राहु हो तो व्यक्ति को अप्रत्याशित लाभ मिल सकता है। ऐसे लोग विदेशी कारोबार, तकनीक और शेयर बाजार से पैसा बना सकते हैं। ऐसे लोगों का सामाजिक दायरा बहुत बड़ा हो सकता है। ये लोग लक्ष्य निर्धारित करते हैं और उसे पाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। ऐसे लोग भीड़ से अलग अपनी पहचान बनाते हैं। हालांकि ऐसे लोग गलत संगति में भी फंस सकते हैं इसलिए इनको गलत संगति से बचकर रहना चाहिए।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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