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आपका किचन वास्तु के अनुसार ठीक है या नहीं, इन बातों का रखा गया है ध्यान? अभी चेक कीजिए

Ajay Kumar Verma
By Ajay Kumar Verma On July 28, 2026
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घर का किचन सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं, बल्कि पूरे परिवार के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि से भी जुड़ा माना जाता है। क्योंकि यहीं पूरे परिवार के लिए भोजन तैयार किया जाता है। अगर आप नया किचन बनवाने की योजना बना रहे हैं तो वास्तु के इन नियमों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।

रसोई की सही दिशा का महत्व

वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोईघर में अग्नि तत्व का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है। सही दिशा में बनी रसोई न केवल खाना बनाने के काम को आसान बनाती है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में भी सहायक है। वहीं गलत दिशा में किचन होने से वास्तु दोष की मान्यता जुड़ी हुई है।

  1. अग्रणी कौन: वास्तु के अनुसार रसोईघर के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्रेय कोण को सबसे शुभ माना जाता है। इस दिशा का संबंध अग्नि तत्व से होता है। इस दिशा में किचन होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। गैस चूल्हे को भी इसी दिशा में रखना शुभ माना जाता है।
  2. चूल्हे की दिशा: गैस चूल्हे की स्थिति इस तरह रखनी चाहिए कि खाना बनाने वाले का चेहरा पूर्व दिशा की ओर रहे। साथ ही चूल्हे को ऐसी जगह नहीं रखना चाहिए जहां वह सीधे घर के मुख्य दरवाजे से दिखाई दे।
  3. सिंक और चूल्हे में दूरी: वास्तु में जल और अग्नि तत्व को एक-दूसरे का विरोधी माना है। इसलिए किचन में सिंक और गैस चूल्हे के बीच पर्याप्त दूरी रखना जरूरी है। सिंक और वाटर प्यूरिफायर के लिए उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा को बेहतर माना जाता है।
  4. वेंटिलेशन: रसोईघर की खिड़कियां पूर्व या दक्षिण दिशा में होना शुभ माना जाता है। अगर किचन में दो खिड़कियां हैं तो क्रॉस वेंटिलेशन के लिए छोटी खिड़की को बड़ी खिड़की के सामने बनाया जा सकता है।
  5. किचन के दरवाजे: किचन का दरवाजा दक्षिणावर्त दिशा में खुलना शुभ माना जाता है। अगर रसोई में दो दरवाजे हैं तो उत्तर या पश्चिम दिशा वाले दरवाजे को खुला रखना बेहतर माना जाता है। एक-दूसरे के आमने-सामने दो दरवाजे बनाने से बचें।
  6. न रखें ज्यादा सामान: रसोई में जरूरत से ज्यादा सामान रखने से बचना चाहिए। अव्यवस्थित किचन नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है। किचन को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना जरूरी है।
  7. बाथरूम और किचन साथ न बनाएं: वास्तु अनुसार बाथरूम और किचन को एक साथ नहीं बनाना चाहिए। इससे जल और अग्नि तत्व के टकराव से घर की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।
  8. इन दिशाओं से करें परहेज: वास्तु अनुसार उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और घर के बिल्कुल मध्य भाग में किचन बनाना सही नहीं माना जाता। इन स्थानों पर किचन होने से घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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